यूपी में हफ्ते में 2 दिन होगा वर्क फ्रॉम होम! PM मोदी की अपील के बाद योगी सरकार का बड़ा एक्शन, मंत्री-विधायकों को भी दी नसीहत
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद योगी सरकार एक्शन मोड में आ गई है. यूपी में बड़ी कंपनियों और स्टार्टअप्स में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की तैयारी है. साथ ही मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने और ‘नो व्हीकल डे’ अपनाने की अपील की गई है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी एक्शन मोड में नजर आ रही है. बदलते वैश्विक हालात, ऊर्जा संकट और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने बड़ा कदम उठाया है. लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बड़े औद्योगिक संस्थानों, आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की दिशा में एडवाइजरी जारी की जाए. सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
सरकार से ही शुरू होगा बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव, डीजीपी और कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में साफ कहा कि अगर जनता से बदलाव की उम्मीद की जा रही है तो इसकी शुरुआत सरकार को खुद करनी होगी. इसी सोच के तहत मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की गई है. साथ ही 'नो व्हीकल डे' मनाने का सुझाव भी सामने आया है. सीएम योगी ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में तत्काल 50 प्रतिशत तक कटौती के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अनावश्यक वाहनों को सरकारी फ्लीट से हटाया जाए ताकि ईंधन की बचत हो सके और जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए. यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से वीआईपी कल्चर और बड़े काफिलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं.
बड़े शहरों में बदलेगा ऑफिस टाइम
बैठक में ट्रैफिक जाम और बढ़ती ईंधन खपत को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि बड़े शहरों में कार्यालयों के समय को अलग-अलग बैचों में बांटा जाए ताकि पीक ऑवर में सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके. खासतौर पर लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और कानपुर जैसे शहरों में यह व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा सकता है. इसके साथ ही लोगों को मेट्रो सेवा का अधिक उपयोग करने, कार पूलिंग अपनाने और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की तरफ बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा. सरकार ने भीड़ वाले रूटों पर रोडवेज बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं. अधिकारियों का मानना है कि अगर बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं तो इससे पेट्रोल-डीजल की खपत में बड़ी कमी आ सकती है.
वर्चुअल बैठकों पर रहेगा जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी बैठकों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस को ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने के निर्देश दिए. राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकों को वर्चुअल मोड में करने की योजना बनाई जा रही है. शिक्षा विभाग को भी स्कूलों और कॉलेजों में डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि इससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी. कोविड काल के दौरान ऑनलाइन बैठकों का जो मॉडल सामने आया था, अब सरकार उसी अनुभव का इस्तेमाल ऊर्जा बचत और प्रशासनिक सुधार के लिए करना चाहती है.
बिजली बचत और सोलर ऊर्जा पर सरकार फोकस
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से बिजली बचाने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों, निजी संस्थानों और घरों में अनावश्यक बिजली खर्च रोका जाए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि रात 10 बजे के बाद व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और निजी प्रतिष्ठानों में सजावटी लाइटों का सीमित इस्तेमाल हो. इसके साथ ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर को तेजी से बढ़ावा देने पर जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के निर्देश भी दिए ताकि पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके. सरकार मानती है कि आने वाले समय में सौर ऊर्जा और स्वच्छ ईंधन ही सबसे बड़ा विकल्प बनेंगे.
विदेशी यात्राओं और सोने की खरीद पर भी अपील
सीएम योगी ने लोगों से अगले छह महीने तक गैर जरूरी विदेशी यात्राएं टालने की अपील की. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में ही पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और लोगों को अपने राज्य के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए यूपी के हेरिटेज स्थलों, किलों और धार्मिक जगहों को बढ़ावा देने की बात कही. सीएम योगी ने लोगों से अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचने की भी अपील की. प्रशासन को ज्वेलर्स एसोसिएशन और व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी चिंताओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. माना जा रहा है कि यह कदम विदेशी मुद्रा बचाने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में उठाया गया है.
ODOP और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों, शादियों और सरकारी आयोजनों में स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी उपहारों में ODOP और GI टैग वाले उत्पाद शामिल किए जाएं. इसके साथ ही खाद्य तेल के कम इस्तेमाल और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात भी कही गई.
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बताते चलें कि मुख्यमंत्री योगी ने साफ कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी हो गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान को जनआंदोलन बनाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार और जनता दोनों को मिलकर आत्मनिर्भर और ऊर्जा बचाने वाला भारत तैयार करना होगा.
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