दिल्ली में घर-घर जनगणना का काम शुरू, पूछे जाएंगे ये सवाल, घर बैठे भर सकेंगे फॉर्म, जानिए पूरा ऑनलाइन प्रोसेस
Census 2026-27: सरकर का कहना है कि आपकी दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी. वहीं दिल्ली सरकर ने जनगणना कानून 1948 के तहत एक नई अधिसूचना जारी की है, जिसमें लोगों की जिम्मेदारियों और पूरी प्रकिया के बारे में विस्तार से बताया गया है.
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Census 2026-27: दिल्ली में आने वाली जनगणना 2026 -27 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई है. इस बार खास बात यह है कि लोगों को अपनी जानकारी देने के लिए पूरी तरह डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा. यानी अब घर बैठे ही आप अपने मकान और परिवार से जुडी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे. सरकर का कहना है कि आपकी दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी. वहीं दिल्ली सरकर ने जनगणना कानून 1948 के तहत एक नई अधिसूचना जारी की है, जिसमें लोगों की जिम्मेदारियों और पूरी प्रकिया के बारे में विस्तार से बताया गया है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक इस प्रक्रिया में सही तरीके से हिस्सा ले और कोई जानकारी छूट न जाए.
पहली बार डिजिटल जनगणना का बड़ा कदम
इस बार की जनगणना को और आधुनिक बनाने के लिए इसे डिजिटल रूप में शुरू किया जा रहा है. लोग खुद Census of India Portal यानी se.census.gov.in पर जाकर अपनी जानकारी भर सकेंगे. सरकार ने इसे “सेल्फ एन्यूमरेशन” प्रक्रिया का नाम दिया है, जिसमें नागरिक खुद अपने घर और परिवार की जानकारी दर्ज करेंगे. यह प्रक्रिया एनडीएमसी और कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्रों में 15 अप्रैल तक चलेगी, जबकि दिल्ली नगर निगम क्षेत्रों में यह 1 मई से 15 मई तक होगी.
कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी?
जनगणना के दौरान लोगों से उनके घर और जीवन से जुड़ी कई सामान्य बातें पूछी जाएंगी, जैसे - आपका घर कच्चा है या पक्का, घर अपना है या किराए का, कितने कमरे हैं, पानी, बिजली, शौचालय और रसोई की सुविधा कैसी है. इसके अलावा यह भी पूछा जाएगा कि खाना पकाने के लिए एलपीजी, पीएनजी या कोई अन्य ईंधन इस्तेमाल होता है या नहीं. साथ ही इंटरनेट, टीवी, फोन, वाहन (साइकिल, बाइक, कार) जैसी सुविधाओं की जानकारी भी शामिल होगी. परिवार के मुखिया और अन्य सदस्यों का विवरण भी देना होगा.
कैसे भरें ऑनलाइन जनगणना फॉर्म?
सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक सरल ऑनलाइन तरीका दिया है. सबसे पहले आपको पोर्टल Census of India Portal पर जाना होगा.
यहां मोबाइल नंबर और नाम दर्ज करके OTP से रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद नक्शे में अपना घर चुनकर लगभग 33 सवालों का जवाब भरना होगा. अंत में सारी जानकारी को अच्छे से चेक करके सबमिट करना होगा.
घर-घर जाएगी टीम, उसके बाद अगला चरण
डिजिटल प्रक्रिया के बाद दूसरा चरण शुरू होगा, जिसे हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) कहा जाता है. इसमें जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर दी गई जानकारी की पुष्टि करेंगे और बाकी डेटा इकट्ठा करेंगे. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी तरह की गलती या जानकारी अधूरी न रह जाए.
लोगों के लिए क्या है खास बात?
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इस पूरी प्रक्रिया का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. घर बैठे आसानी से जानकारी दी जा सकेगी और समय भी बचेगा. सरकार का मानना है कि इस डिजिटल जनगणना से डेटा ज्यादा सटीक, तेज और पारदर्शी बनेगा.
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