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वीजा रद्द, स्क्रूटनी टाइट, रडार पर सोशल मीडिया...मक्का समझौते में एंट्री को उतावला था बांग्लादेश, UAE ने सिखा दिया सबक
मक्का समझौते में शामिल होने को बहुत उतावला हो रहा था बांग्लादेश. इसका अंजाम अब उसके आम लोगों को भुगतना पड़ेगा. UAE ने ना सिर्फ उसके 4800 मजदूरों को घर बैठा दिया, वीजा रद्द कर दिए, बल्कि सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी नज़र रखी जा रही है.
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सऊदी-पाकिस्तान और तुर्की के सैन्य समझौते मक्का एग्रेमेंट में शामिल होने के लिए बहुत उतावला हो रहा था. उसकी बड़ी ख्वाहिश थी कि वो अपने पड़ोसी भारत को छोड़कर दूर के सैन्य गठबंधन में शामिल हो. उसे मुस्लिम उम्मा की बड़ी ही याद आ रही थी, लेकिन सऊदी के ही पड़ोसी और एक बड़े मुस्लिम देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने उसे बड़ा झटका दिया है. UAE ने करीब 4,000 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं.
UAE ने एक झटके में 4800 बांग्लादेशियों का वीजा किए रद्द
'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार ये सभी माइग्रेंट वर्कर्स छुट्टियों में अपने घर गए थे, जहां उन्हें मेल के जरिए काम पर नहीं आने की सूचना दी गई और सभी के वीजा रद्द कर दिए गए, जिस कारण ये सभी बांग्लादेश में ही फंस गए. ये अब UAE की उड़ान दूसरे काम की खोज के लिए जा भी नहीं सकते. इन मजदूरों का आरोप है कि जो वीजा रद्द होने वा ईमेल आया उसमें यह नहीं बताया गया कि वे अपनी नौकरी या कारोबार पर वापस क्यों नहीं जा सकते.
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'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने 4,000 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं, जिससे उनमें से कई लोग अपने देश में ही फंस गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, छुट्टी पर बांग्लादेश लौटे कुछ लोगों का आरोप है कि वीजा रद्द होने के ईमेल में यह नहीं बताया गया कि वे अपनी नौकरी या कारोबार पर वापस क्यों नहीं जा सकते.
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जुलाई से ही आनी शुरू हुईं ख़बरें, तारिक सरकार ने साधे रखी चुप्पी!
वहीं खलीज टाइम्स' की मानें तो बीते जुलाई से ही इन बांग्लादेशियों का वीजा रद्द होने की खबरें आनी शुरू हो गई थीं. इस संबंध में सवाल भी पूछा गया था, तो अबू धाबी में बांग्लादेश दूतावास ने अपने ही नागरिकों से अफवाहें न फैलाने की अपील की थी और किसी भी अपडेट के लिए आधिकारिक चैनलों पर ही विश्वास और इस्तेमाल का अनुरोध किया था. इसी बीच एक और रिपोर्ट के मुताबिक UAE की ओर से बांग्लादेशियों के वीजा रद्द होने वालों की संख्या बढ़कर 4800 हो गई है.
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बांग्लादेशियों ने तारिक सरकार को दी 22 सितंबर की डेडलाइन
इसी बीच इतनी भारी मात्रा में वर्कर्स के वीजा रद्द होने और कानों-कान ख़बर नहीं होने के साथ-साथ काफी दिनों तक चुप्पी साधे रहने को लेकर बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार सवालों के घेरे में हैं. इतना ही नहीं आरोप लग रहे हैं कि सरकार को इतने दिनों तक पता होनेे के बावजूद उसने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया और इनके लिए यूएई की सरकार से हाईलेवल नेगोशिएशंस नहीं किए. इसके बाद 7 सितंबर को इन्हीं में से करीब 350 बांग्लादेशी नागरिकों की ओर से नेशनल प्रेस क्लब में एक पीसी हुई और इस मुद्दे के समाधान खोजने और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार को 22 सितंबर तक का समय दिया है. आपको बता दें कि UAE ने बांग्लादेश के वैसे लोगों के भी वीजा रद्द किए हैं, जो करीब 25-27 साल से UAE में रह रहे थे.
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UAE के रडार पर बांग्लादेशी सोशल मीडिया हैंडल्स
इस पूरे मसले के पीछे की वजह बताते हुए 'सेंटर फॉर नॉन-रेसिडेंट बांग्लादेशी' के अध्यक्ष एमएस शकील चौधरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच UAE ने वीजा की जांच-पड़ताल बढ़ा दी है, पहले के मुकाबले ज़्यादा बारीकी से जांच की जा रही है. इतना ही नहीं उन्होंने 'द डेली स्टार' को बताया कि सोशल मीडिया पर की जाने वाली गतिविधियों और ऐसी किसी भी चीज़ पर भी नजर रखी जा रही है जिसे सुरक्षा के लिहाज़ से चिंताजनक माना जा सकता है.
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आपको बता दें कि मिडिल ईस्ट जंग के दौरान बहरीन, यूएई सहित कई देशों में ईरानी हमलों का जश्न मनाने, उसके वीडियो पोस्ट करने और उसका समर्थन करने के आरोप में कई पाकिस्तानियों सहित बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया था. ये वही लोग थे जो रहना और कमाना तो इन गल्फ कंट्री में कर रहे थे, लेकिन समर्थन ईरानी हमलों का कर रहे थे जिमसें कि उनके आम नागरिक मारे जा रहे थे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अटैक किए जा रहे थे.