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सिंगापुर में ब्रिटिश बैंड ‘Massive Attack’ पर लगा बैन, फिलिस्तीनी झंडा दिखाकर लगाए थे ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे

ब्रिटिश बैंड 'मैसिव अटैक' को सिंगापुर में बैन लगा दिया गया है. एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान मंच पर बैंड ने फिलिस्तीन के समर्थन में फिलिस्तीनी झंडा दिखाकर, फ्री फिलिस्तीन के नारे लगाए थे.

Image Credits: massiveattackofficial/Instagram/X
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ब्रिटिश बैंड 'मैसिव अटैक' पर सिंगापुर में बैन लगा दिया गया है. बताया जा रहा है कि सिंगापुर में एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान मंच पर बैंड ने फिलिस्तीन के समर्थन में फिलिस्तीनी झंडा दिखाकर और नारेबाजी कर अपनी भावनाएं ज़ाहिर की थीं. 

ब्रिटिश बैंड 'मैसिव अटैक' पर बड़ी कार्रवाई 

अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को हुए शो में बैंड के दो सदस्यों ने फिलिस्तीन का झंडा लहराया और फ्री फिलिस्तीन के नारे लगाए. खबर है कि दर्शकों में से कुछ लोग भी उनके साथ शामिल हो गए थे. हालांकि अब सिंगापुर पुलिस ने ब्रिटिश बैंड 'मैसिव अटैक'  पर बड़ी कार्रवाई की है. सिंगापुर पुलिस ने अब 'मैसिव अटैक' के देश में भविष्य में आने पर रोक लगा दी है. वहीं, मीडिया रेगुलेटर ने कहा है कि वह वहां परफॉर्मेंस के लिए उनकी भविष्य की अर्जियों को मंज़ूरी नहीं देगा. 

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इस एशियाई देश में सार्वजनिक भाषण और प्रदर्शन माने जाने वाले कार्यक्रमों को लेकर कड़े नियम हैं. उनका कहना है कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए इन पर नियंत्रण रखना ज़रूरी है. 

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पुलिस ने क्या कहा?

अधिकारियों ने पहले भी इज़राइल-गाज़ा युद्ध से जुड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों की जांच की है. इस साल की शुरुआत में, उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन में बिना मंज़ूरी के पदयात्रा आयोजित करने के लिए कई लोगों पर जुर्माना लगाया था.  पुलिस की एक प्रवक्ता ने  बताया कि जांच के बाद, बैंड के दो सदस्यों को 'फॉरेन नेशनल एम्ब्लेम्स (कंट्रोल ऑफ़ डिस्प्ले) एक्ट 1949' की धारा 3 और 'पब्लिक ऑर्डर एक्ट' की धारा 16 के तहत कथित अपराधों के लिए "सख्त चेतावनी" जारी की गई थी. 

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‘बाहरी घटनाओं को अपने समाज पर असर नहीं डालने देना चाहिए’

ये दोनों कानून ज़्यादातर मामलों में सार्वजनिक रूप से विदेशी झंडे दिखाने पर रोक लगाते हैं और राजनीतिक प्रकृति के सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए शर्तें तय करते हैं. प्रवक्ता ने कहा कि सिंगापुर पुलिस "ऐसी गतिविधियों को गंभीरता से लेती है जिनसे सिंगापुर में नस्लीय और धार्मिक सद्भाव को नुकसान पहुंच सकता है”.

उन्होंने आगे कहा, "सिंगापुर में अलग-अलग नस्लों और धर्मों के बीच शांति और सद्भाव को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, और हमें बाहरी घटनाओं को अपने समाज पर असर नहीं डालने देना चाहिए. “

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'मैसिव अटैक' के सदस्य को गिरफ़्तार किया गया था

'मैसिव अटैक' अभी वर्ल्ड टूर पर है और बुधवार की परफॉर्मेंस सिंगापुर में उनका एकमात्र शो था. ट्रिप-हॉप जॉनर की शुरुआत करने वाला यह बैंड लंबे समय से कई मुद्दों पर, जिसमें गाज़ा युद्ध भी शामिल है, खुलकर राजनीतिक रुख अपनाने के लिए जाना जाता है. इस ग्रुप में अभी संस्थापक सदस्य रॉबर्ट डेल नाजा और ग्रांट मार्शल शामिल हैं.

डेल नाजा को इस साल की शुरुआत में लंदन में एक प्रदर्शन में हिस्सा लेने पर गिरफ्तार किया गया था. उन पर 'फिलिस्तीन एक्शन' का समर्थन करने का आरोप था, जो यूके में एक प्रतिबंधित संगठन है. 

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'सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए ऐसा करना ज़रूरी'

सिंगापुर ने इज़राइल-गाज़ा युद्ध को लेकर लोगों की भावनाओं के सार्वजनिक इज़हार पर कड़ा रुख अपनाया है. इस मिली-जुली संस्कृति वाले देश के अधिकारियों का कहना है कि नस्लीय और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए ऐसा करना ज़रूरी है.

सिंगापुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है 

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2023 में, गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इज़राइल-गाज़ा युद्ध से जुड़ी चीज़ों, जिनमें विदेशी राष्ट्रीय प्रतीक भी शामिल हैं, को सार्वजनिक रूप से दिखाने या पहनने के ख़िलाफ़ सलाह दी थी.सिंगापुर पुलिस ने ऑफ़लाइन और ऑनलाइन कार्यक्रमों की जाँच भी शुरू कर दी है और युद्ध से जुड़ी सार्वजनिक सभाओं पर प्रभावी रूप से रोक लगा दी है.

सिंगापुर सरकार लगातार "टू-स्टेट सॉल्यूशन" (दो-देश समाधान) का समर्थन करती रही है, जिसके तहत इज़राइल के साथ-साथ एक फ़िलिस्तीनी देश का अस्तित्व होगा, और साथ ही संयुक्त राष्ट्र में फ़िलिस्तीन को पूरी सदस्यता भी मिलेगी.

जांच पूरी होने के बाद होगी कार्रवाई 

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पुलिस की प्रवक्ता ने कहा कि सिंगापुर का मीडिया रेगुलेटर अभी भी कॉन्सर्ट के लिए तय की गई कई लाइसेंस शर्तों के संभावित उल्लंघन की जाँच कर रहा है और जाँच पूरी होने पर ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि इन शर्तों में एक शर्त यह भी थी कि किसी भी मकसद के समर्थन में झंडे नहीं दिखाए जाएँगे.

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