‘आवाज बंद करने की कोशिशें...', राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलीं दीया मिर्जा
Dia Mirza: दीया मिर्जा का कहना है कि लोगों की आवाज को दबाने या उन्हें चुप कराने की कोशिश बिल्कुल सही नहीं है. उनके मुताबिक, किसी मुद्दे पर किसी की राय हमसे अलग हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसकी बात सुनना ही बंद कर दिया जाए.
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Dia Mirza: एक्ट्रेस दीया मिर्जा अपनी फिल्मों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर खुलकर राय रखने के लिए भी जानी जाती हैं. पर्यावरण, महिलाओं से जुड़े मुद्दे और समाज में बदलाव जैसे विषयों पर वह कई बार अपनी बात सामने रख चुकी हैं. हाल ही में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने लोकतंत्र और लोगों की आवाज को लेकर खुलकर बात की. दीया ने कहा कि किस भी स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि लोग सवाल पूछ सकें और एक-दूसरे के सवालों को सुनने की क्षमता भी रखें.
‘लोगों की आवाज दबाना गलत है’
दीया मिर्जा का कहना है कि लोगों की आवाज को दबाने या उन्हें चुप कराने की कोशिश बिल्कुल सही नहीं है. उनके मुताबिक, किसी मुद्दे पर किसी की राय हमसे अलग हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसकी बात सुनना ही बंद कर दिया जाए. लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों और असहमति के लिए जगह होना बहुत जरूरी है.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं बिल्कुल नहीं हिचकिचाऊंगी ये कहने में कि लोगों को डिस्क्रेडिट करने और उनकी आवाज को बंद करने की कोशिशें बहुत गलत हैं. यह बंद होना जरूरी है.” दीया का मानना है कि जब तक लोगों की आवाज दबाने की कोशिशें होती रहेंगी, तब तक वह और दूसरे लोग अपनी बात कहते रहेंगे और लोकतंत्र में सवाल पूछने की जरूरत याद दिलाते रहेंगे.
#DiaMirza speaks about the moral responsibility of being a parent and a citizen, emphasizing the importance of speaking up for the issues faced by students. 🙌#FilmfareExclusive pic.twitter.com/bC1V4qlBBR
— Filmfare (@filmfare) August 25, 2026
सवाल पूछना लोकतंत्र की ताकत
दीया की बातों का सबसे अहम हिस्सा यही है कि लोकतंत्र में सवाल पूछने की आजादी होनी चाहिए. उनके अनुसार, लोकतंत्र केवल सरकार चुनने तक सीमित नहीं है. लोगों को अपनी बात रखने, सवाल करने और जवाब मांगने का अधिकार भी होना चाहिए. साथ ही, जरूरी है कि सवाल सुनने वाला पक्ष भी धैर्य के साथ लोगों की बात सुने.
उनकी सोच काफी सरल है- अगर किसी बात से असहमति है तो उसका जवाब तर्क के साथ दिया जाना चाहिए, न कि सवाल पूछने वाले की आवाज को ही दबा दिया जाए। यही लोकतांत्रिक बातचीत की बुनियाद है.
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सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
दीया मिर्जा के बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ यूजर्स ने उनकी बात की तारीफ की और कहा कि वह हमेशा अपने विचारों से लोगों को जागरूक करती हैं. एक यूजर ने उन्हें ‘रत्न’ बताते हुए उनके विचारों की सराहना की.
वहीं, कुछ लोग उनके बयान से सहमत नहीं दिखे.. कुछ यूजर्स ने राजनीतिक व्यवस्था को लेकर तंज कसा, तो एक कमेंट में लिखा गया, “आप जैसे लोगों के कारण लोकतंत्र बकवास है.” इस तरह दीया के बयान पर समर्थन और विरोध, दोनों देखने को मिले.
Bold Statement........
'मैं ये कहने में बिल्कुल नहीं हिचकाऊंगी कि लोगों के आवाज़ को बंद करने की कोशिशें बिल्कुल गलत हैं, औऱ ये बंद होनी चाहिए'
- अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा? pic.twitter.com/IFTyR1nTD6— Shekhar (@Shekharcoool5) August 26, 2026Advertisement
पहले भी बेबाक रही हैं दीया
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यह पहली बार नहीं है जब दीया मिर्जा ने किसी सामाजिक मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी हो. वह कई मौकों पर पर्यावरण और सामाजिक बदलाव से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रही हैं. इस बार उन्होंने लोकतंत्र में सवाल पूछने और लोगों की आवाज सुने जाने की जरूरत पर बात की है.
उनके बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति और सवालों के लिए कितनी जगह होनी चाहिए भले ही सोशल मीडिया पर लोगों की राय अलग-अलग हो, लेकिन दीया की बात ने एक जरूरी मुद्दे पर चर्चा जरूर शुरू कर दी है.