×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

लोक संस्कृति के रंग में रंगी देवभूमि : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी इगास पर्व की शुभकामनाएं, पौड़ी में उमड़ा जनसैलाब

उत्तराखंड में इगास पर्व या ‘बूढ़ी दीपावली’ धूमधाम से मनाई जा रही है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे लोक संस्कृति और एकजुटता का प्रतीक बताया. पौड़ी में पारंपरिक भैलो नृत्य और लोकगीतों से गूंज उठा देवभूमि का माहौल.

Author
02 Nov 2025
( Updated: 10 Dec 2025
02:00 PM )
लोक संस्कृति के रंग में रंगी देवभूमि : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी इगास पर्व की शुभकामनाएं, पौड़ी में उमड़ा जनसैलाब
Advertisement

उत्तराखंड की देवभूमि में इगास पर्व, जिसे 'बूढ़ी दीपावली' भी कहा जाता है, धूमधाम से मनाया जा रहा है**
यह पर्व राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और एकजुटता का प्रतीक है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा सांसद अनिल बलूनी और भाजपा सांसद त्रिवेदी सिंह गढ़वाल ने प्रदेशवासियों को इगास की शुभकामनाएं दीं.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, "देवभूमि की आत्मा उसकी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं में बसती है. इगास–बूढ़ी दीपावली इसी गौरवशाली परम्परा का प्रतीक है, जो हमारे लोक जीवन की खुशियों, आस्था और एकजुटता का उत्सव है. इस लोक पर्व की महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हमारी सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों से इसे सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाने की परम्परा प्रारम्भ की गई है." उन्होंने इस कदम को लोक संस्कृति के संरक्षण और प्रचार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया.

सांसद अनिल बलूनी ने किया भैलो नृत्य में सहभाग

भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "हमारी संस्कृति, हमारी विरासत, हमारी पहचान: इगास. आज जनपद पौड़ी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में स्थानीय जनता के साथ पारंपरिक भैलो नृत्य करते हुए उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति और परंपराओं के प्रतीक लोकपर्व इगास को पूरे उल्लास, उमंग और आत्मीयता से मनाया."

इगास अब बन चुका है जनपर्व : बलूनी

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, "आज जनपद पौड़ी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक लोकपर्व इगास उत्सव में सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. इस पर्व में स्थानीय नागरिकों, मातृशक्ति और युवाओं की जिस उत्साहपूर्ण, स्वेच्छा एवं आत्मीय भागीदारी को देखा, वह अत्यंत हर्ष और गर्व का विषय है."
उन्होंने कहा, "यह देखकर हृदय आनंदित है कि अब इगास केवल एक पर्व नहीं रहा, बल्कि सम्पूर्ण उत्तराखंड का जनपर्व बन चुका है, जो हमें अपनी जड़ों, संस्कृति और सामूहिकता से जोड़ता है. ये अब हमारी पहचान बन चुकी है."

त्रिवेंद्र सिंह गढ़वाल ने भी मनाया इगास-बग्वाल पर्व

Advertisement

इसी क्रम में भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह गढ़वाल ने भी एक्स पर पोस्ट किया, "गढ़वाल मंडल के हृदय-पौड़ी नगर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में स्थानीय जनता के साथ पारंपरिक 'इगास-बग्वाल' पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया. लोकनृत्य, गीत-संगीत और 'भैलो' की मधुर गूंज से पूरा मैदान गूंज उठा."

लोक संस्कृति को जीवंत रखने का माध्यम बना पर्व

उनके अनुसार, यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी बनता है.

रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब

यह भी पढ़ें

बता दें कि पौड़ी के रामलीला मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों स्थानीय लोग शामिल हुए. पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने भैलो नृत्य, छोलिया और लोकगीतों की प्रस्तुति दी. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने एक स्वर में इस पर्व की खुशी में भाग लिया.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें