कर्तव्य पथ से पूरे विश्व में बजा सनातन का डंका, महाकुंभ से लेकर संविधान की झलक दिखी !

26 जनवरी 2025 को दिल्ली में हुए गणतंत्र दिवस समारोह में महाकुंभ, संविधान की 75वीं वर्षगांठ, और भारत की सांस्कृतिक विविधता की शानदार झांकियां देखने को मिलीं। विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों ने भारतीय विकास, संस्कृति और गौरव का प्रतीक प्रस्तुत किया।

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26 Jan 2025
( Updated: 10 Dec 2025
07:39 PM )
कर्तव्य पथ से पूरे विश्व में बजा सनातन का डंका, महाकुंभ से लेकर संविधान की झलक दिखी !
गणतंत्र दिवस 2025: गणतंत्र दिवस भारत का एक बहुत खास दिन है, जिसे हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन भारत ने अपना संविधान अपनाया था और खुद को एक स्वतंत्र गणराज्य घोषित किया था। इस दिन की सबसे खास बात दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड होती है, जिसमें हमारे देश के विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की सुंदर झांकियां प्रदर्शित की जाती हैं। ये झांकियां हमारे देश की विविधता, संस्कृति और विकास को दिखाती हैं।

गणतंत्र दिवस 2025 की खास बातें


इस साल की परेड में खासतौर पर दो बड़े पहलू थे—महाकुंभ और भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ। परेड की थीम थी "स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास", जो भारत की संस्कृति, इतिहास और निरंतर विकास को दर्शाती है।

महाकुंभ और संविधान की झांकियां


महाकुंभ, जो भारत का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है, इस बार गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बना। उत्तर प्रदेश की झांकी में महाकुंभ का शानदार दृश्य था, जो भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता को दर्शाता है। इस मेला में हर साल लाखों लोग एक साथ आते हैं, जो भारत की विविधता और धर्मनिरपेक्षता का प्रतिक है। इसके अलावा, भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर भी दो झांकियां प्रस्तुत की गईं। ये झांकियां हमें संविधान के महत्व और लोकतंत्र की शक्ति की याद दिलाती हैं।

राज्य और मंत्रालयों की झांकियां - 

इस साल 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां परेड का हिस्सा बनी थीं। 

बिहार: नालंदा विश्वविद्यालय की धरोहर को दिखाया गया।
उत्तराखंड: सांस्कृतिक धरोहर और साहसिक पर्यटन को प्रदर्शित किया गया।
हरियाणा: भगवद गीता की गहरी दार्शनिकता को दर्शाया गया।
झारखंड: राज्य के विकास को 'स्वर्णिम झारखंड' के रूप में प्रस्तुत किया गया।
गुजरात: 'स्वर्णिम भारत' की झांकी में भारत के विकास की झलक मिली।

सैन्य शक्ति का प्रदर्शन - 

गणतंत्र दिवस परेड में भारत की बढ़ती सैन्य ताकत का भी शानदार प्रदर्शन किया गया। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रक्षा तकनीकों और उपकरणों की झांकी दिखाई, जैसे मिसाइल सिस्टम और एयरबोर्न रडार, जो भारत की आत्मनिर्भरता को साबित करती हैं।

केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियां -

- केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने भी अपनी झांकियों के जरिए समाज के अलग-अलग पहलुओं को प्रदर्शित किया।

- केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने संविधान की 75वीं वर्षगांठ की झांकी पेश की।

- ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘लखपति दीदी’ की झांकी दिखाई, जो ग्रामीण महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।

महाकुंभ और संविधान की 75वीं सालगिरह की झांकियां इस दिन की अहमियत को और भी बढ़ा देती हैं। यह परेड भारत के लोकतंत्र, विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को सम्मानित करने का अद्भुत अवसर था। 


Input - IANS 

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