Nepal Flood: चीन की तरफ फंसे हैं 400 भारतीय, बीजींग में एक्टिव हुआ भारतीय दूतावास, MEA ने क्या अपडेट दिया
रणधीर जायसवाल ने बताया कि चीन के बीजिंग में चल रही भारतीय एबेंसी की हेल्पलाइन नंबर के जरिए फंसे हुए भारतीयों से संपर्क साधा जा रहा है.
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नेपाल की भीषण बाढ़ में कई भारतीय फंसे हुए हैं. इनमें से कई भारतीय चीन की तरफ फंसे हैं. जिन्हें निकालने की कोशिशें जारी हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक करीब 400 भारतीय चीन की तरफ फंसे हैं, हालांकि उनका अपने रिश्तेदारों से संपर्क हो रहा है. जबकि नेपाल में फंसे 100 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पा रहा.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नेपाल में फंसे भारतीयों की स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने बताया, चीन की ओर फंसे भारतीयों से संपर्क हो रहा है. वे सभी सुरक्षित हैं और अपने परिवार के संपर्क में हैं. भारतीय दूतावास भी कई परिवारों के संपर्क में है.
बीजिंग में भारतीय एबेंसी से मिल रही मदद
रणधीर जायसवाल ने बताया कि चीन के बीजिंग में चल रही भारतीय एबेंसी की हेल्पलाइन नंबर के जरिए फंसे हुए भारतीयों से संपर्क साधा जा रहा है. अब दिल्ली और बीजींग मिलकर इस पर काम कर रहे हैं कि नेपाल में चीन की तरफ फंसे इन भारतीयों को वहां से सुरक्षित कैसे निकाला जाए.
#WATCH | Delhi: On Nepal flash flood, MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal says, "... On the Chinese side, we have 400 Indian nationals. They are safe. They have been in touch with their family... Our embassy has been in touch with several of them... Many of their family… pic.twitter.com/2zZOcJyoy2
— ANI (@ANI) August 28, 2026Advertisement
भारत ने नेपाल में मदद के लिए क्या-क्या भेजा?
MEA ने बताया कि नेपाल में त्रासदी पर भारत की नजर बनी हुई है और पड़ोसी की मदद के लिए हरसंभव मदद भेजी जा रही है. अभी तक 10 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई है. इसमें पहली उड़ान में ये सामान भेजा गया है.
- अस्थायी शेल्टर
- कंबल
- हाइजीन किट
- सोलर लैंप
- मेडिकल किट और दवाइयां
इसके बाद, दूसरी उड़ान 27 अगस्त को सुबह नेपाल के लिए राहत सामग्री लेकर रवाना हुई. इसमें 37.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी गई.
- टेंट
- कंबल
- हाइजीन किट
- सोलर लैंप
- पानी निकालने वाले पंप
- किचन सेट
- जेनरेटर सेट
- दवाएं और खाने-पीने की चीजें
भारत नेपाल को मदद का सिलसिला जा रखेगा. रणधीर जायसवाल ने बताया की राहत सामग्री लेकर तीसरी उड़ान भी जल्द रवाना होगी. जिसमें पोर्टेबल जेनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाना, पानी साफ करने वाली गोलियां, दवाएं और वो सामान भेजा जाएगा जिसकी नेपाल में सबसे ज्यादा जरूरत है या नेपाल ने मांगी है.
नेपाल से लौटे भारतीय तीर्थयात्रियों का विदेश मंत्री ने किया स्वागत
इस बीच नेपाल से 21 भारतीयों का दल दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उनका स्वागत किया. ये लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे और सभी तमिलनाडु के बताए जा रहे हैं. विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया, नेपाली सेना ने उन्हें बचाया और फिर भारतीय एबेंसी ने उनकी वापसी का इंतजाम किया. एस जयशंकर ने बताया कि लौटे गए तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उन्होंने हाल जाना और सुनिश्चित किया कि वे सभी सकुशल हैं या नहीं.
#WATCH | Nepal flash flood | Delhi: EAM Dr S Jaishankar says, "I just received a group of Indians who had gone on pilgrimage to Kailash Mansarovar. They had been rescued after the floods. So, they were brought back to Kathmandu. They were rescued by Nepali Army. Then our Embassy… pic.twitter.com/mkSjHa5NBV
— ANI (@ANI) August 28, 2026
MEA के अधिकारियों के साथ विदेश मंत्री की बैठक
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और काठमांडू-बीजिंग स्थित दूतावासों के साथ बैठक की. इस बैठक में नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों पर चर्चा की गई.
बैठक के दौरान, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने नेपाल भेजे जाने वाली राहत सामग्री के बारे में जानकारी दी. बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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