LPG Crisis: अब 35 या 40 दिन नहीं, हाथों-हाथ मिलेगा सिलेंडर, सरकार का बड़ा फैसला
LPG Crisis: गैस सप्लाई को लेकर बन रही अनिश्चित स्थिति का असर भारत पर भी पड़ सकता था. सरकार ने पहले ही इसे समझते हुए तैयारी कर ली है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े.
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LPG Cylinder: अगर आप अपने घर से दूर किसी दूसरे शहर में पढ़ाई कर रहे हैं, नौकरी कर रहे हैं या रोजगार की तलाश में आए हैं , तो रसोई गैस का इंतजाम करना अक्सर एक बड़ी परेशानी बन जाती हैं. खासकर तब, जब आपके पास स्थायी पता ( Address Proof ) नहीं होता. ऐसे में सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है जो सच में जमीनी स्तर पर राहत देने वाला है. अब छोटे 5 किलो वाले गैस सिलेंडर, जिन्हें आम बोलचाल में छोटू सिलेंडर कहा जाता है, पहले से ज्यादा आसानी से और ज्यादा संख्या में उपलब्ध होंगे. आइए जानते है किस-किस को मिल रहा है हाथों हाथ सिलेंडर.....
क्यों लिया गया ये फैसला
दुनिया भर में चल रहे तनाव और गैस सप्लाई को लेकर बन रही अनिश्चित स्थिति का असर भारत पर भी पड़ सकता था. सरकार ने पहले ही इसे समझते हुए तैयारी कर ली है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े. खास ध्यान उन लोगों पर दिया गया है जो पहले से ही सीमित साधनों में गुज़ारा करते हैं, जैसे प्रवासी मजदूर, छोटे शहरों से आए छात्र या किराए के कमरों में रहने वाले लोग.
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अब गैस लेना हुआ और आसान
पहले जहां 14.2 किलो वाले बड़े सिलेंडर के लिए कई तरह के कागज़ और स्थायी पते की जरूरत होती थी, वहीं 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर के लिए प्रक्रिया काफी आसान है. अब तो इसे और भी सरल बना दिया गया है.आप सिर्फ एक पहचान पत्र दिखाकर आसानी से यह सिलेंडर ले सकते हैं. न लंबी लाइन, न ज्यादा कागजी झंझट, बस जरूरत और एक साधारण पहचान.
रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा सहारा
जो लोग रोज कमाते हैं और रोज खर्च चलाते हैं, उनके लिए एक साथ बड़ा खर्च करना मुश्किल होता है. ऐसे में छोटा सिलेंडर उनके बजट में फिट बैठता है. इसे उठाना-ले जाना भी आसान है, खासकर उन लोगों के लिए जो बार-बार जगह बदलते हैं. अब जब इन सिलेंडरों की सप्लाई भी बढ़ा दी गई है, तो गैस के लिए इधर-उधर भटकना या महंगे दाम पर खरीदने की मजबूरी काफी हद तक कम हो जाएगी.
सरकार की कोशिश - कोई भूखा न रहे
इस फैसले के पीछे एक साफ सोच है, देश का कोई भी इंसान, चाहे वो कहीं भी रह रहा हो, उसे खाना बनाने के लिए संघर्ष न करना पड़े. गैस की कमी या महंगाई उसकी रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित न करे. यही वजह है कि सरकार ने खास तौर पर कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए यह अतिरिक्त व्यवस्था की है.
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देखने में यह फैसला छोटा लग सकता है, लेकिन जिन लोगों की जिंदगी हर दिन की कमाई पर टिकी होती है, उनके लिए यह बहुत बड़ा सहारा है.
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