‘शॉर्ट टर्म पेन, लॉन्ग टर्म गेन…’, टैरिफ पर PM मोदी ने मनवा ली ट्रंप से बात, एक झटके में चीन-PAK से आगे निकला भारत
अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18% किए जाने के बाद भारत को ग्लोबल ट्रेड प्रतिस्पर्धा में एक जरूरी और निर्णायक बढ़त मिल गई है. नए टैरिफ ढांचे में भारत अब चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी बड़ी निर्यातक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम शुल्क वाले देशों की श्रेणी में आ गया है.
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जिस खबर का पूरी दुनिया को इंतजार था, वह आखिरकार हो ही गया. भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा कर दी गई है. नई ट्रेड डील के तहत भारत पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इसका मतलब यह है कि अब भारत को दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के अपने क्षेत्रीय निर्यात प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में सबसे कम टैरिफ का लाभ मिल गया है.
चीन-पाक, बांग्लादेश से आगे निकला भारत
वर्तमान टैरिफ स्थिति के अनुसार, भारत पर अमेरिकी टैरिफ 18% रहेगा, जबकि इंडोनेशिया पर 19%, वियतनाम और बांग्लादेश पर 20%, और चीन पर 34% टैरिफ लागू है. इस तुलना में भारत अब एशियाई निर्यात प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है.
भारत को मिलेगा बड़ा फायदा
इतना ही नहीं, बासमती चावल, खाद्य पदार्थ और टेक्सटाइल सेक्टर में नई दिल्ली का सीधा मुकाबला पाकिस्तान और बांग्लादेश से रहता है. ऐसे में जब भारत का टैरिफ कम होगा, तो उसके सामान अमेरिका में ज्यादा सस्ते मिलेंगे और गुणवत्ता भी बेहतर होगी. जब ये दोनों फैक्टर भारत के पक्ष में होंगे, तो मुनाफा और मांग दोनों बढ़ेंगे. इसके अलावा, भारत इन दोनों देशों की तुलना में ज्यादा सप्लाई करने में भी सक्षम है.
व्हाइट हाउस ने सोमवार को कहा कि रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करने पर भारत की सहमति के तहत, रूसी तेल से जुड़ा 25% अतिरिक्त टैरिफ पूरी तरह हटा लिया जाएगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई फोन बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया. पाकिस्तान पर फिलहाल 19% और बांग्लादेश पर 20% टैरिफ लागू है, जिससे भारत को दोनों देशों पर भी हल्की बढ़त मिल गई है.
ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील पर क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति मित्रता और सम्मान के चलते लिया गया है और यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू होगा. अपने Truth Social पोस्ट में ट्रंप ने बताया कि दिन में पहले उनकी प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत हुई थी. उन्होंने मोदी को अपने सबसे करीबी दोस्तों में से एक बताते हुए भारत का शक्तिशाली और सम्मानित नेता कहा. ट्रंप ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका से कहीं अधिक खरीदारी करने पर सहमति जताई है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को कम करेगा.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा,“आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी. वह मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और अपने देश के शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं. हमने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना भी शामिल है. उन्होंने रूसी तेल की खरीद बंद करने और अमेरिका (और संभवतः वेनेजुएला) से कहीं अधिक खरीदने पर सहमति जताई है. इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी, जहां हर हफ्ते हजारों लोग मारे जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मित्रता और सम्मान के चलते, और उनके अनुरोध पर, हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर तत्काल प्रभाव से सहमति बनाई है, जिसके तहत अमेरिका रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करेगा. भारत भी अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को शून्य तक लाने की दिशा में आगे बढ़ेगा.” हालांकि भारत ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि वह रूस से तेल की खरीद बंद करेगा. सरकार के आधिकारिक बयान का इंतजार है. ट्रंप इससे पहले भी इस तरह के दावे सोशल मीडिया पर करते रहे हैं, जिन्हें भारत ने हमेशा खारिज किया है.
समाचार एजेंसी IANS ने व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि, “भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद समाप्त करने के समझौते के तहत 25% रूसी तेल-संबंधित टैरिफ को हटाया जा रहा है.”
वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त 25% टैरिफ सीधे तौर पर भारत की रूसी तेल खरीद से जुड़ा था, जिसे अब नई दिल्ली की प्रतिबद्धता के बाद हटा दिया गया है. यह फैसला व्यापार नीति को ऊर्जा और भू-राजनीतिक उद्देश्यों से जोड़ने की अमेरिकी रणनीति को दर्शाता है.
ट्रेड डील पर क्या बोले पीएम मोदी?
ट्रेड डील और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी की भी प्रतिक्रिया सामने आई. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह जानकर खुशी हुई कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर अब 18% का कम टैरिफ लगेगा.” उन्होंने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ काम करते हैं, तो इससे लोगों को लाभ होता है और सहयोग के नए अवसर खुलते हैं.
रूसी तेल को लेकर अड़ा अमेरिका
इस बीच, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी ANI को पुष्टि की है कि वॉशिंगटन भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ को भी हटाएगा. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इसके बदले भारत को रूसी तेल की खरीद सिर्फ कम नहीं, बल्कि पूरी तरह बंद करनी होगी. हालांकि भारत का रुख रहा है कि वह तेल खरीद का फैसला किसी के कहने पर नहीं, बल्कि व्यावसायिक मानकों जैसे कीमत, उपलब्धता और आपूर्ति के आधार पर करता है.
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जब ANI ने पूछा कि क्या रूसी तेल की खरीद घटाने के बदले भारतीय आयात पर टैरिफ हटाए जाएंगे, तो अधिकारी ने जवाब दिया, “हां, लेकिन समझौता यह है कि भारत को रूसी तेल की खरीद बंद करनी होगी, सिर्फ कम नहीं करनी होगी.”
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