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आलीशान इमारतें, 13 प्लॉट और करोड़ों कैश… 6 हजार से नौकरी शुरू करने वाले सरकारी बाबू का ‘कैशलोक’ देख सन्न रह गई टीम

कालेधन से कुबेर बने ओडिशा के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहरा के घर विजिलेंस की टीम पहुंची तो दंग रह गई. 5 बहुमंजिला इमारतें, 13 प्लॉट, सोने के गहने और बैंक लॉकर में करीब 2.4 करोड़ मिले हैं, घर में करोड़ों रुपए मिले वो अलग.

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07 Jun 2026
( Updated: 07 Jun 2026
02:10 PM )
आलीशान इमारतें, 13 प्लॉट और करोड़ों कैश… 6 हजार से नौकरी शुरू करने वाले सरकारी बाबू का ‘कैशलोक’ देख सन्न रह गई टीम
Image Source- X/@OdishaVigilance
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एक अदना सा इंजीनियर, जिसकी नियुक्ति महज 6 हजार के मासिक वेतन पर हुई थी, लेकिन आज की तारीख में उस इंजीनियर के पास करोड़ों का साम्राज्य है. दौलत जो इंजीनियर साहब ने ईमान के सीमेंट से नहीं भरी, बल्कि बेईमानी और रिश्वतखोरी की ईंटों से सजाई है. जहां कमीशन दिखा ये ईंट वहीं जम गई और जड़ बन गई. 

कालेधन से कुबेर बने जिस इंजीनियर की हम बात कर रहे हैं वो हैं ओडिशा के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहरा. जिनके घर विजिलेंस की टीम पहुंची तो दंग रह गई. बैकुंठ नाथ बेहरा के पास से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है. इंजीनियर साहब की 5 बहुमंजिला इमारतें हैं, 13 प्लॉट हैं, सोने के गहने और बैंक लॉकर में करीब 2.4 करोड़ मिले हैं, इनके तो घर में ही 2 करोड़ से ज्यादा का कैश मिला है. 

विजिलेंस टीम ने कैसे कसा भ्रष्टाचारी इंजीनियर पर शिकंजा?

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ये मामला हाल के कुछ साल में आए करप्शन के सबसे बड़े केस में से एक है. एक शिकायत के बाद पर विजिलेंस की टीम ने इंजीनियर बैकुंठ नाथ के काले खजाने का खुलासा किया. बताया जा रहा है ओडिशा विजिलेंस को बैकुंठ नाथ के पास आय से ज्यादा संपत्ति की शिकायत मिली थी. इसके बाद भुवनेश्वर के विशेष न्यायाधीश से सर्च वारंट मिलने के बाद टीम ने एक्शन शुरू कर दिया. 

इंजीनियर के इन ठिकानों पर मारा गया छापा 

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विजिलेंस टीम ने वारंट मिलने के बाद एक दो नहीं बल्कि इंजीनियर बैकुंठ नाथ के कुल 9 ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान उनके नाम आलीशान इमारतों, प्लॉट और करोड़ों कैश का भंडार मिला. इनमें से ज्यादातर प्रॉपर्टी राजधानी भुवनेश्वर की प्राइम लोकेशन में हैं. जिनकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है. विजिलेंस की इस टीम में 2 एडिशनल SP, 5 DSP, 6 इंस्पेक्टर और कई अधिकारी शामिल थे. घर से इतना कैश मिला कि अधिकारी गिनते-गिनते हांफ गए, इसके बाद मशीनें मंगाई गई. 

जानिए बैकुंठ नाथ बेहरा की पूरी कुंडली 

बैकुंठ नाथ बेहरा कंधमाल जिले के बलिगुड़ा के एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी (ITDA) में कार्यरत हैं. 27 साल पहले 1999 में वे जूनियर इंजीनियर के पद पर नियुक्त हुए, उस समय उनकी सैलरी महज 6 हजार रुपए थी. इसके बाद 2016 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर बनाया गया. इसके 10 साल बाद 2026 में प्रमोट होकर बैकुंठ नाथ असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बने. मौजूदा प्रोफाइल के हिसाब से उनका मासिक वेतन करीब 80 हजार रुपए है.

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फिलहाल विजिलेंस टीम की जांच जारी है, इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन ये मामला तमाम तरह के सवाल खड़े करता है, कैसे हमारे देश में सरकारी अधिकारियों की जेबें करप्शन के धन से फटी जा रही हैं, काम का कोई हिसाब नहीं लेकिन कमीशनखोरी और रिश्वतखोरी बेहिसाब है. आम आदमी मेहनत से कमाई जोड़ता है और ये अधिकारी फाइलों के नाम पर जनता का पैसा लूटकर महल बना रहे हैं. यह मामला सिस्टम के में जम चुके करप्शन की कलाई खोलने के लिए काफी है, जो समय-समय पर सामने आते रहे हैं. 

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