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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की बढ़ीं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका, लटकी गिरफ्तारी की तलवार

वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील रखी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट उस आदेश को वापस लेने की मांग की है, जिसमें कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी थी.

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17 Apr 2026
( Updated: 17 Apr 2026
01:23 PM )
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की बढ़ीं मुश्किलें, सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका, लटकी गिरफ्तारी की तलवार
Image Source- IANS/X/@rinikibsharma
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ आरोपों के दर्ज FIR मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें कम नहीं हुईं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया. जमानत पर रोक लगने के बाद अब पवन खेड़ा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. 

पवन खेड़ा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील रखी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट उस आदेश को वापस लेने की मांग की है, जिसमें कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी थी. मामले की सुनवाई जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने की. 

सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा के मामले में क्या कहा? 

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा को फटकार लगाई. बेंच ने कहा, पवन खेड़ा असम जाने की बजाय तेलंगाना क्यों गए, वहां की कोर्ट में क्यों नहीं अपील की? कोर्ट ने साफ किया कि फर्जी दस्तावेज को लेकर की गई हमारी टिप्पणी से गुवाहाटी हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई प्रभावित नहीं होगी. 

इस पर पवन खेड़ा की ओर से दलील दी गई कि उन्हें असम की अदालत जाने के लिए समय चाहिए क्योंकि छुट्टियों के कारण अदालत बंद है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि वे तुरंत याचिका दायर कर सकते हैं और वहां सुनवाई होगी.

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दऱअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका के बीच सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली ट्रांजिट बेल पर लगी रोक को हटाने की मांग करते हुए यह याचिका दायर की है. 

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट द्से मिली, एक हफ्ते की ट्रांजिट बेल पर रोक लगा दी थी. कोर्ट के इस फैसले के बाद उनकी गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है. इसी के मद्देनजर पवन खेड़ा ने शीर्ष अदालत से राहत की गुहार लगाई है और अपने खिलाफ जारी कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील की थी. 

तीन हफ्ते में देना होगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बुधवार को ही पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया था और उनसे तीन हफ्ते के भीतर जवाब मांगा था.  हालांकि, अब खेड़ा ने उसी आदेश को वापस लेने की मांग की है, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत पर रोक लगाई गई थी. 

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क्या है मामला? 

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गौरतलब है कि पवन खेड़ा के खिलाफ असम में एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुईंया शर्मा के खिलाफ कथित आपत्तिजनक आरोप लगाने के चलते दर्ज हुई है, इसी मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट से ट्रांजिट बेल हासिल की थी, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट की रोक जारी है. 

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