देश में नहीं होगा तेल संकट, भारत के पक्के दोस्त रूस ने दी एनर्जी सप्लाई की गारंटी, रशियन मंत्री का बड़ा बयान
ट्रंप के दबाव के बावजूद भारत और रूस के बीच व्यापार जारी है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बड़ा ऐलान करते हुए भारत को एनर्जी सप्लाई जारी रखने की गारंटी दी है.
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ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण दुनियाभर में फ्यूल संकट गहरा गया है. भारत में भी PM मोदी ने लोगों से कम तेल खर्च करने की अपील की, इस मुश्किल घड़ी में भारत का सबसे पुराना और मजबूत दोस्त रूस साथ आया है. BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए दिल्ली आए रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने भारत को लेकर ये बड़ा ऐलान किया.
रूस ने भारत से वादा किया है कि वो भारत की एनर्जी सप्लाई को रुकने नहीं देगा. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के ऊर्जा हित पूरी तरह सुरक्षित रहें. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा,
'मैं गारंटी दे सकता हूं कि रूस की ऊर्जा सप्लाई से जुड़े भारत के हित प्रभावित नहीं होंगे. रूस हरसंभव कोशिश करेगा कि कोई भी गलत कम्पटीशन भारत और रूस के समझौतों को नुकसान न पहुंचाए.’
जारी रहेगी सप्लाई- सर्गेई लावरोव
सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस ने ऊर्जा क्षेत्र में कभी भी भारत या किसी दूसरे साझेदार के लिए अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभाया है. भारत को ऊर्जा की जरूरत है और रूस गैस, तेल और कोयले जैसे हाइड्रोकार्बन की सप्लाई लगातार जारी रखे हुए है.
उन्होंने यह भी संकेत दिए कि मौजूदा संकट के बीच रूस-भारत अपने एनर्जी पार्टनरशिप को और मजबूत करने की ओर आगे बढ़ सकते हैं. सर्गेई लावरोव ने कहा, भारत-रूस के बीच स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप सिर्फ रक्षा और कूटनीति तक लिमिटेड नहीं है, बल्कि उर्जा रक्षा भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने भरोसा दिया वेस्ट एशिया में मुश्किल हालातों के बीच रूस भारत का भरोसेमंद एनर्जी पार्टनर बनकर खड़ा रहेगा.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर रूसी मंत्री ने क्या कहा?
ईरान और अमेरिका में जंग के बाद Strait Of Hormuz बंद है. ऐसे में दुनिया में ईंधन संकट खड़ा हो गया. इस पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, अगर होर्मुज लंबे वक्त तक प्रभावित रहा, तो ग्लोबल ऑयल मार्केट में बड़ी उथल-पुथल होने की संभावना है. भारत अपनी ईंधन की जरूरत का बड़ा हिस्सा इम्पोर्ट करता है.
PM मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की थी कि कंपनियां ज्यादातर काम घर से करें, ईंधन और तेल की कम खपत हो, इसके साथ ही अगले एक साल तक सोना खरीदनें से परहेज करें. इसका मतलब साफ था कि देश में आगे आने वाले फ्यूल संकट और महंगाई से आगाह कर रहे थे. जहां भारत में इसको लेकर लोग पैनिक हैं तो वहीं रूस ने साथ खड़े रहने का भरोसा जताया.
‘कुछ भी सीक्रेट नहीं’
अमेरिका के दबाव के बीच सर्गेई लावरोव ने भारत और रूस के बीच बढ़ते तेल व्यापार को लेकर बड़ा बयान दिया. लावरोव ने साफ कहा कि भारत को रूस से होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ी है. उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों के बीच ये डील सीक्रेट नहीं बल्कि सार्वजनिक है. इनमें ‘कुछ भी सीक्रेट’ नहीं है.
सर्गेई लावरोव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया, ‘यह कोई गुप्त डेटा या आंकड़े नहीं हैं. हमने खुद इन्हें प्रकाशित किया है और भारत को तेल सप्लाई बढ़ी है.’
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अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के दबाव के बीच सर्गेई लावरोव ने साफ कर दिया कि न तो रूस और न ही भारत अपनी व्यापार नीतियों से किसी तरह का समझौता कर रहा है. रूस भारत के सबसे बड़े कच्चे तेल सप्लायर्स में बना हुआ है.
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