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कांग्रेस में राहुल Vs प्रियंका? रेहान वाड्रा के मामले में ‘मामा’ की चुप्पी से उठे सवाल, खींचतान का दावा!
रेहान वाड्रा के मामले में राहुल गांधी की चुप्पी पर BJP ने सवाल उठाए. BJP ने दावा किया कि रेहान वाड्रा की बीकानेर हाउस में लगी आर्ट एग्जिबिशन को लेकर कांग्रेस के भीतर खींचतान चल रही है.
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गांधी परिवार के लाडले रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने के मामले में कांग्रेस केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है. आरोप है कि बीकानेर हाउस के फैसला सरकार के दबाव में लिया गया है. वहीं, अब इस पर BJP ने जवाब दे दिया है और इस मामले में कांग्रेस के बीच ही खींचतान का दावा किया.
भारतीय जनता पार्टी ने रेहान वाड्रा के मामले में राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए. BJP ने दावा किया कि रेहान वाड्रा की बीकानेर हाउस में लगी आर्ट एग्जिबिशन को लेकर कांग्रेस के भीतर खींचतान चल रही है. BJP का कहना है कि प्रदर्शनी से कुछ तस्वीरें हटाए जाने के मामले पर राहुल गांधी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है. इसे लेकर BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा,
‘प्रियंका वाड्रा की पूरी कोशिश एक विवाद खड़ा करके अपने बेटे को 'सॉफ्ट लॉन्च' करने की थी. उन्हें अब राहुल गांधी पर कोई राजनीतिक भरोसा नहीं रह गया है.’
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भंडारी ने आगे लिखा, राहुल गांधी, जो वियतनाम से हर छोटे-बड़े मुद्दे पर ट्वीट कर रहे हैं, उन्होंने अब तक रेहान वाड्रा के समर्थन में खुलकर एक भी ट्वीट नहीं किया है. कांग्रेस के भीतर अब प्रियंका बनाम राहुल की स्थिति है.
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Rehan Vadra's letter to Bikaner House exposes the Lie of Priyanka Vadra & Congress party! Rehan Vadra's email to Bikaner House dated 10 June & the proposal he sent to Bikaner House in the same mail had him declare the exhibition containing themes of nature, wildlife, artwork, sculpture! No Political content! To this Bikaner House accepted the proposal on 30 th June by reverting on the email! Rehan was aware of the booking guidelines, this is is why his initial exhibition idea which he was working since 3 years had no political content! Under pressure of his family for a political launch, the political photographs were inserted later on to which Bikaner House reverted asking for removal on 21st October 2026! Priyanka Vadra's entire attempt was to soft launch her son by manufacturing a controversy. She has lost political faith in Rahul Gandhi! Rahul Gandhi who from Vietnam is tweeting on every issue under the son, has till now not openly done a single tweet in favor of Rehan Vadra. Its Priyanka vs Rahul in Congress!
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 23, 2026
रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी पर उठाए सवाल
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प्रदीप भंडारी ने रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 70 फोटो हटाए जाने के विवाद पर भी पार्टी की ओर से पक्ष रखा. उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया. उन्होंने लिखा, बीकानेर हाउस को लिखे रेहान वाड्रा के पत्र ने प्रियंका वाड्रा और कांग्रेस पार्टी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया है.
10 जून को बीकानेर हाउस को भेजे गए ईमेल और उसी ईमेल में शामिल प्रस्ताव में, रेहान वाड्रा ने बताया था कि प्रदर्शनी में प्रकृति, वन्यजीव, कलाकृतियों और मूर्तिकला से जुड़ी चीजें होंगी, इसमें कोई राजनीतिक सामग्री नहीं थी. इस पर बीकानेर हाउस ने 30 जून को ईमेल का जवाब देते हुए प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था.
प्रदीप भंडारी ने कहा, रेहान को बुकिंग के नियमों की जानकारी थी, इसीलिए उनकी प्रदर्शनी के शुरुआती विचार में जिस पर वे 3 वर्षों से काम कर रहे थे, कोई राजनीतिक सामग्री नहीं थी. अपने परिवार के दबाव में आकर, राजनीतिक लॉन्च के लिए बाद में इसमें राजनीतिक तस्वीरें जोड़ दी गईं. इस पर बीकानेर हाउस ने 21 अक्टूबर 2026 को जवाब देते हुए इन तस्वीरों को हटाने के लिए कहा.
क्या है रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से जुड़ा मामला?
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प्रियंका गांधी के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' रखा है. इसका प्रिव्यू बुधवार को आयोजित किया गया, जबकि गुरुवार से इसे आम लोगों के लिए खोला गया. यह प्रदर्शनी रविवार तक चलने वाली है. इसमें वन्यजीवों की फोटोग्राफी, अमूर्त कलाकृतियों और भारत में युवाओं के हालिया आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरों को शामिल किया गया था. विवाद तब शुरू हुआ जब एग्जीबिशन से 100 में से 70 फोटो हटाई गईं.
रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी के लिए शुरुआत में 100 से ज्यादा तस्वीरें रखी गई थीं. इनमें से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटानी पड़ीं और करीब 40 तस्वीरें ही प्रदर्शित की जा सकीं. उनका कहना है कि हटाई गई तस्वीरें पिछले छह महीनों के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों का दृश्य दस्तावेजीकरण थीं. उनके अनुसार, इन तस्वीरों के जरिए किसी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करना या कोई राजनीतिक संदेश देना उद्देश्य नहीं था.
प्रियंका गांधी ने इस कदम को बेतुका बताते हुए अधिकारियों पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था, आज उनके साथ ऐसा हुआ है, कल किसी दूसरे कलाकार के साथ होगा. प्रियंका के इस दावे पर प्रदीप भंडारी ने कहा था, 'प्रियंका वाड्रा, बेटे को राजनीति में उतारने के दूसरे तरीके भी हो सकते हैं, लेकिन कम से कम तिरंगे की आड़ में झूठ बोलना बंद कीजिए.’ उन्होंने कहा, 'बीकानेर हाउस की एक नीति है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी प्रदर्शनी में राजनीतिक सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकती और ऐसी सामग्री को तुरंत हटाया जाना चाहिए.’
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इससे पहले BJP प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा, 'प्रियंका मम्मी का मिशन अब रेहान वाद्रा को राजनीति में उतारने का है, क्योंकि सोनिया गांधी राहुल गांधी को राजनीति में स्थापित करने में नाकाम रहीं. राहुल ने कांग्रेस को 99 चुनावों में हार दिलाई.’
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