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'यह अमेरिका की जीत, ट्रंप ने ही खुलावाया होर्मुज…', जानिए ईरान के साथ युद्धविराम पर व्हाइट हाउस ने क्या कहा
व्हाइट हाउस ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सैन्य सफलता को अमेरिका की बड़ी जीत बताते हुए इसे कूटनीति के रास्ते को आगे बढ़ाने वाला कदम करार दिया है.
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अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए युद्धविराम के ऐलान के बाद अब जीत और हार की चर्चा तेज हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने देर रात ईरान पर अब तक का सबसे घातक हमला करने की धमकी दी थी, लेकिन तय समयसीमा से ठीक पहले ट्रंप ने यू-टर्न ले लिया. ट्रंप का यही फैसला अब चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि ईरान इसे अपनी जीत बता रहा है. वहीं युद्धविराम (Ceasefire) के बाद व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिका जीत गया है.
व्हाइट हाउस ने युद्धविराम पर क्या कहा?
दरअसल, व्हाइट हाउस ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान को “जीत” करार देते हुए कहा कि सैन्य उपलब्धियों ने कूटनीतिक बातचीत के लिए रास्ता बनाया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हमलों पर विराम लगाने के आदेश के बाद यह बयान जारी किया गया.
ट्रंप और सेना की मदद से अमेरिका की बड़ी जीत- कैरोलाइन लेविट
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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने सोशल साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “यह अमेरिका के लिए एक जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने संभव बनाया”. उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नामक इस अभियान ने तय समय से पहले ही अपने लक्ष्यों को हासिल कर लिया और उनसे आगे बढ़ गया.
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38 दिनों में सेना ने लक्ष्य हासिल किए’
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लेविट ने कहा, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत से ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अनुमान लगाया था कि यह 4-6 सप्ताह का अभियान होगा”. उन्होंने आगे कहा कि “हमारे सैनिकों की अद्भुत क्षमताओं की बदौलत हमने 38 दिनों में अपने मुख्य सैन्य उद्देश्यों को हासिल किया और उनसे आगे निकल गए”.
पीछे हटने के बजाए जीत का दावा
यह बयान प्रशासन का अब तक का सबसे स्पष्ट प्रयास है, जिसमें सैन्य कार्रवाई को रोकने को पीछे हटने के बजाय युद्धक्षेत्र में मिली सफलता के रूप में पेश किया गया है. लेविट ने कहा कि इस अभियान ने वाशिंगटन की बातचीत की स्थिति को मजबूत किया.
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होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने का दावा
उन्होंने कहा, “हमारी सेना की सफलता ने अधिकतम दबाव बनाया, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को कड़े वार्ता करने का मौका मिला, जिसने अब कूटनीतिक समाधान और दीर्घकालिक शांति के लिए रास्ता खोला है”. उन्होंने इस परिणाम को होरमुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति से भी जोड़ा, जो इस संकट के केंद्र में एक महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है. उन्होंने कहा, “इसके अलावा, राष्ट्रपति ट्रंप ने होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खुलवाया”.
तेल मार्ग की सुरक्षा के लिए हमले रुके
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व्हाइट हाउस ने हमलों में विराम को इस जलमार्ग में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने से जोड़ा है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. लेविट ने कहा कि इस अभियान से जुड़े और विवरण वरिष्ठ रक्षा अधिकारी साझा करेंगे. उन्होंने जोड़ा, “इस बारे में और जानकारी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और चेयरमैन केन देंगे”.
बातचीत के लिए आगे बढ़ा ट्रंप प्रशासन
इससे पहले ट्रंप ने घोषणा की थी कि वे ईरान पर प्रस्तावित हमलों को दो सप्ताह के लिए रोक देंगे बशर्ते तेहरान होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोले और बातचीत में शामिल हो. प्रशासन का कहना है कि लगातार सैन्य दबाव ने ईरान को वार्ता की मेज पर आने के लिए मजबूर किया, जिससे कूटनीति की ओर बढ़ने का रास्ता बना.
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10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होगी बैठक
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राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने के ऐलान के साथ-साथ ईरान के विद्युत केंद्रों और पुलों पर बमबारी को भी फिलहाल रोक दिया गया है. ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस संधि के तहत ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को दोबारा व्यापार और आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा. दूसरी तरफ, ईरान ने भी इस युद्धविराम पर सहमती जताते हुए आगामी 10 अप्रैल को पाकिस्तान के शहर इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ औपचारिक बातचीत में शामिल होने की पुष्टि की है.