‘वंदे मातरम’ के गायन पर केंद्र की नई गाइडलाइंस, भाजपा सांसदों ने बताया ऐतिहासिक कदम

भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण सांस्कृतिक निर्णय है. उनके अनुसार, ‘वंदे मातरम’ भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और इसके सभी अंशों में सच्ची भारतीयता की झलक मिलती है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इसे अनिवार्य करने के आदेश का वह स्वागत करते हैं.

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11 Feb 2026
( Updated: 11 Feb 2026
09:20 AM )
‘वंदे मातरम’ के गायन पर केंद्र की नई गाइडलाइंस, भाजपा सांसदों ने बताया ऐतिहासिक कदम

केंद्र ने भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गायन के लिए आधिकारिक प्रोटोकॉल स्थापित करने वाले नए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए, जिसका भाजपा के सांसदों ने स्वागत करते हुए एतिहासिक बताया है. 

‘वंदे मातरम’ के गायन पर केंद्र की नई गाइडलाइंस

'वंदे मातरम' को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा, "यह बहुत अच्छा है. मेरा मानना ​​है कि यह भारत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण सांस्कृतिक गीत है, जिसे विपक्ष ने कई सालों तक छिपाकर रखा था. इसके बाकी अंश में सच्ची भारतीयता की झलक दिखती है. इसको गृह मंत्री अमित शाह ने अनिवार्य करने का आदेश दिया है और मैं आदेश का स्वागत करता हूं."

उन्होंने कहा कि हमारी भारतीयता के लिए एक नया उत्साह देखने को मिलने वाला है. जैसे-जैसे हम लोग अपनी संस्कृति से जुड़ते हैं, वैसे-वैसे हम लोग एक नए भारत की ओर आगे बढ़ते हैं. इसका सभी को स्वागत करना चाहिए.

भाजपा सांसदों ने बताया ऐतिहासिक कदम

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, "यह बहुत अच्छा है. कांग्रेस ने कुछ लोगों, खासकर जिन्ना को खुश करने के लिए इसकी कुछ लाइनें हटा दी थीं. आज 150 साल पूरे होने पर उन लाइनों को फिर से शामिल किया जा रहा है, जो बहुत पॉजिटिव कदम है. यह गीत भारत के आजादी के दीवानों की पहचान थी, इसको फिर से शुरू करने से देश का माहौल अच्छा होगा."

उन्होंने कहा कि इस गीत को अब पूरा गाया जा रहा है. जिसको इससे परेशानी थी, वो लोग आजादी के समय ही पाकिस्तान चले गए थे. अब इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने विपक्ष पर साधा निशाना 

विपक्ष की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग को लेकर भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि विपक्ष जिस तरह से काम कर रहा है, वह गलत है. इससे पहले राहुल गांधी ने भी पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर शोर मचाया था, उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई है.

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पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में मस्जिद के निर्माण पर उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य से देश में तनाव हो सकता है. एकजुट होकर लोगों को रहना चाहिए, मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, इसलिए मैं कुछ नहीं बोल सकता हूं.

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