पहले कैबिनेट की सुरक्षा समिति की बैठक, फिर UAE के राष्ट्रपति से बात...मिडिल ईस्ट में जंग के बीच एक्टिव हुए PM मोदी!

Iran-Israel War Live: खाड़ी में जंग की स्थिति के बीच PM मोदी एक्शन मोड में हैं. उनकी UAE के राष्ट्रपति से फोन पर बात हुई, जिसमें उन्होंने हमलों की निंदा की और एकजुटता जताई.

Author
02 Mar 2026
( Updated: 02 Mar 2026
09:49 AM )
पहले कैबिनेट की सुरक्षा समिति की बैठक, फिर UAE के राष्ट्रपति से बात...मिडिल ईस्ट में जंग के बीच एक्टिव हुए PM मोदी!
PM Modi and Zayed Al Nahyan (File Photo)

ईरान और इजरायल के बीच जंग के हालात और ईरानी सेना की ओर से अंधाधुंध मिसाइल दागे जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत हुई है. इस दौरान पीएम ने खाड़ी देश पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने इस कठिन समय में यूएई के साथ भारत की एकजुटता भी व्यक्त की. इतना ही नहीं खाड़ी में जंग के बीच देर शाम मोदी की कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की भी बैठक बुलाई गई.
 
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैंने यूएई के राष्ट्रपति और मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की. मैंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया. इन कठिन समय में भारत यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है.”

उन्होंने यूएई में रह रहे बड़े भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए वहां के नेतृत्व का आभार भी जताया. पीएम मोदी ने कहा, “यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय का ख्याल रखने के लिए उनका धन्यवाद किया. हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं.”

भारत का करीबी दोस्त है UAE!

आपको बता दें कि भारत और यूएई के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक संबंध हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर घनिष्ठ साझेदारी है. यूएई दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक का घर है, जो दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के रिश्तों को मजबूत करता है.

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच CCS की बैठक!

इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार देर शाम राष्ट्रीय राजधानी में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते भू-राजनीतिक हालात के मद्देनजर बुलाई गई. यह बैठक अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों और उसके बाद बढ़े क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में हुई. रिपोर्टों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के मारे जाने का भी उल्लेख है, जिससे व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ गई है.

कौन-कौन हुआ बैठक में शामिल!

यह भी पढ़ें

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी मौजूद थे. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद रात करीब 9:30 बजे दिल्ली पहुंचे और इसके तुरंत बाद सीसीएस की बैठक की अध्यक्षता की. सीसीएस देश में सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर सर्वोच्च निर्णय लेने वाली समिति है, जिसमें प्रधानमंत्री और रक्षा, गृह, विदेश व वित्त मंत्री शामिल होते हैं.

Tags

Advertisement

टिप्पणियाँ 0

Advertisement
Podcast video
देश और धर्म पर बात आई तो शरीर की 206 हड्डियों के साथ संविधान की सारी धाराएं तोड़ दूंगी! Megha
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें