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पाकिस्तान में आखिर ऐसा क्या हुआ कि अफगानिस्तान ने ISIS के ठिकानों पर किया बड़ा हमला? जानें पूरा मामला
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. तालिबान ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के भीतर ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है. यह कार्रवाई पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों के जवाब के रूप में देखी जा रही है.
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान की सीमा के भीतर मौजूद आतंकी संगठन ISIS के ठिकानों पर बड़ी एयरस्ट्राइक की है. तालिबान का कहना है कि इन ठिकानों से अफगानिस्तान में नागरिकों पर हमलों की साजिश रची जा रही थी. यह दावा पाकिस्तान की ओर से हाल ही में किए गए हवाई हमलों के दो दिन बाद सामने आया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में कार्रवाई का दावा
तालिबान के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में की गई. अफगानिस्तान के समाचार चैनल टोलो न्यूज की रिपोर्ट में भी इस दावे का जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के ड्रोन ने उन स्थानों को निशाना बनाया जहां ISIS के लड़ाके छिपे हुए थे. खैबर पख्तूनख्वा के सरान इलाके में एक स्कूल को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, क्योंकि तालिबान का आरोप है कि आतंकियों ने उसे अपना गुप्त ठिकाना बना रखा था. तालिबान ने दावा किया कि इस कार्रवाई में कई आतंकी मारे गए, जबकि किसी भी आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा.
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ISIS क्यों माना जाता है बड़ा खतरा?
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जानकारों की मानें तो, ISIS दक्षिण एशिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठनों में से एक माना जाता है. यह संगठन कई बार अफगानिस्तान में बड़े हमलों को अंजाम दे चुका है और तालिबान भी इसे अपने लिए बड़ा खतरा मानता है. यही वजह है कि तालिबान लगातार इस संगठन के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करता रहा है.
पाकिस्तान के हमले के बाद बढ़ा तनाव
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इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत पाकिस्तान की हालिया बमबारी से जुड़ी मानी जा रही है. दो दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के भीतर हवाई हमले किए थे. संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में कम से कम 28 नागरिकों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. वहीं, अफगानिस्तान के सरकारी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने मृतकों की संख्या 38 बताई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. इसी वजह से तालिबान की ताजा एयरस्ट्राइक को पाकिस्तान के हमले का जवाब माना जा रहा है.
भारत ने भी जताई कड़ी आपत्ति
इस मामले पर भारत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि किसी दूसरे देश की सीमा में घुसकर हमला करना उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है. भारत का मानना है कि ऐसे कदम पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा करते हैं. साथ ही यह भी कहा गया कि पाकिस्तान अक्सर अपनी घरेलू चुनौतियों से ध्यान हटाने के लिए पड़ोसी देशों के साथ तनाव बढ़ाने की कोशिश करता है.
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बहरहाल, पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकियों को शरण देता है, जबकि तालिबान इन आरोपों को खारिज करते हुए कहता है कि आतंकवाद पाकिस्तान की अपनी आंतरिक समस्या है. दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप और सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है. आने वाले दिनों में यदि तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए, तो यह विवाद और गंभीर रूप ले सकता है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अगले कदम पर बनी हुई है.