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सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट...40 साल का रिकॉर्ड टूटा, जानिए आज के ताजा भाव
Gold-Silver Price Today: मिडिल इस्ट में युद्ध के बीच सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई है और इसने पिछले 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.
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सोने और चांदी के बाजार में आए इस अभूतपूर्व उतार-चढ़ाव ने विशेषज्ञों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. हाल के दिनों में इन धातुओं की कीमतों में जो भारी गिरावट दर्ज की गई है, वैसी स्थिति पिछले चार दशकों में नहीं देखी गई. कुछ समय पहले तक सोना और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड तोड़ रही थीं, लेकिन अब ऐसी औंधे मुंह गिरी हैं कि पिछले 40 साल का रिकॉर्ड टूट गया है और खरीदारी के लिए योजना बना रहे लोगों के लिए यह एक सुनहरा मौका है.
कीमतों में भारी गिरावट, 40 साल का रिकॉर्ड टूटा
अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू दोनों ही स्तरों पर इस वक्त सोने और चांदी की बिकवाली का दौर चल रहा है. अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में बड़ी हलचल हुई है. अगर ग्लोबल मार्केट की बात करें तो 13 मार्च को सोना 5,200 डॉलर प्रति औंस पर था, जो 23 मार्च तक घटकर 4,354 डॉलर पर सिमट गया है. गौरतलब है कि यह पहले 5,595.51 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर जा चुका था.
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MCX के मुताबिक सोने और चांदी के भाव
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मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 7,619 रुपए या 5.27 प्रतिशत घटकर 1,36,873 रुपए हो गई है. अब तक के कारोबार में सोने ने 1,36,403 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,40,158 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ. वहीं, चांदी में भी गिरावट जारी है. चांदी के 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 14,495 रुपए या 6.39 प्रतिशत कम होकर 2,12,277 रुपए हो गया है. अब तक के कारोबार में सोने ने 2,11,086 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,17,702 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ है.
युद्ध के बीच क्यों फीकी पड़ी सोने की चमक?
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आमतौर पर वैश्विक स्तर पर जब भी कोई भू-राजनीतिक अस्थिरता या युद्ध के हालात बनते है, तो निवेशक सोने को सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश मानकर उसकी ओर रुख करते हैं. हालांकि, मौजूदा समय के बाजार का परिदृश्य इसके बिल्कुल उल्टा है. मध्य पूर्व में गहराते तनाव के बाद भी सोने ने अपनी 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित निवेश) की पारंपरिक पहचान और चमक खो दी है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड में कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि बढ़ती मुद्रास्फीति की चिंताओं और उच्च ब्याज दरों की उम्मीदों के चलते सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई, जबकि अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर चल रहे संघर्ष में कोई कमी आने के संकेत नहीं दिखे.
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वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट का खतरा
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उन्होंने आगे कहा कि सप्ताहांत में तनाव तब और बढ़ गया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे की समय सीमा दी और महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाकर गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी. वहीं, तेहरान ने प्रमुख क्षेत्रीय संपत्तियों पर हमला करने और संभवतः जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने की धमकी देकर जवाब दिया. यह संघर्ष अब लगातार चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, और जारी तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान की आशंका बढ़ गई है.