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'सोनाक्षी इतनी बड़ी स्टार नहीं कि बिना पब्लिसिटी फिल्म देखने पहुंचें दर्शक', 'तू है मेरी किरण' पर बोले गिरीश वानखेड़े

सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म 'तू है मेरी किरण' बॉक्स ऑफ़िस पर कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई. वहीं इस बीच ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने कहा है कि सोनाक्षी इतनी बड़ी स्टार नहीं हैं कि बिना पब्लिसिटी के दर्शक फिल्म देखने पहुंचें.

Image Credits: IANS/Sonakshi Sinha/instagram
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बॉक्स ऑफिस पर 'तू है मेरी किरण' और 'तुम मेरे हो' फिल्में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं. इसके पीछे के प्रमुख कारणों पर ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने आईएएनएस से बात की. उन्होंने सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म 'तू है मेरी किरण' के प्रमोशन में कमी को बड़ी वजह बताया. वहीं, उन्होंने गुरमीत चौधरी की फिल्म 'तुम मेरे हो' को लेकर कहा कि फिल्म का म्यूजिक और स्टारकास्ट दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए मजबूत नहीं था. 

'तू है मेरी किरण' पर बोले गिरीश वानखेड़े

आईएएनएस से बात करते हुए गिरीश वानखेड़े ने कहा, ''फिल्म 'तू है मेरी किरण' के साथ सबसे बड़ी समस्या उसकी विजिबिलिटी नहीं होना थी. दर्शकों के बीच फिल्म के बारे में जानकारी की कमी थी. फिल्म की रिलीज से महज छह से सात दिन पहले खबरें आने लगीं कि सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म रिलीज होने वाली है. जब किसी फिल्म के बारे में रिलीज से कुछ दिन पहले ही चर्चा शुरू होती है, तो उसके लिए दर्शकों के बीच उत्सुकता पैदा करना मुश्किल हो जाता है.''

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‘फिल्म को कम से कम एक महीने पहले प्रमोट किया जाना चाहिए था’

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उन्होंने कहा, ''फिल्म को कम से कम एक महीने पहले प्रमोट किया जाना चाहिए था. सोनाक्षी इतनी बड़ी स्टार नहीं हैं कि बिना पब्लिसिटी के दर्शक फिल्म देखने पहुंचें. अगर फिल्म के बारे में बात करने या उसे प्रमोट करने में परेशानी हो, तो दर्शकों से थिएटर तक पहुंचने की उम्मीद कैसे की जा सकती है. फिल्म के बारे में डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी देर से जानकारी मिली. किसी फिल्म की मार्केटिंग कमजोर होने का असर दर्शकों तक उसकी पहुंच पर पड़ता ही है.''

‘सिर्फ फिल्म रिलीज कर देने से दर्शक अपने आप थिएटर तक नहीं पहुंचते’

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ट्रेड एनालिस्ट ने सोनाक्षी सिन्हा की पिछली फिल्म 'निकिता रॉय' का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ''फिल्म 'निकिता रॉय' को भी बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता नहीं मिली थी. ऐसे में सोनाक्षी की इस फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए पहले से ज्यादा प्रमोट करने की जरूरत थी. कलाकार की पहचान के साथ-साथ फिल्म को लेकर लगातार चर्चा बनाए रखना भी जरूरी है. सिर्फ फिल्म रिलीज कर देने से दर्शक अपने आप थिएटर तक नहीं पहुंचते.''

'तुम मेरे हो' पर क्या बोले वानखेड़े

वहीं, गुरमीत चौधरी की फिल्म 'तुम मेरे हो' पर बात करते हुए वानखेड़े ने कहा, ''फिल्म में ऐसा कुछ खास नहीं था, जिसके लिए दर्शक टिकट खरीदकर सिनेमाघर जाना चाहते हों. रोमांटिक फिल्मों में म्यूजिक अहम होता है, लेकिन इस फिल्म के गाने लोगों की जुबान पर नहीं चढ़ सके. फिल्म का प्रमोशन तो किया गया था, लेकिन उसके गानों को वैसी लोकप्रियता नहीं मिली, जो इस तरह की फिल्म के लिए जरूरी होती है.''

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वानखेड़े ने कहा, ''गुरमीत चौधरी टीवी के लिए बेहतरीन अभिनेता हैं, लेकिन फिल्मों में दर्शकों को आकर्षित करने वाला वह चार्म अभी उनमें नजर नहीं आया है. मुझे लगता है कि 'तुम मेरे हो' का म्यूजिक और स्टारकास्ट इतने प्रभावशाली नहीं थे कि दर्शक इन्हें देखने के लिए थिएटर तक आते.''

‘रामायण' और  'किंग’ पर क्या बोले वानखेडे

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बातचीत में वानखेड़े ने आने वाली फिल्मों, रणबीर कपूर की 'रामायण' और शाहरुख खान की 'किंग', को लेकर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, ''मेरे अनुमान के मुताबिक, दोनों फिल्में अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं, लेकिन अब तक बने माहौल को देखते हुए मुझे लगता है कि 'किंग' बाजी मार सकती है. 'रामायण' की बात करें तो यह फिल्म पहले दिन दुनियाभर में 110 से 115 करोड़ रुपए का कारोबार कर सकती है और पहले वीकेंड में इसका कलेक्शन 300 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है. फिल्म को लेकर हो रहा विवाद भी कमाई में मदद करेगा.''

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