भारत के लिए राहत भरी खबर... स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर रहे तेल से लदे दो बड़े जहाज, नौसेना के युद्धपोत सुरक्षा में तैनात
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को राहत मिली है. पेट्रोलियम लेकर दो भारतीय जहाज सुरक्षित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए नौसेना अलर्ट पर है.
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मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. मौजूदा स्थिति के चलते ईँधन को लेकर दुनिया के ज़्यादातर देश परेशानियों का सामना कर रहे हैं. इसी बीच भारत एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जिसने देश में संभावित ईंधन संकट की आशंकाओं को कुछ हद तक कम कर दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे दो बड़े जहाज इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजर रहे हैं. इन जहाजों पर तिरंगा लगा हुआ है, जो उनकी पहचान और सुरक्षा का संकेत भी देता है. सबसे अहम बात यह है कि इनकी सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क है और अपने युद्धपोतों को अलर्ट मोड में रखा गया है.
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है. ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह का तनाव या रुकावट सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित करती है. हाल के दिनों में इसी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते कई देशों ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है.
Two more merchant vessels carrying petroleum products for India are crossing Strait of Hormuz. Indian Navy warships are on standby to provide support to them. More vessels are expected to follow soon: Sources pic.twitter.com/q9nFBQChJN
— ANI (@ANI) March 28, 2026
भारत की बढ़ती निर्भरता और जोखिम
भारत के लिए स्थिति इसलिए और भी संवेदनशील है क्योंकि देश अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत तेल आयात करता है. इतना ही नहीं, प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा भी इसी मार्ग से आता है. ऐसे में अगर होर्मुज में बाधा आती है, तो इसका सीधा असर भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ सकता है.
ईरान ने दिया मित्र देशों को राहत
हालांकि, इस बीच ईरान की ओर से एक सकारात्मक संकेत भी मिला है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा कि भारत समेत कुछ ‘मित्र देशों’ के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है. उन्होंने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को इस सूची में शामिल बताया है. इसका मतलब साफ है कि इन देशों के लिए फिलहाल ऊर्जा आपूर्ति की राह पूरी तरह बंद नहीं हुई है. लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी हैं. ईरान ने स्पष्ट किया है कि केवल वही जहाज इस मार्ग से गुजर सकेंगे, जिन्होंने ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई में हिस्सा नहीं लिया है और जो तय सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं. यानी स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं है, बल्कि बेहद सतर्क संतुलन के साथ आगे बढ़ रही है.
नौसेना की कड़ी निगरानी जारी
इसी को देखते हुए भारतीय नौसेना ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. आने वाले दिनों में भी भारत के लिए कई और तेल और गैस के जहाज इसी रास्ते से गुजरने वाले हैं. ऐसे में नौसेना की निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि आपूर्ति बाधित न हो और जहाज सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचें.
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बताते चलें कि भले ही वैश्विक स्तर पर तनाव बना हुआ है, लेकिन फिलहाल भारत के लिए राहत की खबर यही है कि ऊर्जा आपूर्ति जारी है. हालांकि हालात कब बदल जाएं, यह कहना मुश्किल है. इसलिए सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित खतरे पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि देश में ईंधन संकट की स्थिति न बनने पाए.
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