असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने छोड़ी पार्टी; जानें अब किस दल में होंगे शामिल

असम विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरम है. सीएम हिमंत को घेरने के लिए कांग्रेस राहुल गांधी पूरी ताकत लगा रहे हैं. इस बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने छोड़ी पार्टी; जानें अब किस दल में होंगे शामिल
Rahul Gandhi/ Ripun Bora (File Photo)

असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल अचानक गर्म हो गया है. एक तरफ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) लगातार चुनावी मैदान में सक्रिय नजर आ रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर पूरी ताकत झोंक रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुकाबला सिर्फ दो दलों के बीच नहीं, बल्कि दो चेहरों के बीच सीधी टक्कर बन चुका है.

कांग्रेस को करारा झटका

इसी बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने न केवल अपने सभी संगठनात्मक पद छोड़े, बल्कि प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया. चुनाव से ठीक पहले आया यह फैसला कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है.

कौन हैं रिपुन बोरा?

रिपुन बोरा (Ripun Bora) का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा है. वह 2001 में पहली बार विधायक चुने गए थे. तरुण गोगोई सरकार के दो कार्यकालों में उन्होंने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई. 2016 में उन्हें असम कांग्रेस की कमान सौंपी गई और करीब पांच साल तक वह प्रदेश अध्यक्ष रहे. उसी वर्ष वह राज्यसभा के लिए भी चुने गए. उनका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआ. 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. 2022 में वह कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. हालांकि 2024 में उन्होंने फिर कांग्रेस में वापसी की. लेकिन वापसी के बाद वह ज्यादा सक्रिय या चर्चित नहीं रहे. ऐसे में उनका अचानक इस्तीफा राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर रहा है. अब इस बात की चर्चा है कि वह बीजेपी का दामन थाम सकते हैं, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

आरोप-प्रत्यारोप का तेज होता दौर

इधर चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है. पहले सरमा पर 1000 बीघा जमीन रखने का आरोप लगा. इसके जवाब में सरमा ने गौरव गोगोई पर पाकिस्तान से संबंध होने का गंभीर आरोप जड़ दिया. सरमा ने दावा किया कि गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कॉलबर्न के पाकिस्तान के नागरिक अली तौकीर शेख से संबंध हैं और संवेदनशील सूचनाएं साझा की गईं. इस बयान ने सियासत में भूचाल ला दिया. कांग्रेस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई. अब तक असम पुलिस की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह ने भी मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला और कहा कि बिना सबूत के किसी सम्मानित परिवार पर निजी आरोप लगाना राजनीति का स्तर गिराता है. गौरव गोगोई ने भी पलटवार करते हुए कहा कि ऐसे बयान मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े करते हैं.

यह भी पढ़ें


बहरहाल, असम की राजनीति इस समय बेहद उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही है. एक ओर कांग्रेस अंदरूनी झटकों से जूझ रही है, तो दूसरी ओर भाजपा आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में है. आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और तेज होगा. ऐसे में रिपुन बोरा का इस्तीफा और नेताओं के बीच बढ़ती तल्खी चुनावी नतीजों पर कितना असर डालेगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं. असम की जनता किसे सत्ता की चाबी सौंपेगी, यह फैसला अब ज्यादा दूर नहीं है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें