पंजाब की महिलाओं के खाते में फिर आई ‘सम्मान राशि’, CM मान ने कहा- आत्म-विश्वास और स्वाभिमान बढ़ाएगी ये योजना
CM मान ने कहा, पंजाब की मांएं-बेटियों के लिए अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर महीने की दूसरी किस्त जारी की जा रही है और 36.87 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 1,262.54 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर होंगे.
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पंजाब में 'मावां-धीआं सतिकार योजना' के तहत 3,000 से 4,500 रुपये सीधे खातों में ट्रांसफर होने की पुष्टि वाले मैसेज मिलते ही पंजाब की महिलाओं के चेहरों पर छा गई. इस योजना ने पंजाब में सकारात्मक प्रभाव पर मोहर लगा दी है. जिसके चलते राज्य भर की महिलाएं फिर से भगवंत मान सरकार लाने के हक में नारा लगा रही हैं.
श्री गोइंदवाल साहिब में CM भगवंत मान ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, उनकी सरकार लोगों के टैक्स का पैसा सीधा उनकी भलाई वाली योजनाओं में लगा रही है. मान सरकार ने दावा किया कि जब तक उनकी सरकार सत्ता में रहेगी, महिलाओं के मोबाइल फोनों पर 'टूं-टूं' के संदेश लगातार पहुंचते रहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि अगर कांग्रेस, भाजपा या अकाली दल सत्ता में आते हैं तो महिलाओं की मासिक सम्मान राशि, मुफ्त बिजली और मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी.
CM मान ने क्या कहा?
अपने 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, ‘श्री गोइंदवाल साहिब में हुए समागम में इतनी बड़ी संख्या में पहुंचने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद. आज 'मावां धीआं सतिकार योजना' के तहत मांएं-बेटियों के खातों में 3,000 से 4,500 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. हमारी सरकार लोगों के टैक्स का पैसा सिर्फ और सिर्फ उनकी भलाई पर खर्च कर रही है. इसी ईमानदार नीति की बदौलत पंजाब आज शिक्षा और अन्य जनसेवाओं में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है, इंकलाब जिंदाबाद.’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महान सिख गुरु साहिबान की चरण स्पर्श प्राप्त इस पवित्र धरती पर नतमस्तक होकर अपनी श्रद्धा और सम्मान भेंट किया. इस दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘यह वही पवित्र धरती है, जहां श्री गुरु अमरदास जी ने सती प्रथा का अंत किया और लंगर प्रथा को और मजबूत किया. जिसमें माता खीवी जी ने खुद सेवा निभाई. उन्होंने कहा कि इसी लिए हमने 'मावां-धीआं सतिकार योजना' के लिए इस महान और ऐतिहासिक धरती का चयन किया है.
CM मान ने कहा, पंजाब की मांएं-बेटियों के लिए अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर महीने की दूसरी किस्त जारी की जा रही है और 36.87 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 1,262.54 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘आज हर महिला को तीन महीने की किस्त एक साथ मिल रही है. इससे पहले 73.99 लाख महिलाओं को सम्मान राशि के रूप में 2,562.33 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. आज की राशि को मिलाकर अब तक महिलाओं के बैंक खातों में सम्मान राशि के रूप में कुल 3,824.87 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा चुके हैं.’
उन्होंने कहा, ‘यह योजना एक सामाजिक क्रांति है, जो हमारी मांएं-बेटियों का आत्म-विश्वास और स्वाभिमान बढ़ाएगी. यह महिलाओं की आर्थिक आजादी का मार्ग भी है. पंजाब की लगभग 97 फीसदी महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के योग्य होंगी. यह देश की अपनी तरह की पहली ऐसी योजना है, जिसके तहत सभी योग्य महिलाओं को सम्मान राशि दी जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सम्मान योजना का लाभ एक करोड़ महिलाओं तक पहुंचाना है.’
उन्होंने कहा, इस योजना के तहत कोई शर्तें नहीं हैं. अगर एक ही परिवार में तीन महिलाएं योग्य हैं तो तीनों ही सम्मान राशि लेने की हकदार हैं. योजना के तहत महिलाओं की रजिस्ट्रेशन करवाने में 1.37 लाख 'सतिकार सखियों' ने सबसे बड़ा योगदान दिया है और उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में अब तक 51 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है.’
आंगनवाड़ी कर्मचारियों के लिए भी खुशखबरी
उन्होंने आगे बताया, ‘इसी तरह रजिस्ट्रेशन के काम में सहयोग दे रही आंगनवाड़ी वर्करों को भी 25 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी.’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सरकारों की जिम्मेदारी लोगों से टैक्स इकट्ठा करके उस पैसे को मुड़ लोगों की भलाई के लिए खर्च करने की होती है. चाहे वह विकास कार्य हों, खेतों के काम हों, सड़कों के काम हों, 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाने की बात हो या 70,000 से अधिक नौकरियों देने का मामला हो—हमारी सरकार लोगों के पैसे का इस्तेमाल लोक भलाई के लिए ईमानदारी से कर रही है. हमारी सरकार इस नेक काम के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही.’
उन्होंने कहा, ‘आम आदमी पार्टी ने आम परिवारों में से नेता पैदा करके उन्हें मौका दिया है. इससे पहले राजनीति पर बादल परिवार, कैप्टन परिवार या मजीठिया परिवार का ही दबदबा रहा.
