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भारत के साथ चल रहे विवाद के बीच कनाडा ने लिया बहुत बड़ा फैसला ! विदेशी छात्रों के लिए (SDS) सर्विस बंद की !

भारत के साथ चल रहे विवाद के बीच कनाडा ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। IRCC ने 14 देशों के विदेशी छात्रों के लिए स्टूडेंट डायरेक्ट सर्विस (SDS) बंद कर दी है। इस सर्विस को बंद करने के बाद कनाडा में पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।

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बीते कई महीनों से भारत और कनाडा के बीच रिश्ते अच्छी नहीं चल रहे। खालिस्तानियों को शरण देने का आरोप झेल रहे कनाडा पर भारत भड़का हुआ है। दोनों देशों के बीच किसी भी तरह की राजनीतिक बातचीत नहीं हो रही है। इस बीच कनाडा ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। उसने विदेशी छात्रों के लिए स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (SDS) सर्विस को बंद कर दिया है। यह निर्णय 8 नवंबर से लागू हो गया है। जानकारी के लिए बता दें कि साल 2018 में कनाडा सरकार द्वारा 14 देशों के छात्रों के लिए यह सर्विस शुरू की गई थी। ताकि कनाडा में उन्हें पढ़ाई के लिए हर एक त्वरित प्रक्रिया के तहत मदद मिल सके। यह सूचना इमिग्रेशन,रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) द्वारा दी गई है।

IRCC ने स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (SDS) सर्विस को बंद किया

साल 2018 में कनाडा द्वारा 14 देशों के छात्रों के लिए शुरू की गई स्टूडेंट डायरेक्ट सर्विस को बंद कर दिया गया है। IRCC ने इस संदर्भ में कहा है कि "इस फैसले का उद्देश्य कार्यक्रम की अखंडता को मजबूत करना, सभी छात्रों के लिए आवेदन प्रक्रिया को निष्पक्ष और आसान बनाना। SDS के तहत आवेदनों की अधिक स्वीकृति दर और 4 सप्ताह में प्रोसेसिंग होती थी। अब छात्रों के आवेदन के लिए नियमित स्ट्रीम के तहत प्रोसेस किए जाएंगे। 

साल 2018 में भारत और चीन के छात्रों के लिए शुरू हुई थी यह सर्विस

बता दें कि इस सर्विस की शुरुआत साल 2018 में भारत और चीन के छात्रों के लिए किया गया था। जिसे बाद में कई और देशों में विस्तार किया गया। वर्तमान में यह सर्विस 14 देशों के छात्रों के लिए थी। इसमें सभी छात्रों को भाषा की पात्रता, वित्तीय प्रतिबद्धता, किसी कनाडाई विश्वविद्यालय से स्वीकार्यता पत्र प्राप्त करने के लिए सरल प्रोसेसिंग मिलती थी। कुल 4 हफ्तों की प्रोसेसिंग में 95 प्रतिशत आवेदन स्वीकृत होते थे। इस सर्विस को बंद करने से विदेशी छात्रों की कनाडा में रुचि घट सकती है। जिसकी वजह से वह दूसरे देशों की तरफ जा सकते हैं। 

IRCC ने साल दर साल स्टडी परमिट सीमा घटाई 

बता दें कि सितंबर महीने में IRCC ने कहा था कि साल 2025 के लिए स्टडी परमिट सीमा 4 लाख 85 हजार से 4 लाख 37 हजार करने का लक्ष्य है। अप्रैल से जून के बीच भी स्टडी परमिट में गिरावट देखी गई। भारत के छात्रों की संख्या 70,340 से घटकर 55,940 हो गई है। IRCC ने अक्टूबर 2023 में घोषणा की थी कि दिसंबर 2023 से नामित शिक्षण संस्थानों को हर आवेदन के स्वीकारता पत्र को IRCC  को दिखाना होगा। इस फैसले के बाद छात्रों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। 
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