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एनर्जी से इकोनॉमी तक… भारत और कतर ने मिलाया हाथ, दोस्ती की नई इबारत लिखने को तैयार दोनों देश
भारत और कतर ने व्यापार, ऊर्जा और संस्कृति जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपसी सहयोग को विस्तार देते हुए अपने द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया है.
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भारत और कतर ने व्यापार, ऊर्जा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में अपने रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है. यह फैसला उस समय हुआ जब पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दोहा में अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान उच्च स्तरीय बैठकें कीं.
भारत-कतर के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा
पुरी 9 अप्रैल को दोहा पहुंचे और उन्होंने कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के प्रेसिडेंट और सीईओ (CEO) साद शेरिडा अल-काबी से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की. बैठक में उच्च स्तरीय संपर्क, व्यापार और निवेश के अवसर, ऊर्जा सहयोग, सांस्कृतिक रिश्ते और लोगों के बीच संबंधों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई, जो भारत-कतर साझेदारी की गहराई को दर्शाते हैं.
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दोनों नेताओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा
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मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने इन सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से बातचीत की और भविष्य में संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई और द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने की बात कही.
भारत और कतर के बीच एकजुटता पर जोर
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इस दौरान पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल-थानी और प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी को शुभकामनाएं और एकजुटता का संदेश दिया.
क्षेत्रीय शांति और कूटनीति पर जोर
उन्होंने मार्च 2026 में प्रधानमंत्री मोदी और कतर के अमीर के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत का भी जिक्र किया, जिसमें दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया था. प्रधानमंत्री मोदी ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय को मिल रहे सहयोग के लिए भी आभार जताया था.
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ऊर्जा क्षेत्र में कतर बना रहेगा भारत का भरोसेमंद साथी
बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने क्षेत्र में जल्द शांति बहाल होने की उम्मीद जताई और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की. अल-काबी ने भारत के लिए कतर की एक भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार के रूप में प्रतिबद्धता दोहराई और ऊर्जा क्षेत्र में लगातार सहयोग जारी रखने पर जोर दिया.
समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापार पर चर्चा
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दोनों नेताओं ने 8 अप्रैल को घोषित दो सप्ताह के सीजफायर का स्वागत किया और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बिना बाधा जारी रखने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार के सुचारु संचालन को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि सप्लाई चेन स्थिर रह सके. पुरी ने कतर सरकार द्वारा मिले आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और दोनों पक्षों ने आने वाले हफ्तों में संपर्क में रहने और साझा हितों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई.