विधानसभा चुनाव: मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाने को लेकर क्या कहता है नियम, किस जग रखें अपना फोन, जानें
मतदाता वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ पर मोबाइल फ़ोन नहीं ले जा सकते हैं. अगर ऐसा करते हैं तो कई तरह की परेशानी हो सकती हैं. चलिए जानते हैं क्यों मोबाइल फ़ोन अंदर लेकर नहीं जाना चाहिए.
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असम, केरल, पुडुचेरी, में विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान जारी है. वहीं तमिलनाडु और पश्चिमी बंगाल जैसे राज्यों में 23 अप्रैल पर मतदान होगा. ऐसे में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम भी किए जाते हैं.
क्यों मोबाइल फ़ोन अंदर लेकर नहीं जाना चाहिए
मतदान केंद्रों पर अर्धसैनिक बल तैनात किए जाते हैं. साथ ही मतदाता वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ पर मोबाइल फ़ोन नहीं ले जा सकते हैं. अगर ऐसा करते हैं तो कई तरह की परेशानी हो सकती हैं. चलिए जानते हैं क्यों मोबाइल फ़ोन अंदर लेकर नहीं जाना चाहिए
मतदान की प्राइवेसी बनाए रखना जरूरी
मतदान प्रक्रिया पूरी तरह से गुप्त होनी चाहिए. अगर कोई अंदर ले जाता है. तो वो अपना वोट EVM पर किस पार्टी या फिर किस उम्मीदवार को दिया है, उसकी फोटो या वीडियो क्लिक कर सकता है. इससे वोट की प्राइवेसी ख़त्म होती है. कोई भी बाद में उसका ग़लत इस्तेमाल किया जा सकता है.
निष्पक्ष चुनाव पर पड़ है ग़लत असर
अगर आप फ़ोन अंदर लेकर जाते हैं. तो इससे रिकॉर्डिंग, लाइव स्ट्रीमिंग या किसी को कॉल करके निर्देश लिया जा सकता है, जिससे निष्पक्ष और सटीक चुनाव पर ग़लत असर पड़ सकता है.
चुनावी क़ानून का पालन का बेहद जरूरी
वोट डालते वक्त चुनावी क़ानून का पालन का बेहद जरूरी होता है. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, चुनाव प्रक्रिया और चुनावी अपराधों को नियंत्रित करते हैं. 1951 और चुनाव संचालन नियम और 1961 के तहत बूथ के अंदर किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक वस्तु जैसे मोबाइल, कैमरा आदि लेना सख्त मना है. केवल अधिकारी चुनाव कर्मी ही महत्वपूर्ण काम के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, वो भी साइलेंट मोड में सिर्फ सीमित समय के लिए ही.
100 मीटर के दायरे में फ़ोन को Switch Off रखना जरूरी
बता दें कि मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंडर ही मोबाइल फ़ोन को Switch Off मोड में ही रखना होता है और इसे इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. सिर्फ वो लोग चुनाव ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मियों को ही कुछ छूट मिली होती है.
पोलिंग बूथ पर होगी मोबाइल जमा करने की सुविधा
अब पोलिंग बूथ के बाहर ही मोबाइल जमा कर वोट देने की सुविधा की गई है. पहले मोबाइल फ़ोन घर छोड़कर आना होता था. अब कई जगहों पर बूथ के ठीक बाहर बॉक्स या फिर जूट बैग में फ़ोन जमा करनी की सुविधा है. वोट डालने के बादद टोकन लेकर आप अपना फ़ोन वापस ले सकते हैं. ये सुविधा ख़ास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए काफी मददगार है.
सुरक्षा कर्मी को बाहर ही रोक देंगे
अगर आप वोट डालने के समय मोबाइल फ़ोन पोलिंग बूथ के अंदर ले जाते हैं, तो चुनावी कर्मी अधिकारी या सुरक्षा कर्मी आपको बाहर ही रोक देंगे, वो फ़ोन जमा कराने के लिए कहेंगे.
जब्त हो सकता फ़ोन
अगर आप फ़ोन जमा नहीं करते हैं और अंदर जाने की कोशिश करते हैं, तो आपको वोट डालने से रोका जा सकता है. कई मामलों में मतदाता को वापस भेज दिया जाता है ,इतना ही नहीं फ़ोन भी जब्त किया जा सकता है.
3 महीने की जेल और लगेगा जुर्माना
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अगर आप फ़ोन अंदर लेकर जाते हैं और वोट की फ़ोटो या वीडियो लेते हैं, या किसी को दिखाते हैं, तो ये धारा 128 के तहत अपराध माना जाता है. ऐसा करने पर 3 महीने तक की जेल, या जुर्माना देना पड़ सकता है, कुछ मामलों में दोनों भी अनिवार्य किए जा सकते हैं.
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