फिर विवादों में समय रैना… शो में ‘बिहारी’ और ‘कश्मीरी पंडितों’ पर मजाक का आरोप, BJP नेता ने की एक्शन की मांग
कॉमेडियन समय रैना अपने कंटेंट से ज्यादा विवादों को लेकर चर्चा में रहते हैं. एक बार फिर उनके शो लेटेंट राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया. शो में बिहारी और कश्मीरी पंडितों को रोस्ट करना भारी पड़ गया.
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कॉमेडियन समय रैना (Samay Raina) एक बार फिर अपनी टिप्पणियों को लेकर विवादों में घिर गए हैं. इस बार ये पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब समय रैना के शो लेटेंट में शेरोन वर्मा और समय के बीच 'रोस्टिंग' चल रही थी.
इस दौरान समय रैना शेरोन वर्मा को ‘बिहारी’ कहते हुए रोस्ट कर रहे थे. समय ने कहा, शेरोन इतनी बिहारी हैं कि उसे लगता है इबोला का मतलब किसी ने कुछ कहा है’ इस पर शेरोन दवाब देती हैं, ‘समय इतना कश्मीरी है कि उसे स्टोन होना पसंद है’, इस पर समय रैना बोले कि शेरोन वर्मा एक बिहारी हैं जो नौकरी की तलाश में मुंबई आईं…जस्ट बिहारी थिंग्स, इस पर शेरोन फिर पलटवार करती हैं, ‘कम से कम मैंने अपनी मर्जी से अपना राज्य छोड़ा है’.
हालांकि ये सब कुछ मजाक में चल रहा था. दोनों ने एक दूसरे को क्षेत्र के आधार पर रोस्ट और मजाक किया, लेकिन शो की ये क्लिप वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल छिड़ गया. अब तो इस पर राजनीतिक बखेड़ा भी खड़ा हो गया. शेरोन और समय के बीच हुई इस रोस्टिंग पर राजनीति गर्मा गई.
BJP नेताओं ने जताई नाराजगी
समय रैना के शो में कश्मीरी पंडितों और बिहारियों पर मजाक बनाना राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया. मुंबई में BJP विधायक राम कदम ने समय रैना की टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग केवल प्रसिद्धि हासिल करने के लिए जानबूझकर विवादित बयान देते हैं. पहले विवादित टिप्पणी की जाती है और बाद में माफी मांग ली जाती है, लेकिन इस बीच संबंधित व्यक्ति को बड़े स्तर पर प्रचार मिल जाता है.
एक्शन लेने की मांग
राम कदम ने कहा, सनातन हिंदू धर्म, हिंदू देवी-देवताओं या कश्मीरी पंडितों जैसे संवेदनशील विषयों को मजाक का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने ऐसे मामलों में सख्त कानून और कुछ अवधि के लिए प्रतिबंध लगाने जैसे कदमों की मांग की.
BJP विधायक ने कहा कि अगर जानबूझकर किसी समुदाय या धार्मिक भावना का मजाक उड़ाकर प्रचार हासिल करने की कोशिश की जाती है, तो ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक जरूरी है.
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी समय रैना की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि कॉमेडी करते समय यह नहीं भूलना चाहिए कि व्यक्ति भारत का नागरिक है और भारत एक संवेदनशील देश है. कश्मीरी पंडितों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया है. किसी जाति या वर्ग का उपहास उड़ाना उचित नहीं है. उन्होंने आशंका जताई कि अगर इस तरह की टिप्पणियां जारी रहीं तो कोई व्यक्ति कानूनी रास्ता अपनाकर अदालत में मामला ले जा सकता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि समय रैना जल्द ही इस संवेदनशीलता को समझेंगे और भविष्य में इस तरह की टिप्पणियों से बचेंगे.
