'कोई धर्मशाला नहीं है भारत...', लव जिहाद और धर्मांतरण पर CM योगी की दो टूक, देश विरोधी ताकतों से किया आगाह
सीएम योगी ने एक बार फिर देश और धर्म विरोधियों को तगड़ा चेता दिया है. उन्होंने एक कार्यक्रम में इशारों ही इशारों में दो टूक कहा कि जिनकी भारत के प्रति आस्था नहीं उन्हें भारत में रहने का 'हक' नहीं है.
Follow Us:
लखनऊ में आयोजित 9 दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के समापन कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद, लैंड जिहाद, महिला सम्मान और धर्मांतरण से मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने इस दौरान दो टूक कहा कि जिनकी भारत के प्रति आस्था नहीं है, उन लोगों के लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती है.
'भारत कोई धर्मशाला नहीं...'
सीएम यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे लोगों से अपील करते हुए कहा कि नकारात्मक ताकतों के खिलाफ समाज को एकजुट होने की जरूरत है. इस दौरान उन्होंने प्रभु श्रीराम की मर्यादा और सीख की बात करते हुए कहा कि भगवान राम सभी को जोड़ते हैं, उन्होंने बताया कि महिला का सम्मान कैसे होता है और कैसे उसकी रक्षा की जाती है. उन्होंने इस दौरान कहा कि राम भक्तों ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक कड़ा संघर्ष किया.
मुख्यमंत्री ने रामायण काल के पात्रों का उदाहरण देते हुए आगे कहा कि हाल के दिनों में सामने आई लव जिहाद और धर्मांतरण सहित अन्य समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी. मुख्यमंत्री ने इस दौरान तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य जी महाराज की मौजूदगी में दो टूक कहा कि जो लोग भी भारत के प्रति आस्था और निष्ठा नहीं रखते हैं और यहां के संस्कारों का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती ना कोई धर्मशाला है और ना ही हो सकती है. मुख्यमंत्री ने माता जानकी के अपहरण और भगवान राम द्वारा उत्तर-दक्षिण को जोड़ने का प्रसंग का भी उल्लेख कर लोगों को अपनी बात समझाई.
जिनकी भारत के प्रति आस्था नहीं है,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 9, 2026
उन लोगों के लिए भारत की धरती 'धर्मशाला' नहीं हो सकती है... pic.twitter.com/wl5aEuRYq7
केरल हाई कोर्ट का उदाहरण देकर लव जिहाद पर सीएम योगी का वार
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने लव जिहाद जैसी मुंह बाए खड़ीं गंभीर समस्या पर देश और समाज की चुप्पी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि केरल उच्च न्यायालय ने साल 2009 और 2011 में ही इस पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी. उन्होंने लव जिहाद के मामलों को लेकर कोर्ट द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं का हवाला देते हुए इसे 'रिलिजियस डेमोग्राफी' (धार्मिक जनसांख्यिकी) बदलने की साजिश का हिस्सा करार दिया. उन्होंने इसकी रोकथाम को लेकर अपनी सरकार द्वारा किए गए याद दिलाया कि इसी के मद्देनजर यूपी में 2020 में सख्त कानून बनाया गया, लेकिन अब इसके खिलाफ व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता है.
मारीच और रावण, उच्च कुल और श्रेष्ठ व्यवस्था में जन्म लेते हैं, लेकिन पशुवत मारे जाते हैं,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 9, 2026
क्योंकि प्रभु श्री राम के साथ द्रोह करते हैं... pic.twitter.com/wq9sXXc74J
खर-दूषण, मारीच और सुबाहु का उदाहरण देकर लैंड जिहाद पर प्रहार
यह भी पढ़ें
इसके अलावा सीएम योगी ने 'लैंड जिहाद' पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि खर-दूषण, मारीच और सुबाहु जैसे राक्षस भी रामायण के उसी कालखंड के हैं और इसी तरह के काम में लगे हुए थे. उन्होंने आगे कहा कि खर-दूषण, मारीच और सुबाहु भी किसी भी जमीन को खाली देखकर जबरन अपना तंबू गाड़ देते थे. इस दौरान सीएम ने चेतावनी दी कि जब भी नकारात्मक ताकतें वर्चस्व में आएंगी, वे समाज को तहस-नहस करेंगी और शिक्षण संस्थानों को बंजर बनाएंगी, जैसा उस दौर में ताड़का और खर-दूषण करते थे. उन्होंने कहा कि नकारात्मक ताकतें हर कालखंड में आएंगी, लेकिन समाज को मिलकर इनके खिलाफ हमेशा तैयार रहना होगा.