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'काफिर का खून तुम्हारे लिए’, कौन हैं ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले जज रवि दिवाकर, जिन्हें आतंकियों से फिर मिली धमकी

मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट में जज रवि कुमार दिवाकर ने महज 80 दिनों में 9 दोषियों को फांसी की सजा सुनाकर रिकॉर्ड भी बनाया है. आतंकियों ने उनकी फोटो पोस्ट कर जान से मारने की धमकी दी है.

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25 Jun 2026
( Updated: 25 Jun 2026
06:32 PM )
'काफिर का खून तुम्हारे लिए’, कौन हैं ज्ञानवापी सर्वे का आदेश देने वाले जज रवि दिवाकर, जिन्हें आतंकियों से फिर मिली धमकी
Image Source- IANS/Social Media
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मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर इन दिनों चर्चा में हैं. उनके चर्चा में आने की वजह उनके फैसलों का रिकॉर्ड है. उन्होंने महज 80 दिनों के ट्रायल में 9 दोषियों को सजा ए मौत सुनाई है, लेकिन अपराधियों का हिसाब करने वाले जज रवि कुमार दिवाकर को खुद पुलिस से सुरक्षा मांगनी पड़ रही है. 

जज रवि कुमार की नजर में केस को लंबे समय तक पेंडिंग रखना और पीड़ित को न्याय के लिए भटकाना भी एक अपराध है. इसलिए इन्होंने 80 दिनों में 9 अपराधियों को फांसी की सजा सुनाई है. उन्होंने अब अपने आवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की मांग की है. उन्होंने SSP संजय कुमार वर्मा को एक पत्र लिखकर अपनी जान पर खतरा बताया. 

ज्ञानवापी के सर्वे का फैसला किया

जज रवि कुमार दिवाकर ने चार साल पहले वाराणसी में अपनी तैनाती के दौरान शृंगार गौरी और ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वे के आदेश दिए थे. इसके बाद उन्हें आतंकियों से जानलेवा धमकियां भी मिली थी. 

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अब सुरक्षा की मांग करते हुए उन्होंने SSP को लेटर लिखा. पत्र में उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एसएसपा एटीएस की जांच का हवाला दिया है. जांच में सामने आया कि ISIS से जुड़े दो आतंकवादियों को 25 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था. इन आतंकियों ने दिल्ली के बाजारों और उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर आत्मघाती हमले की साजिश रची थी. अयोध्या का राम मंदिर भी इनमें शामिल था.

आतंकियों ने तस्वीर के साथ लिखा था 'काफिर'

आतंकवादी अदनान खान ने इंस्टाग्राम पर न्यायाधीश दिवाकर की फोटो पोस्ट करते हुए तस्वीर पर लाल रंग से काफिर लिखा और जान से मारने की धमकी दी थी. आतंकी ने धमकी देते हुए कहा था, काफिर का खून तुम्हारे लिए हलाल है, जो तुम्हारे दीन के खिलाफ लड़ रहे हैं. इस पोस्ट का हवाला देते हुए जज रवि कुमार दिवाकर ने अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी. SSP संजय वर्मा का कहना है कि पुलिस लाइन से गार्ड में तीन पुलिसकर्मी और एक गनर जज दिवाकर को पहले ही दिया जा चुका है. 

80 दिन में 9 लोगों को फांसी की सजा

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जज रवि कुमार दिवाकर ने मुजफ्फरनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट में में 29 नवंबर 2025 को कार्यभार ग्रहण किया था. उन्होंने चार मामलों में फांसी की सजा सुनाई है. इस बार उन्होंने अपनी जान पर खतरा जताते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियां उनकी बरेली में पिछली तैनाती से कहीं ज्यादा संवेदनशील हैं. 

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ज्ञानवापी पर फैसला सुनाने पर मिली थी धमकियां 

न्यायधीश रवि कुमार दिवाकर ने बताया था कि जून 2022 में वाराणसी में उन्हें इस्लामिक आगाज मूवमेंट नाम के संगठन से एक धमकी भरा पत्र मिला था. इस पत्र में उन्हें ‘काफिर बुतपरस्त हिंदू न्यायाधीश’ कहते हुए धमकाया गया था. अब SSP को लिखे ताजा लेटर में भी जज रवि कुमार ने इस बार मिलने वाली धमकियों को वाराणसी जैसी ही बताया, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई. 

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