अब नहीं होगी गैस की किल्लत? UAE दौरे पर PM मोदी ने कर ली बड़ी डील, धड़ाधड़ मिलेंगे सिलेंडर
LPG Crisis: प्रधानमंत्री Narendra Modi का संयुक्त अरब अमीरात यानी United Arab Emirates दौर काफी अहम माना जा रहा हैं. हालांकि यह दौर छोटा था. लेकिन इसके नतीजे भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. इस यात्रा के दौरान भारत और UAE के बीच कई बड़े समझौते हुए. जिनका सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर पड़ने वाला है.
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दुनिया इस समय बड़े ऊर्जा संकट से गुजर रही है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब तेल और गैस सप्लाई पर दिखाई देने लगा है. कई देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही हैं.भारत भी इस स्थिति से पूरी तरह अछूता नहीं हैं, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता हैं. ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री Narendra Modi का संयुक्त अरब अमीरात यानी United Arab Emirates दौर काफी अहम माना जा रहा हैं. हालांकि यह दौर छोटा था. लेकिन इसके नतीजे भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. इस यात्रा के दौरान भारत और UAE के बीच कई बड़े समझौते हुए. जिनका सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर पड़ने वाला है....
भारत को LPG सप्लाई सुनिश्चित करने पर बड़ा समझौता
इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि भारत और UAE के बीच LPG सप्लाई को लेकर हुआ समझौता रहा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले समय में भारत में रसोई गैस की कमी न हो और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश है. ऐसे में अगर वैश्विक सप्लाई प्रभावित होती है, तो इसका असर सीधे करोड़ों परिवारों पर पड़ सकता है. इसी खतरे को देखते हुए यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद देश में गैस की सप्लाई लगातार बनी रहे...
Concluding a short but highly productive visit to the UAE. Held extensive discussions with my brother, His Highness Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan, on ways to further deepen the India-UAE Comprehensive Strategic Partnership. I am confident that the outcomes of this visit will… pic.twitter.com/pfRyLcOe7s
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026Advertisement
रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर भी मजबूत हुई साझेदारी
PM मोदी की मुलाकात UAE के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से हुई, जहां दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान भारत और UAE के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को लेकर भी सहमति बनी.
दोनों देशों ने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर एक अहम MoU भी साइन किया. इसका मतलब यह है कि भविष्य में अगर तेल सप्लाई पर कोई बड़ा संकट आता है, तो भारत के पास इमरजेंसी स्टॉक उपलब्ध रहेगा. इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी.
भारत में अरबों डॉलर निवेश का ऐलान
इस दौरे में सिर्फ ऊर्जा और रक्षा ही नहीं, बल्कि निवेश के क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति देखने को मिली. UAE की ओर से भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, RBL Bank और सम्मान कैपिटल में करीब 5 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने की घोषणा की गई.
इसके अलावा गुजरात के वडिनार में एक बड़ा शिप रिपेयर क्लस्टर बनाने पर भी सहमति बनी है. इससे भारत के समुद्री कारोबार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
UAE में खास अंदाज में हुआ PM मोदी का स्वागत
जब प्रधानमंत्री मोदी UAE पहुंचे, तो उनका स्वागत बेहद खास तरीके से किया गया. UAE के F-16 फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया और अबू धाबी में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. यह दोनों देशों के मजबूत रिश्तों और आपसी भरोसे का संकेत माना जा रहा है.
पांच देशों की यात्रा का पहला पड़ाव बना खास
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PM मोदी का यह दौरा उनकी पांच देशों की यात्रा का पहला चरण है, लेकिन शुरुआत से ही इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी। UAE की अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री Reem Al Hashimy ने प्रधानमंत्री मोदी को “सच्चा खजाना” बताते हुए कहा कि भारत और UAE के रिश्ते अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि दोनों देश सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच लगातार उच्चस्तरीय मुलाकातें हुई हैं, जिससे साफ है कि भारत और UAE अब पहले से कहीं ज्यादा करीबी साझेदार बन चुके हैं.
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