Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

ईरान ने सुप्रीम लीडर को लेकर अटकलों को लगाया विराम, मोजतबा खामेनेई का VIDEO पहली बार आया सामने, दिखे सेहतमंद!

ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर को लगाई जा रहीं इजरायली मीडिया की अटकलों को विराम दे दिया है. ताजपोशी और जंग की शुरुआत होने के बाद से पहली बार मोजतबा खामेनेई का VIDEO सामने आया है. इसमें वो सामने बैठे लोगों से बात करते-हाथ हिलाते नज़र आ रहे हैं.

Image Source / Videograb/ Mehr News Agency
Loading Ad...

ईरान का सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद से मोजतबा खामेनेई का पहली बार दुनिया के सामने एक कथित वीडियो सामने आया है. इससे पहले उन्हें एक बार भी किसी भी सार्वजनिक स्थल या कार्यक्रम में नहीं देखा गया था. इसी कारण कई तरह के कयास लगने लगे थे. इजरायल-अमेरिका की ओर से कई बार उनके निधन की अफवाह उड़ाई गई, तो कई बार उनके रूस शिफ्ट होने की भी ख़बरें आईं.

मोजतबा खामेनेई का वीडियो आया सामने!

हालांकि अब जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें देखा जा सकता है कि वो जमीन पर बैठे अपने साथ बैठे शागिर्दों के साथ गुफ्तगू कर रहे हैं. हालांकि ये वीडियो कब का है, ये पता नहीं चल पाया है. क्या ये वीडियो मोजतबा की ताजपोशी से पहले का है या ताजा है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है.

Loading Ad...

आपको बता दें कि तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'मेहर न्यूज' ने उनका एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मोजतबा बिल्कुल ठीक और स्वस्थ नजर आ रहे हैं.

Loading Ad...

वायरल वीडियो में क्या है?

इजरायली-अमेरिकी मीडिया की अटकलों पर विराम लगाने के लिए जो मेहर न्यूज की ओर से वीडियो जारी किया गया है उसमें देखा जा सकता है कि मोजतबा खामेनेई एक गद्दे पर बैठे नजर आ रहे हैं. इस दौरान वो सामने बैठे कुछ लोगों से बातचीत कर रहे हैं. इसमें मोजतबा बिल्कुल सेहतमंद नजर आ रहे हैं.

Loading Ad...

इसे पहले बीते दिन इजरायली मीडिया 'चैनल14' ने दावा किया था कि मोजतबा की हालत बेहद गंभीर है और किसी भी वक्त उनकी मौत की खबर सामने आ सकती है. बता दें, अमेरिका और इजरायल की तरफ से 28 फरवरी 2026 को ईरान पर किए गए हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम बनाया गया था.

मोजतबा खामेनेई की मौत को लेकर लग रही थीं अटकलें!

ईरान ने लंबे समय से उनकी सेहत पर सवाल उठाने वाली खबरों को गलत बताया है, लेकिन इजरायल के नए दावों से पता चला है कि उनकी हालत अभी गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

Loading Ad...

इजरायली मीडिया आउटलेट चैनल 14 ने ईरान के अंदर के सूत्रों का हवाला देते हुए मोजतबा के स्वास्थ्य को लेकर ये दावा किया है. इजरायली मीडिया के रिपोर्ट में ईरानी एजेंसी के दावों का भी जिक्र किया गया है.

ईरानी एजेंसी की रिपोर्ट में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की सरकार के करीबी सूत्र का जिक्र था, जिन्होंने ऐसे ही दावे किए थे. आउटलेट ने दो सोर्स का जिक्र करते हुए कहा था कि मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी को सुप्रीम लीडर के ठिकाने पर अमेरिकी हमले के बाद से किसी भी कैबिनेट सदस्य से नहीं मिले थे.

सोर्स ने कहा था कि किसी भी पल उनकी मौत हो सकती है और उनकी स्थिति पर अभी केवल ईरान की सीनियर लीडरशिप को ही जानकारी है. पेजेश्कियन की कैबिनेट के एक करीबी सोर्स के हवाले से कहा गया कि उनकी फिजिकल हालत खराब थी. सूत्र ने कहा, "अगर हमें जल्द ही उनकी शहादत की खबर मिले तो हमें हैरानी नहीं होगी."

Loading Ad...

इससे पहले रिपोर्ट्स सामने आ रही थीं कि इजरायल और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां, मोसाद और सीआईए, उनकी तलाश कर रही हैं. इजरायली मीडिया ने द टाइम्स ऑफ लंदन के इस हफ्ते की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि लगभग 150 दिनों से मोजतबा खामेनेई ने फोन को हाथ नहीं लगाया है. न ही लैपटॉप, रेडियो या ऐसी किसी भी चीज को जिससे डिजिटल सिग्नल निकलता हो.

मोजतबा को ट्रेस करने के लिए दिन-रात लगी रहीं इजरायली-अमेरिकी मीडिया

माना जा रहा है कि वह कहीं अंडरग्राउंड रह रहे हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जिस एयरस्ट्राइक में उनके पिता की मौत हुई, उसी में घायल होने से मोजतबा का भी चेहरा खराब हो गया है. उन्हें डर है कि कोई अमेरिकी जासूसी सैटेलाइट उन्हें पहचान लेगा.

Loading Ad...

उनके पिता का पता लगाने के लिए, इजरायल और अमेरिका ने लगभग हर साइबर तरीके का इस्तेमाल किया था. सुप्रीम लीडर के बॉडीगार्ड और करीबी लोगों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ियों की पहचान करने के लिए तेहरान में ट्रैफिक कैमरों को हैक कर लिया गया था.

मोजतबा को खोजने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा ले रही थी मोजतबा

Loading Ad...

अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और उसकी इजरायली समकक्ष यूनिट 8200 के कोऑर्डिनेशन से बनी इस तकनीक से पता चला था कि उस दिन अली खामेनेई और उनके आस-पास के वरिष्ठ सैन्य और खुफिया अधिकारी ठीक कहां थे और वे सभी मारे गए.

मोजतबा खामेनेई को ढूंढने का तरीका अब सिग्नल इंटरसेप्शन या तकनीकी निगरानी नहीं है, बल्कि ह्यूमन इंटेलिजेंस है. ह्यूमन इंटेलिजेंस खुफिया जानकारी जुटाने का पुराना, धीमा और खतरनाक तरीका है. इसके लिए लोगों को अपनी आंखों से चीजें देखनी होती हैं, जानकारी को आगे पहुंचाना होता है और जिंदा भी रहना होता है.

इंटेलिजेंस कम्युनिटी में कुछ लोगों का मानना है कि मोजतबा शायद पहले ही मर चुके हैं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स अमेरिकियों के खिलाफ युद्ध को सही साबित करने के लिए सुप्रीम लीडर के जिंदा होने का नाटक कर रही है.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

अगर मोसाद और सीआईए फिर भी उनकी लोकेशन पता करने में कामयाब हो जाते हैं, तो यह मामला राजनीतिक क्षेत्र में चला जाएगा. इजरायल और अमेरिका में सुरक्षा प्रमुख को यह तय करना होगा कि इस जानकारी का क्या करना है. उस समय, सवाल ऑपरेशनल नहीं, बल्कि रणनीतिक होगा.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...