भारत की दरियादिली- मालदीव से बुर्किना फासो तक, दुनिया की ‘लाइफ़लाइन’ बना हिंदुस्तान
भारत ने 'पड़ोसी प्रथम' नीति और वैश्विक एकजुटता के तहत मालदीव को आवश्यक वस्तुओं के निर्यात की अनुमति दी और खाद्य सुरक्षा के लिए बुर्किना फासो को 1000 मीट्रिक टन चावल की सहायता भेजी.
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मालदीव के अनुरोध पर भारत ने एक अहम कदम उठाते हुए वर्ष 2026-27 के लिए आवश्यक वस्तुओं के निर्यात को मंजूरी दे दी है. भारतीय उच्चायोग के अनुसार, विशेष द्विपक्षीय तंत्र के तहत कई जरूरी खाद्य और निर्माण सामग्रियों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे मालदीव की जरूरतों और विकास परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी.
भारत मालदीव को भेजेगा जरूरी सामान
भारतीय उच्चायोग ने बताया कि मालदीव सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार ने एक विशेष द्विपक्षीय तंत्र के तहत वर्ष 2026-27 के लिए कुछ निश्चित मात्रा में आवश्यक वस्तुओं जिनमें अंडे, आलू, प्याज, चावल, गेहूं का आटा, चीनी, दालें, पत्थर की गिट्टी और नदी की रेत शामिल हैं के निर्यात की अनुमति दे दी है.
मालदीव को निर्माण सामग्री की आपूर्ति जारी
इस तंत्र के अंतर्गत इनमें से प्रत्येक वस्तु का कोटा मालदीव सरकार की ओर से साझा की गई आवश्यकताओं के अनुरूप निर्धारित किया गया है. मालदीव के निर्माण उद्योग के लिए नदी की रेत और पत्थर की गिट्टी की आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तुएं हैं. इसके अतिरिक्त, चालू वर्ष के लिए चावल के कोटे में भी 77 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की गई है.
मालदीव को निर्यात पर प्रतिबंधों को मिली छूट
पिछले वर्षों की ही भांति, वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान इन वस्तुओं का निर्यात, किसी भी मौजूदा अथवा भविष्य में लागू होने वाले प्रतिबंधों/निषेधों से मुक्त रहेगा. भारत अपनी 'पड़ोसी पहल' नीति के एक अंग के रूप में मालदीव में मानव-केंद्रित विकास को समर्थन देने के प्रति दृढ़तापूर्वक प्रतिबद्ध है. इसके अलावा, भारत ने मानवीय सहायता के तहत बुर्किना फासो को 1000 मीट्रिक टन चावल की खेप भेजी है. यह पहल ग्लोबल साउथ के देशों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है.
भारत ने बुर्किना फासो को भेजा 1000 टन चावल
India has sent a consignment of 1000 metric tons of rice to Burkina Faso as humanitarian assistance. This is aimed at supporting food security for vulnerable communities and internally displaced persons.
The gesture reflects India’s continued commitment as a reliable… pic.twitter.com/Xx8CIHia5D— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 1, 2026यह भी पढ़ें
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा, ''भारत ने मानवीय सहायता के तौर पर बुर्किना फासो को 1000 मीट्रिक टन चावल की एक खेप भेजी है. इसका उद्देश्य कमजोर समुदायों और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की खाद्य सुरक्षा में सहायता करना है. यह कदम 'ग्लोबल साउथ' के देशों के लिए एक भरोसेमंद विकास और मानवीय सहायता और आपदा राहत साझेदार के रूप में भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता’.’
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