शहबाज चले थे जंग रुकवाने, ईरान ने पाकिस्तनी जहाज को होर्मुज से खदेड़ा, भारतीय जहाजों के लिए बिछाए रेड कारपेट!
Wes Asia Crisis: मध्यस्थता के प्रयासों के बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए ‘सेलेन’ जहाज को होर्मुज जलडमरुमध्य से वापस भेजकर पाकिस्तान को बड़ा कूटनीतिक झटका दिया है.
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पाकिस्तान एक तरफ अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच समझौता कराने में लगा हुआ है, वहीं दूसरी ओर ईरान उसके ही जहाज को होर्मुज से गुजरने नहीं दे रहा है. दरअसल, ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पाकिस्तान के सेलेन नामक एक जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने से रोक दिया. इसकी वजह तय मानकों को पूरा न करना, यानि संबंधित विभाग से इजाजत न लेना, बताई गई. इसकी टाइमिंग अहम है. असल में पाकिस्तान ईरान और यूएस के बीच मध्यस्थ बनने को तैयार है, तो इस कदम से ईरान ने शायद जताने की कोशिश की है कि फिलहाल वो किसी कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा नहीं है.
کشتی کانتینربر SELEN به دلیل عدم رعایت پروتکلهای قانونی و نداشتن مجوز عبور از #تنگه_هرمز، توسط نیروی دریایی سپاه به عقب بازگردانده شد.
— علیرضا تنگسیری (@alirezatangsiri) March 24, 2026
عبور هرگونه شناور از این آبراهه مستلزم هماهنگی کامل با حاکمیت دریایی ایران است و این مهم جز به پشتوانه مردم شریف ایران به دست نمیآمد. pic.twitter.com/g6ei29Y90Q
IRGC ने पाकिस्तानी जहाज को रोका
एआईएस ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि सेलेन, जो 23 मार्च को देर रात शारजाह एंकरेज से निकला था, पाकिस्तान की ओर तयशुदा रूट पर जा रहा था, लेकिन होर्मुज के पास अचानक रास्ता बदलकर खाड़ी में वापस चला गया. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि जहाज के पास 'लीगल क्लियरेंस' नहीं था. आईआरआईबी (इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग) ने आईआरजीसी के रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी के हवाले से बताया कि जहाज ने नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए उसे वापस भेज दिया गया.
जहाजों को ईरानी अधिकारियों से इजाजत लेना आवश्यक
साफ कहा कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को पहले ईरान के अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी. इक्वासिस डेटा के मुताबिक सेलेन (आईएमओ: 9208459) सेंट किट्स एंड नेविस का झंडा वाला एक छोटा फीडर कंटेनरशिप है और यह दुबई की एक्सीड ओशनिक ट्रेडिंग एलएलसी के अधीन है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका का मध्यस्थ बनने को तैयार है. वो अपनी ओर से कूटनीतिक प्रस्ताव लेकर आगे आया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद सामने से कह रहे हैं कि इस्लामाबाद संघर्ष के पूरे समाधान के लिए प्रयत्न करने को 'तैयार' है.
ट्रंप ने साझा किया शहबाज शरीफ का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शरीफ का बयान शेयर करके इस ऑफर को और मजबूत किया, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वॉशिंगटन इसमें हिस्सा लेगा या नहीं. इन संकेतों के बावजूद, ईरान ने सबके सामने कहा है कि कोई बातचीत नहीं चल रही है और उसने लड़ाई जारी रखने का अपना इरादा दोहराया है.
Donald J. Trump Truth Social Post 10:46 AM EST 03.24.26 pic.twitter.com/UNLDseZir6
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) March 24, 2026
पाकिस्तान ऐसे कराएगा समझौता?
पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने का दावा तो कर रहा है, लेकिन हालिया घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं. खुद को मध्यस्थ बताने वाले पाकिस्तान के लिए यह स्थिति बेहद शर्मनाक है कि वह अपने स्वयं के जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी विफल दिख रहा है.
भारतीय जहाजों की हो रही है धड़ाधड़ क्रॉसिंग
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जहां एक ओर पाकिस्तान संघर्ष कर रहा है, वहीं युद्ध के इन कठिन हालातों में भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही निरंतर जारी है. भारत की सुदृढ़ कूटनीति का ही परिणाम है कि देश में ऊर्जा का कोई संकट पैदा नहीं हुआ और न ही तेल-गैस की आपूर्ति में कोई कमी आई है. अभी तक शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस, जगवसंत, पुष्पक और परिमल जैसे बड़े जहाजों ने सफलतापूर्वक इस जलमार्ग को पार किया है.
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