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आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' की दस्तक, ओडिशा में भी खतरा! प्रशासन अलर्ट, बचाव टीमें तैनात

Cyclonic Storm Arnab: IMD के मुताबिक, तूफान शुरुआत में धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ सकता है. पिछले तीन घंटों में यह करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है.

Image Source: IANS
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Cyclonic storm Arnab: चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और यनम तट पर दस्तक देना शुरू कर दिया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, लैंडफॉल के दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि तेज झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. IMD के मुताबिक, तूफान शुरुआत में धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ सकता है. पिछले तीन घंटों में यह करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है.

इन इलाकों के करीब पहुंचा चक्रवात
बुधवार सुबह 2:30 बजे चक्रवात आंध्र प्रदेश तट के पास 16.4 डिग्री उत्तर अक्षांश और 82.0 डिग्री पूर्व देशांतर पर केंद्रित था. यह नरसापुर से करीब 30 किलोमीटर पूर्व, यनम से 45 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, काकीनाडा से 70 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, मछलीपट्टनम से 90 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व और बापटला से 170 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित था. मौसम विभाग के अनुसार, इसके अगले तीन घंटों में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम के दक्षिण के पास आंध्र प्रदेश और यनम तट को पार करने की संभावना थी. इस दौरान यह बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में आगे बढ़ सकता है.

अगले कुछ घंटों तक जारी रह सकती है लैंडफॉल

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IMD के मुताबिक, चक्रवात का लैंडफॉल शुरू हो चुका है. इसके उत्तरी हिस्से में मौजूद घने, घुमावदार बादल अंदरूनी इलाकों में प्रवेश कर चुके हैं और तूफान का केंद्र तट के बेहद करीब है. ऐसे में अगले कुछ घंटों तक लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना जताई गई है. मछलीपट्टनम स्थित डॉपलर वेदर रडार से तूफान पर लगातार नजर रखी जा रही है.

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात के असर को देखते हुए आईएमडी ने आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. 28 अक्टूबर को दक्षिण ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर ओडिशा में भी भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है. 29 अक्टूबर को आंतरिक ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है.28 अक्टूबर को पूर्वी तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, झारखंड में 28 अक्टूबर को भारी बारिश और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. अब तक 28 अक्टूबर को सुबह 4:30 बजे तक गोपालपुर में 94 मिलीमीटर, पुरी में 67 मिलीमीटर, भुवनेश्वर में 38 मिलीमीटर और चांदबाली में 22.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है.

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ओडिशा सरकार ने की तैयारियों की समीक्षा

आंध्र प्रदेश तट पर चक्रवात का लैंडफॉल शुरू होने के बाद ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को राज्य की तैयारियों और संभावित असर की समीक्षा की। बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरबिंद पाधी, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
समीक्षा के बाद मंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश में काकीनाडा के पास रात करीब 1:30 बजे लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो उस समय जारी थी. राज्य सरकार को मिली जानकारी के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम एक ही जगह पर रुका हुआ था और इसके उत्तर तथा उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का इंतजार किया जा रहा था.

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ओडिशा के इन जिलों पर मंडरा रहा खतरा

मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि चक्रवात का असर ओडिशा तक पहुंच सकता है. मलकानगिरी जिले पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ने की आशंका है. इसके अलावा कोरापुट, नबरंगपुर, गंजाम, गजपति और रायगड़ा जिले भी प्रभावित हो सकते हैं. कंधमाल, कालाहांडी और नुआपाड़ा जैसे पड़ोसी जिलों में भी एहतियाती इंतजाम किए गए हैं.

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313 आपातकालीन टीमें तैनात, 2,037 आश्रय स्थल तैयार

ओडिशा सरकार ने संवेदनशील इलाकों में कुल 313 आपातकालीन टीमें तैनात की हैं. इनमें ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की 60, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 9 और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की 244 टीमें शामिल हैं.
लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कुल 2,037 आश्रय स्थल तैयार रखे गए हैं. इनमें 141 स्थायी चक्रवात आश्रय स्थल और 1,926 अस्थायी राहत केंद्र शामिल हैं, जिनमें स्कूल और कॉलेज भी हैं.

गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

मंत्री ने बताया कि संभावित प्रसव वाली 4,072 गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई थी. इनमें से 1,898 महिलाएं हाई-रिस्क श्रेणी में थीं, जिन्हें पहले ही स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचा दिया गया था. मंगलवार को इनमें से कुछ महिलाओं ने सुरक्षित रूप से बच्चों को जन्म भी दिया.
इसके अलावा, एहतियात के तौर पर पंजीकृत सभी 19,143 मछली पकड़ने वाली नावें वापस किनारे पर आ गई थीं. दक्षिणी ओडिशा में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए भी बचाव के कदम उठाए गए हैं. जरूरत पड़ने पर जोखिम वाले रास्तों को बंद करने की तैयारी भी की गई है.

प्रशासन अलर्ट, लोगों की सुरक्षा पर जोर

मंत्री ने बताया कि आठ संवेदनशील जिलों में तैनात मंत्री और अलग-अलग क्षेत्रों में नियुक्त अधिकारी जमीनी स्तर पर हालात पर नजर रख रहे हैं. उनके अनुसार, उस समय तक किसी के हताहत होने, संचार सेवाओं में रुकावट आने या लोगों को किसी बड़ी परेशानी का सामना करने की खबर नहीं मिली थी.
सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी की जान न जाए. प्रशासन लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम कर रहा है. चक्रवात की दिशा और ओडिशा पर उसके प्रभाव को देखते हुए आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे..

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Input- IANS 

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