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कभी बेटियों का स्कूल जाना था मुश्किल, आज रात दो बजे भी बेखौफ लौटती हैं घर: CM योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे. साधन संपन्न परिवार बेटियों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में भेजते थे, जबकि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए स्कूल जाना भी चुनौती था.

कभी बेटियों का स्कूल जाना था मुश्किल, आज रात दो बजे भी बेखौफ लौटती हैं घर: CM योगी आदित्यनाथ
Image Credits: UPPRD/Youth Icons Summit & Awards/UP Chapter in Lucknow
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कभी उत्तर प्रदेश में बेटियों का स्कूल जाना भी मुश्किल था. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में परिवार अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए दूसरे राज्यों में भेजने को मजबूर थे. आज वही बेटियां रात दो बजे भी अपनी ड्यूटी पूरी करके बेखौफ घर लौट रही हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी में एक मीडिया संस्थान के यूथ आइकॉन कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था में आए बदलाव का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के सामने दो बड़े संकट थे. पहला पहचान का और दूसरा सुरक्षा का. प्रदेश के बाहर जाने पर लोग अपनी पहचान छिपाने को मजबूर होते थे और प्रदेश के भीतर सुरक्षा की चिंता सताती थी. आज उत्तर प्रदेश की पहचान उसके प्रतिभाशाली युवाओं, उद्योगों और उपलब्धियों से हो रही है.
 
कार्यक्रम में खेल, उद्यमिता, कला, संस्कृति, सामाजिक कार्य और डिजिटल क्रिएशन सहित विभिन्न क्षेत्रों के 37 यूथ आइकॉन को सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री योगी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि इनकी सफलता लाखों युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी.
 
आठ फ्रेम में सुनाई बदले उत्तर प्रदेश की कहानी

मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया पर प्रचलित 'बिफोर एंड आफ्टर' रील का उदाहरण देते हुए साढ़े नौ वर्ष में बदले उत्तर प्रदेश की कहानी आठ फ्रेम में सुनाई. पहले फ्रेम में प्रदेश की पहचान और कानून व्यवस्था, दूसरे में सरकारी भर्तियों में सिफारिश के स्थान पर योग्यता को अवसर, तीसरे में खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां और चौथे में युवाओं के रोजगार देने वाला बनने की बात रखी. पांचवें फ्रेम में आधुनिक तकनीक, छठे में अर्थव्यवस्था, निवेश और बुनियादी ढांचे, सातवें में आस्था और पर्यटन से रोजगार तथा आठवें फ्रेम में विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को सामने रखा. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह यात्रा युवाओं के विश्वास और अवसरों में आए बदलाव की कहानी भी है.
 
रात दो बजे भी बेखौफ घर लौटती हैं बेटियां

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित रहते थे. साधन संपन्न परिवार बेटियों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में भेजते थे, जबकि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए स्कूल जाना भी चुनौती था.
 
उन्होंने लखनऊ स्थित एचसीएल की महिला कर्मचारियों का उदाहरण दिया. बताया कि बाराबंकी, उन्नाव और सीतापुर से महिलाएं नाइट शिफ्ट में काम करने आती हैं. हाल ही में उनसे बातचीत के दौरान पूछा था कि रात में घर लौटने में परेशानी तो नहीं होती. महिलाओं ने बताया कि रात दो बजे भी ड्यूटी समाप्त होने पर वे बेखौफ घर लौटती हैं. मुख्यमंत्री ने इसे कानून व्यवस्था में आए बदलाव का उदाहरण बताया.
 
माफिया मिट्टी में मिल चुके, अब अपराधी बेच रहे केला

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफिया का वर्चस्व था. अब माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं और अपराधी केला बेच रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया जैसी स्थिति थी, जबकि आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट से हर जिले के विशिष्ट उत्पाद को पहचान मिल रही है. प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनसे 3.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है. सरकार पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर भी उपलब्ध करा रही है.
 
बिना परीक्षा दिए मिल गया था नियुक्ति पत्र

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मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि सरकार बनने के बाद एक ऐसी नियुक्ति का मामला सामने आया, जिसमें संबंधित व्यक्ति ने न आवेदन किया था और न परीक्षा दी थी, फिर भी उसे नियुक्ति पत्र मिल गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नियुक्तियों में सिफारिश और लेनदेन हावी था. अब योग्यता के आधार पर चयन हो रहा है. साढ़े नौ वर्ष में साढ़े नौ लाख सरकारी नियुक्तियां की गई हैं.
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है. अगले सप्ताह लगभग साढ़े चार हजार सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे. 32 हजार से अधिक पुलिस कांस्टेबलों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. उन्होंने होमगार्ड तथा विभिन्न भर्ती आयोगों के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों का भी उल्लेख किया.
 

1400 खिलाड़ियों को मिली सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को पदक के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति देने की व्यवस्था की है. अब तक लगभग 1400 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है. उन्होंने पारुल चौधरी, राजकुमार पाल और ललित उपाध्याय का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रदेश में सम्मान और रोजगार दोनों मिल रहे हैं. सरकार का संदेश है कि देश के लिए पदक लाओ और उत्तर प्रदेश में पद पाओ.
 

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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना बनी सरकारी शार्क टैंक

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब 25 हजार हो गई है. एक हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड बनाया गया है. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत प्रतिवर्ष एक लाख युवाओं को बिना ब्याज और बिना गारंटी ऋण देने की व्यवस्था है. इसे सरकार का अपना 'शार्क टैंक' बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को अपनी इक्विटी भी नहीं देनी पड़ती.
 
उन्होंने बताया कि एचसीएल के लखनऊ परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगभग सौ से बढ़कर 12,500 हो गई है. कंपनी ने छह हजार और युवाओं की भर्ती के लिए विज्ञापन दिया है. ब्रह्मोस परियोजना में प्रदेश के 500 युवाओं को रोजगार मिला है. मिसाइलों की बिक्री से प्रदेश सरकार को 35 करोड़ रुपये का जीएसटी भी प्राप्त हुआ है.
 

साइबर सुरक्षा के नए मुख्यालय को मंजूरी

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मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि मंगलवार को कैबिनेट ने साइबर सुरक्षा के नए मुख्यालय को मंजूरी दी है. लखनऊ में एआई सिटी, कानपुर में ड्रोन तकनीक और नोएडा में रोबोटिक्स के क्षेत्र में काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि एआई निर्णय दे सकता है, लेकिन निर्णायक मनुष्य को ही बनना होगा.
 
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये होने और 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से रोजगार के नए अवसर बने हैं. आस्था और पर्यटन भी स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं.
 
2047 के भारत का नेतृत्व करेंगे आज के युवा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, तब आज के युवा अलग-अलग क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे होंगे. इसलिए उन्हें अभी से अपनी प्रतिभा और परिश्रम के माध्यम से भविष्य की तैयारी करनी होगी.
 
उन्होंने युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना और मतदान करना केवल अधिकार नहीं, लोकतांत्रिक कर्तव्य भी है. युवाओं को अपने अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों के प्रति भी सजग रहना चाहिए.
 

37 यूथ आइकॉन का हुआ सम्मान

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कार्यक्रम में मीडिया संस्थान की ओर से खेल, उद्यमिता, कला, संस्कृति, सामाजिक कार्य और डिजिटल क्रिएशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले 37 यूथ आइकॉन को सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री योगी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी.

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