'ईरान की सेना तबाह, परमाणु प्लान फेल…', राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने किया जीत का दावा, होर्मुज समेत कई मुद्दों पर जानें क्या कहा?
ईरान-अमेरिका-इज़रायल संघर्ष 34वें दिन में पहुंच गया है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों के करीब है और ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया जा चुका है. उन्होंने साफ किया कि ईरान को परमाणु ताकत बनने से हर हाल में रोका जाएगा.
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Middle East War Update: ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी संघर्ष अब 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है. इस भीषण युद्ध के कारण पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव चरम पर बना हुआ है. इसी बीच पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने राष्ट्र को संबोधित किया. इस जंग का असर न सिर्फ क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी गहराई से पड़ा है. वहीं ईरान को लेकर ट्रंप के लगातार बदलते रुख ने अमेरिका समेत दुनिया भर में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है. सोशल मीडिया पर भी उनके इस रवैये की तीखी आलोचना हो रही है. हालांकि गुरुवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने साफ किया कि अब अमेरिका अपने लक्ष्य को हासिल कर चुका है और ईरान के शीर्ष नेतृत्व व उसकी नौसैनिक क्षमता को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है.
अमेरिका ने हासिल किया लक्ष्य
ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ईरान के प्रमुख नेताओं को खत्म कर दिया गया है और करीब एक महीने से चल रही इस जंग में अमेरिका अपने तय उद्देश्यों की ओर बढ़ता रहा है. ट्रंप ने दोहराया कि वह किसी भी कीमत पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सफल नहीं होने देंगे और इस दिशा में इजरायल के साथ मिलकर लगातार कार्रवाई की जा रही है. अपने संबोधन में उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर भी कई दावे किए. ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है, वायुसेना बुरी तरह तबाह हो गई है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का शीर्ष नेतृत्व भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अब समुद्री क्षेत्र में पूरी स्थिति अमेरिका के नियंत्रण में है.
#WATCH राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "आज शाम जब हम बात कर रहे हैं, तो अमेरिका की सेना द्वारा 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किए हुए अभी सिर्फ़ एक महीना ही हुआ है; इस ऑपरेशन का लक्ष्य दुनिया का नंबर एक आतंकवाद-प्रायोजक देश—ईरान था। पिछले 4… pic.twitter.com/WEMMY6hgTa
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2026
होर्मुज पर ट्रंप सख्त रूख
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ संकेत दिए कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका अब सख्त रुख अपनाने वाला है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी बल इस अहम समुद्री मार्ग तक जाएंगे और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे. ट्रंप के मुताबिक, आने वाले दो-तीन हफ्तों में अमेरिका अपनी रणनीति और आक्रामक कर सकता है, साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ईरान के साथ किसी तरह की डील की संभावना नहीं है. ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि जब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से सामान्य आवाजाही के लिए खुल नहीं जाता, तब तक अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान युद्धविराम के लिए तैयार था, लेकिन अमेरिका की सहमति इस बात पर निर्भर करेगी कि यह अहम समुद्री रास्ता दोबारा सुचारु रूप से चालू हो. वहीं, ईरान की ओर से कहा गया है कि यह जलमार्ग उसके विरोधियों अमेरिका और इजरायल को छोड़कर बाकी सभी देशों के लिए खुला हुआ है.
#WATCH देश को संबोधित करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "... हमारे दुश्मन अमेरिका में हार रहे हैं, जैसा कि मेरे राष्ट्रपति रहने के 5 साल से हो रहा है और अब वे पहले से कहीं ज़्यादा बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं।"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2026
(सोर्स: अनरिस्ट्रिक्टेड पूल वाया रॉयटर्स) pic.twitter.com/1Od5K8Clwg
ट्रंप ने वेनेजुएला ऑपरेशन का जिक्र
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला (Venezuela) का भी उल्लेख किया और वहां हुई सैन्य कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया. उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि एक बेहद तेज़ और सटीक ऑपरेशन के जरिए कुछ ही मिनटों में हालात पर नियंत्रण पा लिया गया. ट्रंप ने इस मिशन को तेज़, घातक और प्रभावशाली बताते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर अमेरिका की साख और मजबूत हुई है. ट्रंप ने आगे कहा कि अब अमेरिका वेनेज़ुएला के विशाल तेल और गैस संसाधनों के विकास और निर्यात को लेकर सक्रिय रूप से काम कर रहा है, जिन्हें उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में से एक बताया. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अब मध्य-पूर्व पर ऊर्जा के लिए निर्भर नहीं है, लेकिन अपने सहयोगी देशों के हितों की रक्षा के लिए क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा.
