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PNB करेंसी चेस्ट केस में NIA की बड़ी कार्रवाई, फरार बैंक कर्मचारी अमित कुमार गिरफ्तार; जानें पूरा मामला

यूपी के सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये की नकली करेंसी मिलने के मामले में NIA ने फरार बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार किया है. एजेंसी के मुताबिक, नकली नोटों की साजिश में उसकी अहम भूमिका सामने आई है. अन्य आरोपी की तलाश में लगातार NIA और पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है.

Image Source: Screengrab
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये मूल्य की नकली भारतीय मुद्रा बरामद होने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. NIA की टीम ने इस मामले में ने मामले में फरार चल रहे बैंक कर्मचारी अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. वह इस मामले में FIR में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल है. NIA के मुताबिक, करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचाने की साजिश में अमित कुमार की अहम भूमिका सामने आई है. 

दरअसल, यह कार्रवाई RC-02/2026/NIA/LKW मामले में की गई है. NIA ने सोमवार, 7 सितंबर को अमित कुमार की गिरफ्तारी की जानकारी दी. एजेंसी के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है. NIA पूरी साजिश का खुलासा करने के साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है. और उम्मीद है की अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ़्तार किए जाएंगे.

कब सामने आया था नकली करेंसी का मामला?

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NIA के मुताबिक, 29 अगस्त 2026 को सहारनपुर के सदर बाजार थाना पुलिस को पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा बरामद होने की सूचना मिली थी. जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से कुल 17.29 करोड़ रुपये अंकित मूल्य की नकली भारतीय करेंसी बरामद होने की बात सामने आई. शुरुआती जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी. इसके बाद बैंक प्रबंधन ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था.

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सदर बाजार थाने में दर्ज हुई थी FIR

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मामले में सहारनपुर के सदर बाजार थाने में FIR संख्या 0431/2026 दर्ज की गई थी. यह मुकदमा 29 अगस्त 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इसकी जांच अपने हाथ में ले ली. 3 सितंबर 2026 को NIA ने केस को री-रजिस्टर कर जांच शुरू की.

फरार चल रहा था अमित कुमार

जांच के दौरान अमित कुमार का नाम मामले में प्रमुख आरोपी के तौर पर सामने आया. वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था. NIA ने उसकी तलाश शुरू की और अब उसे गिरफ्तार कर लिया है. एजेंसी के अनुसार, अमित कुमार बैंक कर्मचारी होने के साथ-साथ FIR में नामजद प्रमुख आरोपियों में शामिल है.

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बैंक की करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचने की जांच

बैंक की करेंसी चेस्ट तक इतनी बड़ी मात्रा में नकली करेंसी पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए गंभीर सवाल है. NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे, इसमें बैंक कर्मचारियों की क्या भूमिका थी और इस साजिश में बाहर के कौन-कौन से लोग शामिल थे. एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि नकली नोटों को बैंकिंग सिस्टम में खपाने या असली करेंसी के साथ मिलाने की कोई सुनियोजित कोशिश तो नहीं की गई थी.

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बताते चलें कि NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है. एजेंसी पूरी साजिश का खुलासा करने और अन्य सह-आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है. मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका के साथ-साथ नकली करेंसी के स्रोत और उससे जुड़े नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है. अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद एजेंसी को मामले की साजिश की कड़ियां जोड़ने में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.

सहारनपुर से रोशन लाल सैनी की रिपोर्ट 

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