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उज्जैन महाकाल परिसर के नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़, कई श्रद्धालु घायल, नागपंचमी पर जुटी थी भारी भीड़
ये मंदिर महाकाल परिसर में ही है. नागपंचमी और सावन के सोमवार पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया है
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महाकाल की नगरी उज्जैन में सावन के तीसरे सोमवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां साल में एक बार केवल नागपंचमी पर खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ मच गई. जिसमें कई श्रद्धालुओं के गायल होने की खबर है.
Two people shifted to a hospital after they complained of nausea: Ujjain SP Pradeep Sharma https://t.co/RNhOTnCeuy
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 17, 2026
ये मंदिर महाकाल परिसर में ही है. नागपंचमी और सावन के सोमवार पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. देखते ही देखते अफरा-तफरी जैसे हालात हो गए. जिससे कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई. फिलहाल घायल श्रद्धालुओं को उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
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#WATCH | Madhya Pradesh: Injuries reported after a stampede-like situation among the devotees at Mahakaleshwar Nath Chandreshwar Mandir in Ujjain.
Meenu, mother of a man admitted to hospital says, "This occurred at Harsiddhi Chauraha. He came under a barricade when he was going… pic.twitter.com/cNLuRxWXrO— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 17, 2026Advertisement
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उज्जैन में नागचंद्रेश्वर का एक ऐसा मंदिर है जो नाग पंचमी के मौके पर 24 घंटे के लिए श्रद्धालुओं के लिए खुलता है. रविवार की रात को 12 बजे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना हुई और श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए कपाट खोल दिए गए. यह मंदिर 364 दिन बंद रहता है और सिर्फ नाग पंचमी के दिन खुलता है. मान्यता है कि नागराज तक्षक ने भगवान शिव से एकांत और निर्बाध साधना की इच्छा जताई थी. इसी कारण नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट वर्षभर बंद रखने की परंपरा चली आ रही है.
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