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ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का वीकली ऑफ क्यों हुआ कैंसिल, सामने आई बड़ी वजह
ईरान तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी साप्ताहिक छुट्टी रद्द कर दी है. अब वह वीकेंड पर भी व्हाइट हाउस में रहकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकों में शामिल होंगे.
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ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग खत्म होने के बजाय और उग्र रूप लेती जा रही है. हर एक दिन के साथ बढ़ते तनाव बढ़ता जा रहा है जिसने पूरी दुनिया में हलचल को बढ़ा दिया है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ने जुड़ी हुई अहम खबर सामने आ रही है. उन्होंने युद्ध के हालात के बीच अपनी साप्ताहिक छुट्टी रद्द कर दी है. व्हाइट हाउस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रंप अब वीकेंड के दौरान भी व्हाइट हाउस में रहकर लगातार उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करेंगे. यह कदम मौजूदा हालात की गंभीरता को साफ तौर पर दिखाता है.
लगातार बैठकों में जुटे राष्ट्रपति ट्रंप
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने हर हफ्ते मिलने वाली अपनी छुट्टी को फिलहाल स्थगित कर दिया है. अब वह बंद कमरे में सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़ी अहम बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं. माना जा रहा है कि ईरान के साथ बढ़ते टकराव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि हालात पर करीबी नजर रखी जा सके और तुरंत फैसले लिए जा सकें.
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1.5 ट्रिलियन डॉलर रक्षा बजट की मांग
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इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने एक बड़ा रक्षा बजट प्रस्ताव रखा है. इसमें अगले साल के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 125 लाख करोड़ रुपये की मांग की गई है. यह राशि पिछले साल की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत ज्यादा है. जानकारों का मानना है कि मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति में सैन्य तैयारियों को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है.
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी
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रिपोर्ट के अनुसार, अगर यह बजट प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पेंटागन के खर्च में सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी. यह इशारा करता है कि अमेरिका अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश करने की तैयारी में है. इससे वैश्विक स्तर पर भी अमेरिका की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
कानून व्यवस्था और खर्च में कटौती पर जोर
व्हाइट हाउस द्वारा जारी इस प्रस्ताव में केवल रक्षा बजट ही नहीं, बल्कि गैर-रक्षा खर्च में कटौती की भी बात कही गई है. प्रस्ताव के तहत करीब 73 अरब डॉलर की कटौती करने का सुझाव दिया गया है. इसका उद्देश्य गैर-जरूरी योजनाओं को खत्म करना और कुछ जिम्मेदारियों को राज्यों व स्थानीय सरकारों को सौंपना बताया गया है. हालांकि यह बजट प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुआ है और इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी. आने वाले हफ्तों में इस पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है. कुल मिलाकर, ट्रंप प्रशासन के ये कदम साफ संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका मौजूदा हालात को बेहद गंभीरता से ले रहा है और हर स्तर पर तैयारी में जुटा हुआ है.
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बताते चलें कि ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब बड़े फैसलों की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. ट्रंप का छुट्टी रद्द करना और रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की मांग इस बात का संकेत है कि हालात सामान्य नहीं हैं. आने वाले दिनों में दुनिया की नजर इसी टकराव और उससे जुड़े फैसलों पर टिकी रहेगी.