×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

रेलवे के नियमों में बड़ा बदलाव, खाली सीट तुरंत होगी अलॉट, TTE से मिन्नतों का झंझट खत्म

Indian Railway: बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा चार्ट बनने से 24 घंटे पहले तक ही मिलती है.. इसके बाद न तो बोर्डिंग बदली जा सकती है और न ही किसी दूसरे स्टेशन से सफर शुरू किया जा सकता है.

रेलवे के नियमों में बड़ा बदलाव, खाली सीट तुरंत होगी अलॉट, TTE से मिन्नतों का झंझट खत्म
Image Source: Social Media
Advertisement

Railway Rules: रेलवे में सफर करने वालों के लिए जल्द ही एक बड़ा और काम का बदलाव होने जा रहा है. अब ट्रेन में अगर कोई यात्री अपने तय बोर्डिंग स्टेशन से सफर शुरू नहीं करता है, तो टीटीई उसका इंतजार अगले स्टेशन तक नहीं करेगा. जैसे ही टीटीई टिकट चेकिंग के दौरान यह पाएगा कि यात्री बोर्डिंग स्टेशन पर नहीं आया है, वह तुरंत अपनी मशीन (ईएफटी) में उस सीट को “नॉट टर्न अप” दर्ज कर देगा. इसका मतलब होगा कि उस यात्री ने यात्रा शुरू नहीं की है और उसकी सीट अब खाली मानी जाएगी.

खाली सीट तुरंत दूसरे यात्री को मिलेगी

जैसे ही सिस्टम में सीट को खाली दिखाया जाएगा, वैसे ही वह सीट ट्रेन में सफर कर रहे किसी वेटिंग या आरएसी टिकट वाले यात्री को तुरंत आवंटित कर दी जाएगी. सीट मिलने की जानकारी यात्री के मोबाइल फोन पर सीधे मैसेज के जरिए पहुंच जाएगी. इससे यात्रियों को बार-बार टीटीई से पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सीट मिलने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी.

Advertisement

अब तक कैसे होता था सीट आवंटन

अभी तक नियम यह था कि अगर कोई यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन पर नहीं आता था, तो टीटीई अगले स्टेशन तक उसका इंतजार करता था. अगर वह यात्री अगले स्टेशन पर भी नहीं चढ़ता था, तभी उसकी सीट किसी दूसरे यात्री को दी जाती थी. इस वजह से कई बार खाली सीट होते हुए भी यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था. अब इस प्रक्रिया को खत्म करके सीट तुरंत आवंटित करने की तैयारी है.

सॉफ्टवेयर में होगा बदलाव

Advertisement

रेल मंत्रालय इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव करने जा रहा है. इसे लेकर रेलवे बोर्ड ने रेल सूचना प्रणाली केंद्र (क्रिस) को निर्देश भी दे दिए हैं. जैसे ही यह सिस्टम लागू होगा, टीटीई द्वारा की गई एंट्री तुरंत पूरे सिस्टम में अपडेट हो जाएगी और सीट का सही उपयोग हो सकेगा.

प्रतीक्षा और आरएसी यात्रियों को बड़ी राहत

इस नई व्यवस्था से सबसे ज्यादा फायदा उन यात्रियों को होगा, जो वेटिंग या आरएसी टिकट पर यात्रा कर रहे होते हैं. अब उन्हें यह जानने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा कि सीट मिलेगी या नहीं. जैसे ही कोई सीट खाली होगी, तुरंत अलॉट हो जाएगी. इससे ट्रेन में खाली सीटों का बेहतर प्रबंधन होगा और यात्रियों को ज्यादा सहूलियत मिलेगी. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम रेलवे के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम पहल है.

हर ट्रेन में होते हैं नॉट टर्न अप यात्री

Advertisement

यह भी पढ़ें

लगभग हर ट्रेन में कुल सीटों के मुकाबले तीन से पांच फीसदी यात्री ऐसे होते हैं, जो किसी कारण से यात्रा नहीं करते या फिर किसी दूसरे नजदीकी स्टेशन से चढ़ते हैं. ऐसे मामलों में जरूरी है कि यात्री उसी स्टेशन को अपना बोर्डिंग स्टेशन बनाएं, जहां से उन्हें चढ़ना है. बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा चार्ट बनने से 24 घंटे पहले तक ही मिलती है.. इसके बाद न तो बोर्डिंग बदली जा सकती है और न ही किसी दूसरे स्टेशन से सफर शुरू किया जा सकता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें