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भोलेनाथ से फीस माफी की मन्नत के लिए चार बच्चों ने उठाई कांवड़, तो DM ने सीधे दफ्तर क्यों बुलाया?
कांवड़ यात्रा के दौरान फीस माफी की मन्नत मांगने वाले मथुरा के चार बच्चों की मदद के लिए प्रशासन आगे आया. जिलाधिकारी के निर्देश पर फीस माफ कराने के साथ बच्चों को ड्रेस, बैग, किताबें और अन्य जरूरी सामान दिया गया. SDM छाता ने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी ली.
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सावन के महीने में तमाम शिवभक्त अपनी मन की मनोकामनाओं को लेकर बाबा के दरबार पहुंचते हैं. इस दौरान सड़क पर तमाम अलग-अलग तरह के कांवड़ श्रद्धालु देखने को मिलते हैं. इस कड़ी में श्री कृष्ण की नगरी मथुरा से ऐसी खबर सामने आई है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. दरअसल, मथुरा में कांवड़ यात्रा के दौरान चार बच्चों ने भगवान भोलेनाथ से अपनी स्कूल फीस माफ होने की मन्नत मांगी. बच्चों की मासूम प्रार्थना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो यह बात जिला प्रशासन तक पहुंच गई. मथुरा के जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए परिवार की स्थिति की जानकारी ली और बच्चों को कलेक्ट्रेट बुलाया. इसके बाद चारों बच्चों की स्कूल फीस माफ कराने के साथ उन्हें पढ़ाई से जुड़ी जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई.
इनमें सबसे खास बात यह रही कि उप जिलाधिकारी छाता ने चारों बच्चों की संपूर्ण देखभाल की जिम्मेदारी लेने की पहल की. प्रशासन के इस कदम से परिवार को आर्थिक राहत मिलने के साथ बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का भरोसा भी मिला है.
आर्थिक परेशानी के बीच बच्चों ने भोलेनाथ से मांगी थी मदद
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मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र के बठैन गेट के पास बैंक कॉलोनी में रहने वाले भरत सिंह के चार बच्चे आर्थिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई से जुड़े खर्च को लेकर परेशानी में थे. परिवार के लिए चारों बच्चों की स्कूल फीस और पढ़ाई का जरूरी सामान जुटाना आसान नहीं था. कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों ने भगवान शिव से अपनी स्कूल फीस माफ होने की प्रार्थना की. बच्चों की यह बात किसी बड़े मंच पर नहीं, बल्कि बेहद सहज तरीके से सामने आई. लेकिन उनकी मासूम इच्छा का वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचते ही लोगों का ध्यान इस ओर गया. वीडियो वायरल होने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा और जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने तत्काल इसका संज्ञान लिया. इसके बाद प्रशासन ने परिवार से संपर्क कर उनकी आर्थिक स्थिति और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी जरूरतों की जानकारी ली. चारों बच्चों को कलेक्ट्रेट कार्यालय बुलाया गया, जहां उनके लिए शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई.
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सोशल मीडिया (एक्स) में प्रसारित सन्देश का संज्ञान लिया।
— DM Mathura (@DMMathura1) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 12, 2026
कोसीकलां के बठैन गेट के निकट स्थित बैंक कॉलोनी निवासी श्री भरत सिंह के 4 बच्चों को कलेक्ट्रेट कार्यालय बुलाया।
सभी बच्चों को 2-2 स्कूल ड्रेस, एक बैग, किताबों का सेट, पेंसिल बॉक्स, टिफिन/लंच बॉक्स, जूते, मोजे आदि प्रदान… pic.twitter.com/LdOIQQPMKo
फीस माफ होने के साथ मिला पढ़ाई का पूरा सामान
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प्रशासन की ओर से चारों बच्चों को केवल फीस के मामले में राहत नहीं दी गई, बल्कि स्कूल जाने के लिए जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया गया. प्रत्येक बच्चे को दो-दो स्कूल ड्रेस दी गईं. इसके अलावा स्कूल बैग, किताबों का सेट, पेंसिल बॉक्स, टिफिन या लंच बॉक्स, जूते और मोजे भी दिए गए. इन सुविधाओं का महत्व उस परिवार के लिए समझा जा सकता है, जहां बच्चों की पढ़ाई का खर्च आर्थिक परेशानी के बीच चिंता का कारण बना हुआ था. स्कूल की फीस माफ होने और जरूरी शैक्षणिक सामग्री मिलने से परिवार पर आर्थिक दबाव कम होगा. बच्चों को भी बिना किसी रुकावट के स्कूल जाने और पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी. प्रशासन की पहल का सबसे अहम हिस्सा चारों बच्चों की स्कूल फीस माफ कराना रहा. जिन बच्चों ने कांवड़ यात्रा के दौरान भोलेनाथ से फीस माफी की मन्नत मांगी थी, उनकी वही बात आखिरकार प्रशासन तक पहुंची और उन्हें शिक्षा के मुद्दे पर बड़ी उपलब्धि मिली है.
SDM छाता ने ली बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी
इस मामले में प्रशासन की ओर से एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई. उप जिलाधिकारी छाता ने चारों बच्चों को गोद लेकर उनकी संपूर्ण देखभाल की जिम्मेदारी लेने की बात कही है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परिस्थितियां बच्चों की शिक्षा में आगे भी बाधा न बनें. प्रशासन की निगरानी से बच्चों की पढ़ाई और उनकी जरूरतों पर लगातार ध्यान दिया जा सकेगा. परिवार के लिए यह भरोसे की बात है कि बच्चों की शिक्षा को लेकर उन्हें अकेले आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा.
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परिवार को पहले से मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ
प्रशासन के अनुसार भरत सिंह का परिवार पहले से ही कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहा है. भरत सिंह प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लाभार्थी हैं. इसके अलावा भरत सिंह और उनकी पत्नी सुनीता को दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ भी मिल रहा है. अब बच्चों की शिक्षा के लिए प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है. फीस माफी और स्कूल से जुड़ी जरूरी सामग्री मिलने से परिवार को राहत मिली है और बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता भी कम हुई है.
सोशल मीडिया बना बच्चों की आवाज
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इस पूरे मामले में सोशल मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. बच्चों की फीस से जुड़ी परेशानी और भगवान भोलेनाथ से की गई उनकी प्रार्थना का वीडियो एक्स पर वायरल हुआ. इसी वीडियो के जरिए बच्चों की बात प्रशासन तक पहुंची. आमतौर पर सोशल मीडिया पर रोजाना हजारों वीडियो सामने आते हैं, लेकिन इस वीडियो ने सीधे प्रशासन का ध्यान खींचा. जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार की स्थिति की जानकारी कराई और उसके बाद बच्चों को मदद उपलब्ध कराई गई.
शिक्षा को लेकर प्रशासन की पहल
जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. चारों बच्चों की फीस माफ कराने और उन्हें पढ़ाई का जरूरी सामान उपलब्ध कराने की पहल को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है.
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बताते चलें कि इस घटना की सबसे भावुक बात यही है कि बच्चों ने अपनी परेशानी किसी अधिकारी से नहीं, बल्कि भोलेनाथ से कही थी. उनकी छोटी सी मन्नत सोशल मीडिया के रास्ते प्रशासन तक पहुंची और फिर मदद का रास्ता खुल गया. परिवार के लिए यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई जारी रहने का भरोसा भी है. बच्चों की मासूम प्रार्थना और प्रशासन की संवेदनशील पहल ने इस पूरे मामले को खास बना दिया है.