गोली खाई लेकिन नहीं रूके कदम… कौन है सेना का अंगरक्षक ‘टाइसन’ जो किश्तवाड़ में पाकिस्तानी आतंकियों से भिड़ा

जम्मू कश्मीर में सीमा पार से हो रही आतंकी साजिश को नाकाम करने में जुटी सेना ने 3 आतंकियों को मार गिराया. इस ऑपरेशन में साइलेंट वॉरियर K9 टाइसन असली हीरो साबित हुआ.

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23 Feb 2026
( Updated: 23 Feb 2026
05:36 PM )
गोली खाई लेकिन नहीं रूके कदम… कौन है सेना का अंगरक्षक ‘टाइसन’ जो किश्तवाड़ में पाकिस्तानी आतंकियों से भिड़ा

Kishtwar Terrorist Killed: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया. घने जंगलों और पहाड़ों पर चले सेना के इस ऑपरेशन में वह अकेली नहीं थी. उनके साथ भारतीय सेना का एक प्रहरी था जो साइलेंट वॉरियर बनकर आतंकियों का काल साबित हुआ. 

किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ मुठभेड़ में डॉग स्क्वॉयड की अहम भूमिका रही. भारतीय सेना का जर्मन शेफर्ड डॉग K9 टाइसन इस ऑपरेशन का असली हीरो बना. जवानों के साथ बहादुर खोजी कुत्ते ‘टाइसन' ने भी अद्भुत साहस का परिचय दिया. आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में टाइसन सबसे आगे था. जिसके छोटे-छोटे कदम गोली खाकर भी नहीं रूके. 

जवानों की ढाल बना 'टाइसन'

दरअसल, भारतीय सेना की वाइट नाईट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस एसओजी और 2 पैरा स्पेशल फोर्स की संयुक्त टीम ने आतंकियों के खिलाफ घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया. तलाशी के दौरान छतरू इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई थी. संदिग्ध ठिकाने तक टीम को ले जाने की जिम्मेदारी डॉग स्क्वॉड के सदस्य टाइसन को सौंपी गई थी. जैसे ही टीम आगे बढ़ी, आतंकवादियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान दल में सबसे आगे चल रहे टाइसन के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया.

घायल होने के बावजूद टाइसन ने साहस का जबरदस्त परिचय दिया. वह पीछे नहीं हटा, आगे बढ़ता रहा और आतंकवादियों की सही लोकेशन का पता लगाने में जवानों की मदद की. उसकी बहादुरी की बदौलत सुरक्षा बलों ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया. उसकी बहादुरी की बदौलत ही भारतीय सेना के जवान सुरक्षित हैं. इस डॉग्स को इसी तरह के ऑपरेशन के लिए ट्रेनिंग दी जाती है.  टाइसन को भी इस एंटी टेरर ऑपरेशन के लिए तैयार किया था. जिसे उसने बखूबी पूरा किया. ऑपरेशन के दौरान ही सेना ने इस मजबूत साथी को सुरक्षित निकाला और एयरलिफ्ट कर उधमपुर बेस अस्पताल पहुंचाया. जहां टाइसन का इलाज चल रहा है. 

इससे पहले भी टाइसन कई बड़े ऑपरेशनों में अहम भूमिका निभा चुका है. उसने सर्च ऑपरेशन में संदिग्ध ठिकानों की पहचान की,विस्फोटक सामग्री का पता लगाया और आतंकियों तक पहुंचने में सटीक हिंट दिए. 

यह भी पढ़ें- किश्तवाड़ में 326 दिन चले हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में 7 कुख्यात आतंकवादी ढेर, भारतीय सेना ने दिया बड़ा प्रहार

कुछ दिन पहले ही जैश-ए-मोहम्मद के खतरनाक आतंकी आदिल को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था. उस ऑपरेशन में टाइसन ने ही सबसे आगे रहकर सुरक्षाबलों का नेतृत्व किया था. टाइसन ने ही 
आदिल के गुप्त ठिकाने तक पहुंचने में मदद की थी. टाइसन जैसे बेजुबान वीर देश की सेवा में साइलेंट वॉरियर की भूमिका निभाते हैं.

जैश ए मोहम्मद का टॉप कमांडर ढेर 

सेना ने किश्तवाड़ में ऑपरेशन में तीन आतंकियों को मार गिराया. इनमें से एक की पहचान सैफुल्ला के रूप में हुई है. जो जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर है. सुरक्षाबलों को उसकी कई दिनों से तलाश थी, पहले वह कई बार बचने में कामयाब रहा. लेकिन 22 फरवरी को टाइसन की मदद से सेना ने उसे बिल से बाहर निकालने में कामयाब रही. 

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 326 दिनों तक चले हाई-एल्टीट्यूड ऑपरेशन में 7 खतरनाक आतंकवादी मारे गए हैं. भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर (16 कोर) ने यह जानकारी दी. भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा है कि 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है. 

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