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‘ये मेरे सफर में साथ हैं’ खून से सने बैग, मारे गए मासूम बच्चों की तस्वीरें लेकर इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी सांसद
US के साथ बातचीत से पहले ईरानी स्पीकर ने मिनाब स्कूल पर हमले में मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी. वह अपने साथ प्लेन में बच्चों की तस्वीरें और खून से सने बैग-जूते लेकर पहुंचे. ये तस्वीर दुनिया को रूला रही है.
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US-Iran Meeting in Islamabad: कुछ तस्वीरों को कैप्शन की जरूरत नहीं पड़ती, कुछ तस्वीरें महज तस्वीर नहीं होती बल्कि एक कहानी कहती हैं और इस कहानी को बयां करने वाली तस्वीर का सच बेहद दर्दनाक है. जिसने जंग के काले धुएं के नीचे मासूम चीखें दबीं हुई हैं. US-इजरायल के हमले में मारे गए मिनाब के स्कूली बच्चों का जिक्र आज फिर हुआ है, वजह है एक फोटो, जो ईरान के प्रवक्ता और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गलिबाफ के एक पोस्ट के बाद चर्चा में आई.
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बैठक पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो रही है. बैठक के लिए दोनों डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंच गए हैं. इस डेलिगेशन में शामिल ईरान के प्रवक्ता और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गलिबाफ अपने साथ मिनाब स्कूल हमले की दर्दनाक तस्वीरें लेकर पहुंचे.
खून से सने बैग, जूते और मारे गए बच्चों की तस्वीरें
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गलिबाफ ने सोशल मीडिया पर इस्लामाबाद दौरे की एक फोटो पोस्ट की है. इस पोस्ट में प्लेन की खाली सीटों पर उन बच्चों की तस्वीरें हैं जो मिनाब स्कूल हमले में मारे गए. तस्वीरों के साथ उनका खून से सना स्कूली बैग और फटे हुए जूते रखे हैं. गलिबाफ ने इस तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा, ‘इस सफर में मेरे हमसफर मिनाब-168’
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प्लेन की सीटों पर रखी बच्चों की इन तस्वीरें के पास सफेद गुलाब रखा हुआ है. जो गलिबाफ ने 168 बच्चों को श्रद्धांजलि के लिए उनकी तस्वीर पर रखे थे.
जंग कोई भी हो, जंग को जायज-नाजायज अपने अपने हिसाब से करार दिया जा सकता है, लेकिन हर जंग में एक बात तय है, बेगुनाहों की मौत, मलबे में दफन होता बचपन. ये तस्वीर उसी कहानी को बयां कर रही है, जिसमें मायूसी और दर्द साफ दिख रहा है.
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28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के हमलों में मिनाब के गर्ल्स स्कूल पर भी मिसाइलें गिरी थी. जिसमें 150 छात्राओं समेत 168 लोगों की मौत हो गई थी. मारी गईं छात्राओं की उम्र महज 7 से 12 साल के बीच थी. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया.
ईरान-US के बीच बैठक में क्या होगा?
ईरान से सीजफायर पर बातचीत करने के लिए अमेरिकी डेलिगेशन पाकिस्तान पहुंच चुका है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसका नेतृत्व कर रहे हैं. ईरानी डेलिगेशन पहले ही इस्लामाबाद पहुंच गया था लेकिन अमेरिकी डेलिगेशन ने देर कर दी, जिसके बाद सुबह 8 बजे होने वाली मीटिंग दोपहर तक के लिए टाल दी गई. इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है.
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तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस्लामाबाद पहुंचने पर, गालिबफ ने सावधानी भरा रुख अपनाया और कहा कि ईरान अच्छे इरादों के साथ लेकिन भरोसे के बिना बातचीत में शामिल हो रहा है.
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गालिबाफ ने कहा कि बातचीत के पिछले राउंड लगातार पक्के नतीजे देने में नाकाम रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘बदकिस्मती से, अमेरिकियों के साथ बातचीत का हमारा अनुभव हमेशा नाकामी और कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन वाला रहा है. पहले की बातचीत के दौरान भी, ईरान को ऐसे कामों का सामना करना पड़ा था जिन्हें वह पहले की समझ का उल्लंघन मानता है.’ तेहरान की स्थिति बताते हुए, गालिबफ ने जोर दिया कि कोई भी समझौता अमेरिका के नजरिए पर निर्भर करेगा.