दिल्ली में EV खरीदने वालों के लिए गुड न्यूज, कार-बाइक -ऑटो कुछ भी खरीदिए, होगा लाखों का फायदा, ईवी पॉलिसी ड्राफ्ट जारी
EV Policy Draft Released: यह नीति इस सोच पर आधारित है कि साफ हवा में जीना हर व्यक्ति का अधिकार है, जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 21 में भी जीवन के अधिकार के तहत माना गया है. इसके साथ ही कोर्ट के पुराने फैसलों और पर्यावरण से जुड़े कानूनों को भी इसका आधार बनाया गया है.
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EV Policy Draft Released: दिल्ली में हर साल खासकर सर्दियों के समय हवा बहुत खराब हो जाती है और प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है. इसी समस्या को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का ड्राफ्ट तैयार किया है. इसका मुख्य मकसद लोगों को पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की तरफ लाना है, ताकि धुआं कम हो और शहर की हवा साफ हो सके. यह नीति इस सोच पर आधारित है कि साफ हवा में जीना हर व्यक्ति का अधिकार है, जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 21 में भी जीवन के अधिकार के तहत माना गया है. इसके साथ ही कोर्ट के पुराने फैसलों और पर्यावरण से जुड़े कानूनों को भी इसका आधार बनाया गया है. सरकार चाहती है कि आने वाले कुछ सालों में दिल्ली धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों वाला शहर बन जाए, जहां प्रदूषण कम हो और लोग बेहतर हवा में सांस ले सकें.
दिल्ली के प्रदूषण में गाड़ियों की भूमिका और EV की जरूरत
रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के सर्दियों वाले प्रदूषण में लगभग 23% हिस्सा गाड़ियों से आने वाले धुएं का होता है. शहर में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चलते हैं, जो कुल वाहनों का करीब 67% है. इसका मतलब यह है कि अगर इन दोपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदल दिया जाए, तो प्रदूषण कम करने में बड़ा फर्क पड़ सकता है.
इसके अलावा, ऑटो, डिलीवरी गाड़ियां और छोटे ट्रक भी लगातार शहर में चलते रहते हैं और धुआं फैलाते हैं. इसलिए सरकार का ध्यान सिर्फ कारों पर नहीं, बल्कि हर तरह के वाहन पर है. इस नीति का लक्ष्य यही है कि धीरे-धीरे हर श्रेणी के वाहन को इलेक्ट्रिक बनाया जाए ताकि प्रदूषण के मुख्य स्रोत को ही कम किया जा सके.
Delhi Electric Vehicle (EV) Policy 2026–2030 (Draft):
— ANI (@ANI) April 11, 2026
Purchase Incentives
A) Electric Two-Wheelers
•Price cap: ₹2.25 lakh
•Year 1: ₹10,000/kWh (max ₹30,000)
•Year 2: ₹6,600/kWh (max ₹20,000)
•Year 3: ₹3,300/kWh (max ₹10,000)
B) Electric Three-Wheelers (E-Auto)… pic.twitter.com/brjUnzUTpU
लोगों को EV अपनाने के लिए आर्थिक मदद और छूट
सरकार चाहती है कि लोग इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने में ज्यादा खर्च महसूस न करें, इसलिए इस नीति में अच्छी-खासी सब्सिडी दी गई है. अगर कोई व्यक्ति इलेक्ट्रिक दोपहिया, ई-ऑटो या छोटा इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदता है, तो उसे सीधे बैंक खाते में पैसा मिलेगा, जिसे DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर कहते हैं. इसके अलावा, पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को स्क्रैप करने पर भी अलग से प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि लोग पुरानी गाड़ियां हटाकर नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां लें. साथ ही EV पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ कर दी जाएगी, जिससे वाहन खरीदना और सस्ता हो जाएगा.
चार्जिंग स्टेशन और बैटरी सिस्टम को मजबूत करना
EV को सफल बनाने के लिए सिर्फ गाड़ियां ही नहीं, बल्कि चार्जिंग की सुविधा भी जरूरी है. इसी वजह से सरकार एक बड़ा चार्जिंग नेटवर्क बनाने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को जिम्मेदारी दी जाएगी, जो तय करेगा कि चार्जिंग स्टेशन कहां लगेंगे और बिजली की व्यवस्था कैसे होगी.
इसके साथ ही एक डिजिटल सिस्टम भी बनाया जाएगा, जिससे लोग आसानी से चार्जिंग स्टेशन की जानकारी ले सकें और नए स्टेशन लगाना भी आसान हो जाए. हर वाहन कंपनी को अपनी डीलरशिप पर चार्जिंग पॉइंट लगाना अनिवार्य किया जाएगा. बैटरी के सही निपटान और रीसाइक्लिंग के लिए भी अलग नियम बनाए जाएंगे ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो.
बड़े बदलाव और आने वाला भविष्य
इस नीति में कुछ बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव भी शामिल हैं, जो आने वाले सालों में धीरे-धीरे लागू होंगे. उदाहरण के लिए, 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहन ही रजिस्टर होंगे और 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ही रजिस्टर किए जाएंगे. इसका मतलब है कि पेट्रोल और डीजल वाले छोटे वाहन धीरे-धीरे बंद कर दिए जाएंगे. सरकारी दफ्तरों और दिल्ली परिवहन की नई बसों को भी इलेक्ट्रिक बनाया जाएगा. स्कूल बसों में भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा डिलीवरी और फ्लीट कंपनियों को भी भविष्य में पेट्रोल-डीजल गाड़ियां लेने से रोका जाएगा.
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इस पूरी नीति का उद्देश्य सिर्फ गाड़ियों को बदलना नहीं है, बल्कि दिल्ली को एक ऐसे शहर में बदलना है जहां प्रदूषण कम हो, हवा साफ हो और लोग बेहतर जीवन जी सकें. सरकार चाहती है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन आम बात बन जाएं और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता धीरे-धीरे खत्म हो जाए. अगर यह नीति सही तरीके से लागू होती है, तो दिल्ली में ट्रांसपोर्ट सिस्टम ज्यादा साफ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बन सकता है.
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