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होर्मुज संकट की गुत्थी सुलझी! ईरान ने बताया हल… मगर अमेरिका को दे डाली सख्त चेतावनी
Hormuz Crisis: जिम्बाब्वे और प्रिटोरिया स्थित ईरानी दूतावास ने होर्मुज संकट को लेकर एक्स हैंडल पर कुछ ऐसी टिप्पणी की है, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा फिर से तेज हो गई है.
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जिम्बाब्वे में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिका पर तंज कसा है. हालांकि यह टिप्पणी मजाकिया लहजे में की गई थी, लेकिन इसका निशाना रणनीतिक रूप से होर्मुज में बनी तनाव पूर्ण हालात पर थी. आपको पता है कि ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद कर दिया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे फिर चालू करने का वादा किया है लेकन अब तक असफल रहे हैं.
ईरान ने विनम्र रहने की दी सलाह
ईरान ने अपने पोस्ट में लिखा, "विनम्र रहें और आगे बढ़ें”. इस पोस्ट के माध्यम से यह संकेत देने की कोशिश की गई है कि जो राष्ट्र सुरक्षित मार्ग के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संवाद कर रहे हैं, उन्हें वहां से गुजरने की अनुमति दी जा रही है. इसी तरह, प्रिटोरिया में ईरानी दूतावास ने एक अन्य पोस्ट साझा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी ध्वज में लिपटे ताबूतों से भरा दिखाया गया था और कैप्शन में लिखा गया, “एकमात्र अमेरिकी चीज जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकती है”.
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होर्मुज जलमार्ग में जहाजों की आवाजाही में भारी कमी
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युद्ध की शुरुआत के बाद से होर्मुज के समुद्री रास्तों की आवाजाही में जबरदस्त गिरावट आई है. अब इस रास्ते से केवल गिने-चुने जहाज ही निकल रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर उन देशों के हैं जिनके ईरान के साथ संबंध अच्छे हैं. इस बातों की पुष्टि हाल ही में हुई एक घटना से होती है, जिसमें फ्रांसीसी लॉजिस्टिक्स कंपनी CMA CGM द्वारा संचालित एक जहाज इस मार्ग को पार करने वाला पहला पश्चिमी यूरोपीय जहाज बना है.
होर्मुज जलमार्ग से भारतीय जहाजों की हो रही है सुरक्षित वापसी
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यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने युद्धविराम की अपील की और शांति पर जोर दिया. इसी तरह भारत ने भी ईरान के साथ अपने बेहतर कूटनीतिक रिश्तों का लाभ उठाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने जहाजों को निकाला कर लाया है. आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी के बाद से अब तक कम से कम 8 भारतीय जहाजों ने इस समुद्री रास्ते को पार कर सुरक्षित भारत पहुंचे हैं.
ईरान की होर्मुज जलमार्ग पर टोल टैक्स लगाने की योजना
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इसके अलावा, ईरान मौजूदा संकट के समाधान के साथ-साथ भविष्य की रणनीति पर भी काम कर रहा है. तेहरान इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक टोल सिस्टम (Tax) शुरू करने पर विचार कर रहा है. अगर यह योजना लागू होती है, तो दुनिया के इस सबसे अहम ऊर्जा गलियारों पर ईरान का कंट्रोल और ज्यादा मजबूत हो सकता है.