जो पंजाब पर 25 साल राज करने के दावे करते थे, आज उनके पास 25 नेता भी नहीं बचे. सुखबीर बादल और अन्य जमानत पर बाहर हैं, जबकि रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा, जिनके पिता बादल साहिब के साथ जेल काटते रहे, आज 'आप' में शामिल हो गए हैं.’
अकाली दल पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अकाली दल पर हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘सुखदेव सिंह ढींडसा का पुत्र अकाली दल (पुनः सुरजीत) के साथ है, जबकि चंदूमाजरा का पुत्र पार्टी के दायरे से बाहर है. अकालियों ने धर्म का दुरुपयोग किया है, जिसके कारण वे अपने कुकर्मों के नतीजे भुगत रहे हैं.’
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर भी हमला बोला और कहा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रधान के पद से हटा दिया गया है और अब नया प्रधान नियुक्त किया जाएगा. उन्होंने कहा,
‘नया प्रधान भी कांग्रेसी नेताओं को एकजुट नहीं कर सकेगा. नए प्रधान की नियुक्ति के बाद उनके बीच आपसी लड़ाई और बढ़ेगी.’
उन्होंने स्पष्ट किया, ‘कांग्रेस के पास वर्कर कम और मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक नेता ज्यादा हैं. इन्हें लोगों की भलाई से कोई सरोकार नहीं, बल्कि सत्ता की भूख है.’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, ‘अकाली दल ने पंजाब पर 25 साल और कांग्रेस ने लगभग 30 साल राज किया, पर पंजाब को वह विकास नहीं मिला, जिसका सूबा हकदार था.
साल 2022 से हमारी सरकार ने विकास की नींव रखी है और अब नतीजे प्रत्यक्ष दिखाई देने लगे हैं.’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘केंद्र के मूल्यांकन अनुसार पंजाब स्कूली शिक्षा में 27वें स्थान से पहले स्थान पर आ गया है. हमने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है. हमने स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए हैं, अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया है और गैर-अध्यापन अमले की भर्ती करने के साथ-साथ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य उपाय भी किए हैं. इस मामले में हरियाणा और महाराष्ट्र भी पंजाब से बहुत पीछे हैं, जो सभी के लिए बहुत गर्व और संतोष की बात है.’
मुफ्त कोचिंग, बेहतर शिक्षा का दावा
CM मान ने कहा, हर साल लगभग 30 लाख विद्यार्थी नीट की परीक्षा देते हैं. जब मैंने पद संभाला था, तो पंजाब से सिर्फ 80 विद्यार्थी ही नीट पास करते थे. हमने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग शुरू की और इस साल 882 विद्यार्थियों ने नीट पास किया. इनमें से बहुत सारे बच्चे ऐसे परिवारों में से आते हैं, जिनके माता-पिता ने अपनी गुजर-बसर करने के लिए बहुत जद्दोजहद की है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, ‘लाल या नीला कार्ड चाहे दिन में दो बार का भोजन तो मुहैया करवा सकता है, पर यह गरीबी को खत्म नहीं कर सकता. जीवन स्तर को सिर्फ मियारी शिक्षा के जरिए ही ऊंचा उठाया जा सकता है. पिछली सरकारों ने गरीब-विरोधी नीतियां बनाईं, जिन्होंने मियारी शिक्षा को गरीब बच्चों की पहुंच से कोसों दूर रखा. हम यह यकीन बनाने के लिए काम कर रहे हैं कि गरीब परिवारों के बच्चों को मियारी शिक्षा और मौके मिलें.’
विकास की रफ्तार तेज होने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘2027 से 2032 तक विकास की रफ्तार और तेज होगी क्योंकि इस कार्यकाल के दौरान सूबे की सरकार की ओर से किए गए कोशिशों के नतीजे सामने आने शुरू हो जाएंगे.’
उन्होंने यह भी कहा, ‘हम यूपीएससी की तैयारी के लिए नए केंद्र खोलेंगे ताकि सूबे के बच्चे आईएएस और आईपीएस अधिकारी बन सकें.’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, ‘विरोधी पक्ष कहता था कि मुफ्त बिजली कभी भी हकीकत नहीं बनेगी, पर आज राज्य सरकार योग्य परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है.
हमने 1,080 करोड़ रुपये की लागत से गोइंदवाल साहिब थर्मल पावर प्लांट खरीदा। पंजाब में ऐसा पहली बार हुआ है और कोयले की कोई कमी नहीं है.’
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस, BJP और अकाली दल के नेता एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते, पर मुझे निशाना बनाते हैं क्योंकि उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही कि एक आम आदमी का पुत्र पूरी तनदेही और सुहिर्दता से राज्य की सेवा कर रहा है.’
गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर पलटवार
जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘अमित शाह ने जालंधर में अपने पूरे भाषण के दौरान मुझे निशाना बनाया. पंजाब सरकार, देश की सबसे बेहतर कारगुजारी वाली सरकार है और हर क्षेत्र में अग्रणी है.’
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उन्होंने कहा, ‘किसानों को अब खेती के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है और नहरी पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा है. हमने इस मकसद के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई हैं. यह दूरी दिल्ली और कनाडा के बीच की दूरी के बराबर है. इससे हमारी खेती में नई क्रांति का आधार बंधा है.’
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उन्होंने कहा, ‘अगर विरोधी पार्टियों की सरकार सत्ता में आती है तो वे 'मावां-धीआं सतिकार योजना', महिलाओं के लिए मुफ्त बस सफर और अन्य जनता भलाई योजनाएं बंद कर देंगे.’