Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

निठारी कांड से बरी हुए सुरेंद्र कोली की मौत, चाय की दुकान पर फंदे से लटका मिला शव, 13 मामलों में सुनाई गई थी सजा

बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और चाय का खोखा किराये पर लेकर चला रहा था.

Image Source- IANS
Loading Ad...

निठारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी हुए सुरेंद्र कोली का शव हरिद्वार में अपनी चाय की दुकान से बरामद किया गया. उसके गले में फंदा पड़ा था. घटना भूपतवाला क्षेत्र में सप्त सरोवर रोड स्थित लालमाता मंदिर के सामने की बताई जा रही है. 

कोली पिछले कुछ दिनों से यहां चाय बेचने का काम कर रहा था. चाय की दुकान में रस्सी के सहारे उसका शव लटका मिला. सूचना मिलते ही सप्तऋषि पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. पुलिस के मुताबिक सुरेंद्र अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम मंगरुखाल का रहने वाला था. पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. 

पुलिस ने क्या बताया?

Loading Ad...

पुलिस के अनुसार, शहर कोतवाली की सप्त ऋषि पुलिस चौकी को सूचना मिली थी कि सप्त सरोवर रोड स्थित एक चाय की दुकान में एक व्यक्ति मृत अवस्था में मिला है. पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा के रूप में हुई. 

Loading Ad...

बताया जा रहा है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और चाय का खोखा किराये पर लेकर कारोबार कर रहा था. प्रारंभिक जांच में पुलिस को दुकान से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी. 

शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई है, जो निठारी मामले में आरोपी रहा था. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है. मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है. 

Loading Ad...

2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों में किया था बरी

सुरेंद्र कोली का नाम साल 2006 में सामने आए निठारी हत्याकांड से जुड़ा था. लंबे समय तक चले मुकदमों में उसे कई मामलों में दोषी ठहराया गया था. हालांकि, बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में उसे बरी कर दिया था और जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने भी उसके खिलाफ 12 मामलों में बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा था. 

इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने लंबित अंतिम मामले में भी उसकी दोषसिद्धि को रद्द करते हुए उसे बरी करने का आदेश दिया था. अदालत ने उसे तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया था. जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने 2011 के पुनर्विचार फैसले को वापस लेते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की अपील स्वीकार की जाती है और इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया जाता है. कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि सुरेंद्र कोली को तत्काल रिहा किया जाए. 

Loading Ad...

जब दहल गया था नोएडा

साल 2006 में निठारी हत्याकांड से पूरा देश दहल गया था. नोएडा के निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल बरामद हुए थे. इस वारदात ने पुलिस और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया था. 

मामले में पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने आरोप लगाया था कि कोली बच्चों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर लाता था, उनके साथ दुष्कर्म करता और फिर हत्या कर शवों को नाले में फेंक देता था. मामला सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था. जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसने कई मामलों में चार्जशीट दाखिल की थी. 

Loading Ad...

यह भी पढ़ें- बेंगलुरु में खौफनाक वारदात: कोलकाता की नर्स पर पति ने फेंका तेजाब, फिर धारदार हथियार से किए वार

यह भी पढ़ें

कोली पर 13 मामलों में आरोप लगाए गए थे, जबकि पंढेर का कुछ मामलों में सहआरोपी के रूप में नाम आया था. समय के साथ अदालतों ने सुनवाई की और कोली को 12 मामलों में बरी कर दिया गया था, लेकिन एक मामले में 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी. 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उस पुराने फैसले को पलटते हुए कहा था कि कोली के खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं हैं और जांच में गंभीर खामियां रही हैं. इसलिए न्याय के हित में उसे बरी किया जाता है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...