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मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ेगा तनाव! अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर बढ़ाने की खबरों पर व्हाइट हाउस का चौंकाने वाला बयान

मीडिया में सीजफायर बढ़ाने की खबरों के बीच व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि ऐसी कोई आधिकारिक मांग नहीं की गई है. प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका ईरान से बातचीत जारी रखे हुए है और सीनियर स्तर पर चर्चाएं चल रही हैं.

मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ेगा तनाव! अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर बढ़ाने की खबरों पर व्हाइट हाउस का चौंकाने वाला बयान
Image Source: Screengrab- X/ @WhiteHouse
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच हालात एक बार फिर नाजुक मोड़ पर पहुंचते दिख रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच चल रही खींचतान को कम करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अप्रैल को सीजफायर का ऐलान किया था. इस फैसले से उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र में शांति स्थापित हो सकेगी, लेकिन पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई बातचीत का पहला दौर असफल रहने के बाद स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है.

सीजफायर बढ़ाने की खबरों पर व्हाइट हाउस का इनकार

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि सीजफायर की समयसीमा बढ़ाई जा सकती है. इन खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा को जन्म दिया. हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. बुधवार को हुई प्रेस ब्रीफिंग में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने के लिए कोई औपचारिक मांग नहीं की है.

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गलत रिपोर्टिंग पर दिया बड़ा बयान 

लेविट ने कहा कि उन्होंने सुबह कुछ गलत रिपोर्टिंग देखी, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका सीजफायर बढ़ाना चाहता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई आधिकारिक पहल नहीं हुई है. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका अभी भी मौजूदा माध्यमों के जरिए ईरान के साथ बातचीत में लगा हुआ है और सीनियर स्तर पर चर्चाएं लगातार जारी हैं.

दुनिया की नजरें और अनिश्चित स्थिति

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इस बयान के बाद स्थिति कुछ हद तक साफ जरूर हुई है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है. मिडिल ईस्ट के हालात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. व्हाइट हाउस का कहना है कि बातचीत सार्थक दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है.

सीधी बातचीत को लेकर अटकलें

सीधी बातचीत की संभावनाओं को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लेविट ने कहा कि आमने-सामने की बैठक को लेकर चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन अभी तक कुछ भी तय नहीं किया गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक व्हाइट हाउस से आधिकारिक घोषणा न हो, तब तक किसी भी खबर को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए. कूटनीतिक स्तर पर उम्मीद की किरण अभी भी बनी हुई है. लेविट ने कहा कि समझौते की संभावनाएं मौजूद हैं और अमेरिका इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत के दौरान अपनी शर्तें और सीमाएं स्पष्ट कर दी हैं, जिन्हें लेकर अमेरिका किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहता.

तीन अहम मुद्दों पर चल रही बातचीत

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इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि अमेरिका और ईरान के बीच तीन प्रमुख मुद्दों पर काम किया जा रहा है. पहला, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना, जिसे अमेरिका अपने लिए खतरा मानता है. दूसरा, स्ट्रेट ऑफ होमर्ज़ की सुरक्षा, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है और तीसरा, ईरान में हुए नुकसान की भरपाई का मुद्दा. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस भी इस मामले में सक्रिय नजर आ रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही बातचीत का एक नया दौर शुरू हो सकता है.

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बताते चलें कि मिडिल ईस्ट में शांति की राह अभी आसान नहीं दिख रही है. हालांकि बातचीत जारी है और उम्मीदें जिंदा हैं, लेकिन हालात कब बदलेंगे, यह कहना फिलहाल मुश्किल है. दुनिया की निगाहें अब आने वाले दिनों की कूटनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई हैं.

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