सपा ने भी की कार्रवाई की मांग
मुंबई में समाजवादी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष यूसुफ अब्राहनी ने भी कथित टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि देश में ऐसे कानून मौजूद हैं, जिनके तहत किसी दूसरी जाति, वर्ग या व्यक्ति का अपमान करने वाली टिप्पणियों पर कार्रवाई हो सकती है. हेट स्पीच या किसी समुदाय का मजाक उड़ाने से समाज में नाराजगी और नफरत बढ़ती है. इससे लोगों के बीच विभाजन पैदा होता है. इसलिए उन्होंने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में दूसरे लोग भी इस तरह की टिप्पणियां करने से बचें.
उन्होंने कश्मीरी पंडितों और बिहार से जुड़े लोगों की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रति सहानुभूति और सम्मान होना चाहिए, न कि उनका मजाक बनाया जाना चाहिए.
एक्टर मनोज बाजपेयी ने क्या कहा?
वहीं, बॉलीवुड एक्टर मनोज बाजपेयी ने कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में प्रवासियों पर किए गए मजाक से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर मजाक में हो रहा है तो दिक्कत नहीं. हमें खुद पर और एक-दूसरे पर हंसना सीखना चाहिए, सम्मान के साथ. उन्होंने दिल्ली में बस ड्राइवर के 'ए बिहारी' कहने का अपना किस्सा भी सुनाया.
मनोज बाजपेयी ने कहा, ‘हमें खुद पर और साथ में भी हंसना सीखना चाहिए. किसी को भावनाओं को आहत किए बिना एक-दूसरे पर हंसना चाहिए और फिर बुरा नहीं मानना चाहिए. हमें यही सीखना चाहिए. हमारे अंदर खुद को लेकर ह्यूमर होना चाहिए, लेकिन साथ ही सम्मान भी होना चाहिए - न सिर्फ अपने लिए, बल्कि उस व्यक्ति के लिए भी जिसके साथ आप बैठे हैं और वह व्यक्ति कहां से आया है, इसके लिए भी. यह बहुत जरूरी है. अगर दो लोग एक-दूसरे के साथ सहज होते हैं, तो वे हमेशा एक-दूसरे पर हंसते हैं.’
‘बिहारी’ से जुड़ा किस्सा बताया
इसके बाद एक्टर ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने शुरुआती दिनों की एक घटना का जिक्र किया, जब एक बस ड्राइवर ने उनसे सख्ती से बात की थी. उन्होंने आगे कहा, ‘जब मैं दिल्ली में था, तब मैं 18 साल का था, और मैं बस में सामने वाले दरवाजे से चढ़ने की कोशिश कर रहा था क्योंकि यह मेरा पहला अनुभव था. इसलिए, मुझे शहर के नियमों का पता नहीं था. ड्राइवर ने मेरी तरफ देखा और चिल्लाया, 'ए बिहारी, पिछले गेट से चढ़ो’.
मनोज बाजपेयी आगे कहते हैं, ‘उसे पता नहीं था कि मैं बिहार से हूं, लेकिन असल में मैं बिहार से ही हूं. उसके लिए, जो भी व्यक्ति ऐसी बेवकूफी भरी गलती करता था, वह बिहार से ही होता था. मुझे बुरा नहीं लगा क्योंकि पहली बात, वह सही था कि मैं बिहार से हूं. दूसरी बात, मैं भी गलत नहीं था क्योंकि मैं शहर में नया था और बिल्कुल अनजान था.’
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उन्होंने आगे कहा, जब मैंने अलग-अलग राज्यों के लोगों से दोस्ती की, तो हम एक-दूसरे पर हंसा करते थे. हमें कभी बुरा नहीं लगा या हम कभी आहत नहीं हुए, लेकिन हां, समस्या तब होती है जब कोई बाहर से आकर आपके लिए या समुदाय के लिए परेशानी का कारण बन जाता है. तब दिक्कत होती है उससे पहले तो हमें एक-दूसरे पर और खुद पर भी हंसने में सक्षम होना चाहिए. यह एक बहुत ही स्वस्थ समाज की निशानी है.’