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भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी उल्हास के.एस. को सीएम धामी ने किया सम्मानित

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी उल्हास के.एस. को खेल में योगदान और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया.

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10 Jun 2026
( Updated: 10 Jun 2026
05:12 PM )
भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी उल्हास के.एस. को सीएम धामी ने किया सम्मानित
Image Credits: IANS
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भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी उल्हास के.एस. को बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल में उनके योगदान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल की गई सफलताओं के लिए सम्मानित किया. उल्हास के.एस. एक बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं. उन्होंने यूरोप में उस समय एक पेशेवर रास्ता बनाया, जब उस महाद्वीप पर भारतीय खिलाड़ियों के लिए मौके बहुत कम थे.

CM धामी ने बास्केटबॉल खिलाड़ी उल्हास के.एस. को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री से सम्मानित होने के बाद उल्हास के.एस. ने कहा, "यह सम्मान मिलना बहुत मायने रखता है और यह याद दिलाता है कि भारतीय बास्केटबॉल ने कितनी तरक्की की है. मेरा सफर मौकों, लगन और उन लोगों के समर्थन से बना है जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया. मुझे उम्मीद है कि यह पहचान और युवा खिलाड़ियों को पारंपरिक रास्तों से हटकर सपने देखने और सबसे ऊंचे लेवल पर बास्केटबॉल खेलने के लिए प्रेरित करेगी. भारतीय टैलेंट में दुनिया में कहीं भी मुकाबला करने की क्षमता है, और मैं हर तरह से इस खेल को आगे बढ़ाने में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हूं."

तमिलनाडु में जन्मे उल्हास सबसे पहले यूनाइटेड किंगडम में चर्चा में आए, जहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर बास्केटबॉल टीम की कप्तानी की. उनकी कप्तानी में टीम ने लंदन इंटर-यूनिवर्सिटी बास्केटबॉल लीग का खिताब जीता. यह सफलता यूरोप में प्रोफेशनल बास्केटबॉल के रास्ते खोलने में बहुत अहम साबित हुई.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्हास ने भारत का नाम रोशन किया

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उल्हास ने विदेशों में मौके तलाश रहे भारतीय खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाएं बनाईं. वह यूरोपियन प्रोफेशनल बास्केटबॉल में खुद को स्थापित करने वाले पहले भारतीयों में से एक बने. उन्होंने कई देशों में मुकाबला किया और अनुभवी इंटरनेशनल खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार अपनी काबिलियत दिखाई.

यूरोप के सबसे प्रतियोगी बास्केटबॉल माहौल में खेले उल्हास

उनके करियर का एक अहम हिस्सा सर्बिया की टॉप-लेवल टीम 'नोवी पजार सैलामैंडर' के साथ उनका समय था, जहां वे यूरोप के सबसे प्रतियोगी बास्केटबॉल माहौल में खेले. बाद में उन्होंने मोल्दोवा में अपना विदेशी सफर जारी रखा और देश की नेशनल बास्केटबॉल लीग में 'ग्लोरिया बास्केटबॉल क्लब' का प्रतिनिधित्व किया. इससे इस खेल में भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक के तौर पर उनकी पहचान और मजबूत हुई.

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उल्हास ने ​​बास्केटबॉल वर्ल्ड कप क्वालिफायर में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और यूरोप में अपने शानदार स्कोरिंग प्रदर्शन के लिए पहचान बनाई है, जिसमें मोल्दोवा की नेशनल लीग डिवीजन 1 में दूसरे सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले खिलाड़ी के तौर पर फिनिश करना भी शामिल है. साथ ही, उन्होंने भारत और यूनाइटेड किंगडम दोनों जगह चैंपियनशिप खिताब भी जीते हैं.

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