जल्द खत्म होगा अभियान
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में अमेरिका अपने अधिकांश सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने के बेहद करीब पहुंच चुका है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह अभियान जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा और इसे तेज़ी से अंजाम तक पहुंचाया जाएगा. ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अपने संबोधन में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक यह संघर्ष जारी रहेगा, वॉशिंगटन अपने खाड़ी क्षेत्र के सहयोगियों की हर संभव तरीके से सुरक्षा करता रहेगा. ट्रंप ने पहले भी अमेरिका के सैन्य लक्ष्यों का जिक्र किया था, जिनमें ईरान की आक्रामक मिसाइल क्षमताओं को खत्म करना, उसके मिसाइल उत्पादन ढांचे को नष्ट करना, नौसेना और व्यापक सुरक्षा तंत्र को निशाना बनाना और उसे परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना शामिल है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने मिशन को लगभग पूरा कर चुका है और बहुत जल्द ईरान से अमेरिकी सेना की वापसी शुरू हो सकती है.
#WATCH राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "... मौजूदा हालात पर चर्चा करने से पहले, मैं अपने सैनिकों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने वेनेज़ुएला देश को कुछ ही मिनटों में अपने कब्ज़े में लेने का शानदार काम किया। वह हमला तेज़, जानलेवा,… pic.twitter.com/LeWKlVdkQ8
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2026
अभी हमले और तेज होंगे: ट्रंप
ट्रंप ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और आक्रामक हो सकती है, भले ही पर्दे के पीछे बातचीत जारी रहे. उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर अमेरिका ईरान पर और अधिक ताकत के साथ दबाव बनाएगा. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान का तेल ढांचा संभावित लक्ष्यों में शामिल है और जरूरत पड़ने पर इन ठिकानों पर हमला किया जा सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीति के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और बातचीत अभी भी जारी है, जबकि वॉशिंगटन अपने अगले कदमों पर रणनीतिक तौर पर विचार कर रहा है.
होर्मुज सुरक्षा पर ट्रंप का संदेश
ट्रंप ने की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जिन देशों की अर्थव्यवस्था इस समुद्री रास्ते से होने वाली तेल आपूर्ति पर टिकी है, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठानी चाहिए. अमेरिका सहयोग करने को तैयार है, लेकिन नेतृत्व उन देशों को ही करना होगा जो इस मार्ग पर सबसे अधिक निर्भर हैं. ट्रंप ने सुझाव देते हुए कहा कि देश अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं, क्योंकि वहां पर्याप्त भंडार मौजूद है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित देशों को साहस दिखाते हुए पहले ही कदम उठाना चाहिए था और मिलकर इस अहम जलमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए थी. उनके अनुसार, इन देशों को आगे बढ़कर होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित कर उसकी सुरक्षा और उपयोग अपने हित में करना चाहिए.
परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए कार्रवाई जरूरी थी: ट्रंप
ट्रंप ने आगे कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा कूटनीति रही, लेकिन ईरान ने परमाणु हथियारों की कोशिशें नहीं रोकीं. उन्होंने बताया कि इसी कारण ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर हमला किया गया, जिससे उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. ट्रंप के मुताबिक, ईरान लगातार लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और खतरनाक हथियार विकसित कर रहा था और परमाणु बम बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका था, जिसे रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी हो गई थी.
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बहरहाल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के इस संबोधन के बाद ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी यह संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है. ट्रंप के सख्त तेवर और लगातार बदलती रणनीति ने जहां हालात को और संवेदनशील बना दिया है, वहीं आने वाले हफ्ते इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकते हैं. दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह टकराव जल्द थमेगा या फिर और बड़ा रूप लेगा.
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