NEET विवाद पर प्रीति जिंटा खुलकर आईं सामने, छात्रों के समर्थन में सरकार से की बड़ी मांग; सोनम वांगचुक पर क्या कहा?
Preity Zinta Support CJP Protest: प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही Sonam Wangchuk और छात्र संगठनों से बातचीत करेगी.
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Preity Zinta Support CJP Protest: बॉलीवुड अभिनेत्री Preity Zinta ने NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों के आंदोलन पर अपनी राय खुलकर रखी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही Sonam Wangchuk और छात्र संगठनों से बातचीत करेगी. प्रीति का मानना है कि किसी भी समस्या का सबसे अच्छा हल बातचीत से निकलता है और शिक्षा जैसे अहम मुद्दे पर सभी पक्षों को मिलकर रास्ता ढूंढ़ना चाहिए. उन्होंने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की बात कही और उम्मीद जताई कि जल्द कोई सकारात्मक फैसला सामने आएगा..
सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर क्या कहा?
प्रीति जिंटा ने अपनी पोस्ट में सोनम वांगचुक से अपील कर लिखा, 'प्लीज अपना अनशन खत्म कर दीजिए सोनम. आपकी सेहत भी उतनी ही जरूरी है जितनी कि यह लड़ाई. आप और स्टूडेंट्स भारत और हमारे युवाओं के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं. हमारे एजुकेशन सिस्टम को बेहतर बनाने की इस लड़ाई में हर छात्र और सोनम को मेरा पूरा और अटूट सपोर्ट है. आप सभी को और हिम्मत मिले." मालूम हो कि छात्रों और CJP के इस आंदोलन में तमाम सेलेब्रिटीज भी उतर चुके हैं. एक तरफ विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सेलेब्रिटीज ने भी अपना-अपना खेमा पकड़ रखा है.
I hope our govt starts a meaningful dialogue with Sonam Wangchuk and the student bodies so his health does not deteriorate any further ! Please end your fast Sonam. Your health is as important as this fight. You and the students are fighting for the future of India and for our…
— Preity G Zinta (@realpreityzinta) July 21, 2026
क्या है पूरा मामला?
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे थे. उनका कहना है कि NEET परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों का भरोसा कमजोर किया है. इसी वजह से वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाना और इस मामले में जवाबदेही तय करना शामिल है. उनका कहना है कि छात्रों का भविष्य किसी भी तरह की लापरवाही की वजह से प्रभावित नहीं होना चाहिए.
आंदोलन के दौरान बढ़ा तनाव
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सोमवार को 'चलो संसद' मार्च के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया. इस घटना के बाद आंदोलन और ज्यादा चर्चा में आ गया. देशभर में इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोग सरकार के पक्ष में नजर आए, जबकि कई लोगों ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया.