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फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा आसान,31 KM का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हो रहा तैयार

Faridabad to Jewar Airport: इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद फरीदाबाद और आसपास के इलाकों के लोगों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी और सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा.

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05 Mar 2026
( Updated: 05 Mar 2026
03:54 PM )
फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा आसान,31 KM का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हो रहा तैयार
Image Source: Social Media
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Faridabad to Jewar Airport: हरियाणा के फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे एयरपोर्ट के बीच सफर जल्द ही बहुत आसान होने वाला है. इसके लिए करीब 31 किलोमीटर लंबा 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है. इस परियोजना का उद्देश्य फरीदाबाद को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ना है, ताकि लोगों को आने-जाने में ज्यादा समय न लगे.
जब यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, तब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में सिर्फ 15 से 20 मिनट का समय लगेगा. अभी लोगों को इस दूरी को तय करने में काफी ज्यादा समय लगता है. इसलिए यह एक्सप्रेसवे इलाके के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा.

कैसा होगा एक्सप्रेसवे और कहां से शुरू होगा

यह एक्सप्रेसवे शुरू में 6 लेन का बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ दिया जाएगा, जिससे उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा.
यह सड़क फरीदाबाद में दिल्ली‑मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक रोड (सेक्टर-65) से शुरू होगी। इसके बाद यह हरियाणा से होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी और अंत में जेवर के पास दयानतपुर गांव के पास खत्म होगी, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक है.
इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 31 किलोमीटर है. इसमें से करीब 22 से 24 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में बनेगा, जबकि 7 से 9 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में आएगा.

इन गांवों से होकर गुजरेगा नया रास्ता

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यह एक्सप्रेसवे कुल 18 गांवों से होकर गुजरेगा. इनमें 12 गांव हरियाणा में और 6 गांव उत्तर प्रदेश में हैं.
हरियाणा के जिन गांवों से यह सड़क गुजरेगी, उनमें शाहपुर, सोतई, चंदावली, बहबलपुर, फफूंदा, पन्हेड़ा खुर्द, नरहावली, मेहमादपुर, हीरापुर, मोहना, कलन और बाघपुर शामिल हैं. इसके बाद यह सड़क उत्तर प्रदेश के झुप्पा, फलैदा बांगर, अमरपुर, करौली बांगर, वल्लभनगर और दयानतपुर गांव से होकर गुजरेगी. इस एक्सप्रेसवे के बनने से इन गांवों के लोगों को भी बेहतर सड़क और परिवहन सुविधा मिलेगी.

निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है

इस परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है. सड़क निर्माण का जिम्मा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के पास है. अब तक करीब 1200 पिलर तैयार किए जा चुके हैं और यमुना नदी के ऊपर पुल बनाने के लिए गर्डर लगाने का काम भी शुरू हो चुका है.
पूरे प्रोजेक्ट में लगभग 3000 पाइल्स तैयार किए जाने हैं, जिनमें से करीब 1200 पाइल्स का काम पूरा हो चुका है. इसके अलावा सड़क के ऊपर बनने वाले ढांचे के लिए गर्डर कास्टिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य की रफ्तार और तेज हो गई है.

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कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट

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इस पूरे एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2,414 करोड़ रुपये बताई जा रही है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस परियोजना को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि इसके कुछ हिस्से 2026 तक चालू भी किए जा सकते हैं.
इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद फरीदाबाद और आसपास के इलाकों के लोगों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी और सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा.

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